फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिजली के लिए हाहाकार, दिन में दो घंटे भी नहीं मिल रही बिजली, शहरी क्षेत्र में भी लग रहे कट

विज्ञापन
विज्ञापन
बिजली किल्लत : दिन में दो घंटे भी नहीं मिल रही बिजली, शहरी क्षेत्र में भी लग रहे कट
विज्ञापन

- बिजली कर्मचारी धरने पर, किसान उतरे सड़कों पर
- बिजली किल्लत को लेकर किसानों ने पहले एसई व डीसी कार्यालय किया प्रदर्शन
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली ने भी अपना रूप दिखाना शुरू कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्र में जहां दिन के समय दो घंटे ही बिजली मिल रही है। वहीं, शहरी क्षेत्र में भी तीन से चार बार अघोषित कट लगने से लोग गर्मी में झुलस रहे हैं। भीषण गर्मी में बिजली कटों से लोग परेशान हैं। लोगों के इनवर्टर जवाब दे रहे हैं। बिजली किल्लत पर भड़के किसानों ने सोमवार को एसई कार्यालय व डीसी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद किसानों ने डीसी व एसई को ज्ञापन देकर बिजली शेड्यूल सहीं करने मांग की। उधर, लोग जहां बिजली के लिए तरस रहे हैं, वहीं बिजलीकर्मी धरने प्रदर्शन कर रहे हैं। सोमवार को भी बिजली कर्मचारियों ने एसई कार्यालय पर धरना दिया।

25 फीसदी बढ़ी बिजली की मांग
गर्मी अधिक होने से बिजली की मांग करीब 25 फीसदी बढ़ गई है। मई माह की शुरूआत में जिले में बिजली की खपत करीब 55 लाख यूनिट थी। जो अब बढ़कर 74.20 लाख यूनिट पहुंच गई है। गर्मी बढ़ने पंखे, कूलर, एसी, फ्रिज आदि चलाए जा रहे हैं। जिससे बिजली की खपत बढ़ी है। खपत बढ़ने से कट लग रहे हैं। जिसके चलते लोग बिजली को तरस रहे हैं। 42 से 45 डिग्री तापमान होने पर गांव में अधिकतर लोग बिजली के जाने पर पेड़ों की छांव का सहारे लेते हैं। वहीं, बिजली ने होने से लोगों के इनवर्टर बीप की आवाज दे रहे हैं।
विज्ञापन


प्रदर्शन
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली किल्लत पर भड़के किसानों ने भारतीय किसान संघ के प्रधान रामबीर चौहान के नेतृत्व में एसई कार्यालय पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के बाद यहां उन्होंने एसई योगराज को ज्ञापन दिया। इसके बाद किसानों ने लघु सचिवालय में प्रदर्शन किया और डीसी को ज्ञापन देकर ग्रामीण क्षेत्र में बिजली की सप्लाई में सुधार करने की मांग की। वहीं जिले के सभी फीडर्स पर दोपहर 12 बजे से शाम चार बजे तक बिजली सुनिश्चित की जाए। ताकि किसान व स्कूल से आए बच्चे रेस्ट कर सके। इसके अलावा कृषि कार्यों के लिए दस घंटे निरंतर बिजली दी जाए। ताकि किसान अपनी गन्ने की फसल व धान की रोपाई सही समय पर कर ले। ट्यूवबेलों पर जो बिजली दी जा रही है। उससे किसान को कोई लाभ नहीं हो रहा है। कुछ ही घंटे बिजली मिलती है। उसमें भी कई कट लगते है। मौके पर प्रदेश उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर, जिला सचिव पिंटू खानपुर, जिला उपाध्यक्ष विश्वास शर्मा, सुरेश राणा, वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष मोहकम सिंह, जिला उपाध्यक्ष राजकुमार, सदस्य श्याम सिंह त्यागी, मोहन कुमार, सरस्वती नगर के ब्लाक उपाध्यक्ष सुखविंद्र भंभौल, डॉ. नीरज, महेंद्र पाल आदि मौजूद रहे।

धरना :
एक तरफ जहां लोग बिजली को तरस रहे है, इधर, बिजली कर्मियों ने सरकार के खिलाफ एसई कार्यालय के समक्ष धरना दिया। यहां कर्मचारियों ने यूनिट प्रधान मनदीप शर्मा के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। मंदीप शर्मा व मोहन गजलाना ने कहा कि सब डिवीजन नंबर एक के तीन कर्मचारियों को सस्पेंड किया गया था। जिसके विरोध में नौ मई से उनका धरना चल रहा था। 28 मई को एसई ने दो बिजली कर्मचारियों के सस्पेंड आर्डर कैंसल कर दिए। लेकिन एक एएफएम कर्मचारी के आर्डर अभी तक रद नहीं करवाए गए। इसके चलते सोमवार को एसई कार्यालय के समक्ष कर्मचारियों ने प्रदर्शन किया। उन्होंने एसई को ज्ञापन देकर एएफएम साथी का सस्पेंड आर्डर रस करने की मांग की। प्रदर्शन में अशोक शर्मा, जय सिंह, राजेश कश्यप, केबी सिंह आदि मौजूद रहे।

परेशानी
ग्रामीण क्षेत्र में बिजली के शेड्यूल की बात की तो सुबह छह से 11 बजे तक ही बिजली आती है। इसके बाद शाम तक लोग बिजली को तरसते रहे है। रात को भी बिजली के दो से तीन घंटे के कट लगते है। ऐसे में लोग बिजली के परेशान होते है। बिजली निगम की माने तो शहर में 24 घंटे बिजली सप्लाई की जा रही है। लेकिन फिर भी लोग कई कई घंटे बिजली को तरस रहे है। सिविल अस्पताल में दिन में कई बार बिजली जाने से जहां मरीज गर्मी से जूझते रहे, वहीं दवाइयों की लाइन में लगी महिलाएं कागज के पंखे से हवा करती नजर आई।

रोजाना दो सौ तक शिकायतें
बिजली से संबंधित समस्याओं की बात की जाए तो जिले में डेढ़ सौ से लेकर दो सौ तक रोजाना ऐसी शिकायतें आती है। जिसमें बिजली का तार टूटने, ट्रांसफार्मर फ्यूज उड़ने सहित अन्य शिकायतें है। अकेले जगाधरी में 40 से 50 शिकायतें आती है। इसके अलावा यमुनानगर में भी 25 से 30 शिकायतें आती है। ये शिकायतें किसी फाल्ट के चलते बिजली न आने की होती है।
विज्ञापन


गर्मी बढ़ने के साथ ही बिजली की डिमांड भी काफी बढ़ी है। लेकिन विभाग की तरफ से बिजली कट नहीं लगाए जा रहे है। कुछ ग्रामीण क्षेत्र में ही बिजली की दिक्कत है। जिसका समाधान किया जा रहा है। बाकी शहरी क्षेत्र में फाल्ट के चलते बिजली जाती है। जहां तक किसानों की बात है, कुछ किसान उनसे मिले थे। शेड्यूल के हिसाब से किसानों को भी बिजली दी जाएगी।
- योगराज, एसई, यूएचबीवीएन, सर्कल कार्यालय यमुनानानर।
फोटो : 16, 17, 18
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें