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रखें ख्याल, पारा 43 े पार, अभी राहत के नहीं आसार

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रखें ख्याल, पारा 43 के पार, अभी राहत के नहीं आसार
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44 डिग्री पारे से शनिवार रहा सबसे गर्म दिन, 25 डिग्री रहा न्यूनतम
सात सेे दस किलोमीटर की गति से चलीं गर्म हवाओं ने ढहाया सितम
दोपहर के वक्त तेज धूप में काम करने से बढ़ा हीट स्ट्रोक का खतरा
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। सूर्यदेव के तेज से आसमान से बरसती आग से लोग बेहाल हैं। दोपहर के समय पारा बढ़कर 43 डिग्री सेल्सियस को पार कर रहा है। मौसम विभाग की मानें तो चार दिन में अधिकतम तापमान एक-दो डिग्री बढ़ेगा और गर्मी से राहत के आसार नहीं हैं। अधिकतम 44 डिग्री तापमान के साथ शनिवार अब तक का सबसे गर्म दिन रहा, जबकि दिन का न्यूनतम तापमान 25 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया। भीषण गर्मी के साथ सात से दस किलोमीटर गति से चलीं लू के रूप में गर्म हवाओं ने भी लोग पर सितम ढहाने का काम किया।
सप्ताह भर से पड़ती भीषण गर्मी में सुबह आठ बजे से घर से बाहर निकलते ही चुभती धूप महसूस होने लगती है। शनिवार को दिनभर घरों से बाहर निकले लोग तपती व झूलसा देने वाली धूप की चपेट में रहे। अधिकांश धूप से बचने को घरों व दफ्तरों में दुबके रहे, जिससे हर वक्त व्यस्त रहने वाली सडक़ें भी सुनसान रहीं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक अगले कुछ दिन मौसम ऐसा ही रहेगा। इसको मद्देनजर रख जिला प्रशासन की ओर से गर्मी व लू से बचने को एडवाइजरी जारी की गई है वहीं, विभागों के अधिकारियों से लोगों को गर्मी के प्रकोप से बचाने को जरूरी इंतजाम के निर्देश दिए गए।
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सीधे पड़ रही धूप से बढ़ रही गर्मी:
मौसम विशेषज्ञों के मुताबिक मई और जून के माह में पडने वाली गर्मी से राहत बारिश के अलावा बादलों से भी मिलती है। हवा में नमी बढने से भी तापमान का असर कम होता है। यह अलग बात है कि हवा में नमी अधिक होने से उमस परेशान करती है। वातावरण में नमी कम होने से धूप सीधे पड़ रही है। अगले कुछ दिनों तक मौसमी परिदृश्य नहीं बदलेगा। 29 मई तक पारा सामान्य से ऊपर ही बना रहेगा, इससे भीषण गर्मी जारी रहेगी।
बॉक्स आमजन परेशान
स्कूल-कॉलेजों के विद्यार्थियों व नौकरीपेशा लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। स्कूल व काम पर सुबह जाते वक्त धूप कुछ कम होती है, लेकिन दोपहर बाद घर लौटते वक्त तपती व झूलसा देने वाली धूप का सामना करना पड़ता है। इसके अलावा सात से दस किलोमीटर गति से चल रही लू सामना करना पड़ता है। इस बीच दोपहिया चालकों को गर्म हवाओं के थपेड़े झेलने पड़ते हैं।
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हीट स्ट्रोक से हो सकती है मौत:
सरकारी अस्पताल के डॉक्टरों का कहन है कि बढ़ते तापमान के मद्देनजर यदि सावधानी न बरती जाए तो गर्म हवाओं व लू से शारीरिक तनाव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इससे मृत्यु भी हो सकती है। लू के प्रभाव को कम करने व हीट स्ट्रोक से बचाव के लिए आपदा प्रबंधन विभाग की ओर से एडवाईजरी जारी की गई है।
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हीट स्ट्रोक के लक्षण:
गर्मी के स्ट्रोक, गर्मी के दाने या गर्मी के ऐंठन, कमजोरी, चक्कर आना, सिद दर्द, दौरा आना, बेहोशी या बीमार महसूस करना आदि हीट स्ट्रोक के लक्षण हैं। इस पर तत्काल चिकित्सक से परामर्श करें।
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ऑल फिट डाइट क्लीनिक से कामना दुग्गल ने बताया कि गर्मी व लू से बचाने को आपकी डाइट भी मदद कर सकती है। इन दिनों डाइट प्लान करके चलें और पेय पदार्थों को ज्यादा सेवन करें। बाहर कहीं भी जाएं तो स्मार्ट पैकेट कैरी करें, जिसमें पानी, ग्लूकॉज, नमक, चीनी, लस्सी, नींबू व रसों वाले फल रख सकते हैं। नमक- ग्लूकोज, चीनी व नमक का मिश्रण लेने से शरीर को अच्छी ऊर्जा मिलती है। खट्टे फल व नींबू आदि के सेवन से स्किन सही रहती है।
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वर्जन
भीषण गर्मी के समय खुद को लू से बचाएं व खासकर बच्चों व बुजुर्गों के प्रति एहतियात बरते जाने की जरूरत है। अभी हीट स्ट्रोक का कोई केस नहीं आया है। अस्पताल के पास बचाव के पूरे संसाधन हैं। गर्मी को लेकर एडवाइजरी भी जारी कर दी गई है।-डॉ. विजय दहिया, चिकित्सा अधीक्षक
फोटो-3 व 4
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