निगम ने लगाए 77 कार्यों के लिए 8 करोड़ के टेंडर, विपक्षी पार्षदों ने बताई राजनीतिक फायदा लेने की चाल
- वार्ड 7 से 17 व 19 में बनेंगी व सुधरेंगी सड़कें व गलियां, पानी निकासी हेतु नालियों पर खर्च होगी राशि
- वर्क अलॉट के बाद दो-चार माह में पूरे करने होंगे कार्य, मानसून व आचार संहिता बन सकते हैं खलल
- इनेलो-कांग्रेस पार्षद बोले- आधे से ज्यादा काम पुराने, चुनाव को देखते हुए अब फटाफट लगाए जा रहे टेंडर
- आरोप- हाउस में पास कार्यों के नहीं लगते टेंडर, उनके वार्ड में सेंध लगा अपने चहेतों के काम करवा रही सरकार
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
नगर निगम चुनाव की सुगबुगाहट शुरू हो चुकी है। चुनाव करीब आते ही नगर निगम ने विकास कार्यों में तेजी दिखानी शुरू कर दी है। फटाफट तमाम विकास कार्यों के टेंडर जारी हो रहे हैं, जिनकी फाइलें एक से दूसरे दफ्तर में दौड़ने लगी हैं। अब जब चुनाव व मानसून करीब है, निगम ने वार्ड नंबर-7 से 17 व 19 में आठ करोड़ से अधिक राशि से होने वाले 77 विकास कार्यों के टेंडर जारी कर दिए हैं, जिसकी ओपनिंग डेट पांच जून है। चुनाव से ठीक पहले करोड़ों के टेंडर जारी होने पर इनेलो व कांग्रेस पार्षद तीखी प्रतिक्रिया दे रहे हैं। उनकी मानें तो 77 कार्यों की लिस्ट में अधिकांश काम ऐसे हैं, जिनके बहुत पहले टेंडर व वर्क अलॉट हो जाने चाहिए थे। पार्षदों का आरोप है कि हाउस में पास उनके वार्ड के कार्यों के टेंडर नहीं लग पा रहे हैं और वह एस्टीमेट बनाने व फाइलों तक में सिमट गए हैं। जबकि उनके वार्ड में ही सेंध लगाकर भाजपा निगम चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने को चहेतों के काम करवा रही है।
12 वार्डों में होंगे ये काम
नगर निगम द्वारा लगाए गए टेंडर के मुताबिक वार्ड नंबर सात, आठ, नौ, दस, 11, 12, 13, 14, 15, 16, 17 व 19 में सड़कों व गलियों के निर्माण व मरम्मत व पानी निकासी के लिए नालियों व अंडरग्राउंड पाइप लाइन डालने के कार्य होंगे। इन समेत कुल 77 विकास कार्य आठ करोड़ पांच लाख 23 हजार की लागत से होने हैं। उक्त कार्यों में अलग-अलग कार्यों को वर्क अलॉट होने के बाद संबंधित फर्म व ठेकेदार द्वारा पूरा करने की अवधि दो, तीन व चार माह तय की गई है।
किस वार्ड में कितने होंगे खर्च
वार्ड राशि
सात 2842000
आठ 4103000
नौ 11266000
दस 7918000
11 5967000
12 1200000
13 6865000
14 15337000
15 7397000
16 7330000
17 5198000
19 4800000
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मानसून व आचार संहिता से अधर में लटक सकते काम:
हालांकि अभी नगर निगम चुनाव कब होंगे, इसकी घोषणा नहीं हुई है। जबकि इसको लेकर सरगर्मी तेज है और जानकारों का मानना है कि जून-जुलाई के बीच चुनाव हो सकते हैं। इसी तरह जुलाई माह में मानसून के आने की भी संभावना है। ऐसे में अगर जल्द टेंडर व वर्क अलॉट प्रक्रिया न हुई तो यह कार्य अधर में लटक सकते हैं। चूंकि एक ओर जहां चुनावी आचार संहिता लगने पर कोई नए कार्य जारी नहीं हो पाते हैं वहीं, मानसून में सड़क, गलियों, नालियों के निर्माण व मरम्मत कार्य नहीं हो पाते हैं।
एक साल से नहीं लगे 50-50 लाख की एमसी ग्रांट के टेंडर:
पार्षदों का आरोप है कि वह हाउस में पास हुए अपने वार्ड में होने वाले कार्यों के टेंडर लगाने को चक्कर काट रहे हैं, लेकिन नगर निगम अफसर मनमर्जी से टेंडर लगा रहे हैं। उन्होंने बताया कि बीते 19 अप्रैल 2017 से हाउस में पास होने के बाद भी 50-50 लाख की एमसी ग्रांट के टेंडर नहीं लगाए जा रहे हैं।
वार्ड नंबर-11 से इनेलो पार्षद अजय कुमार उर्फ बिल्लू ने कहा कि उनके वार्ड में इंदिरा आवास, वाल्मीकि बस्ती, महावीर कॉलोनी, मुंडा माजरा सहित कई एससी बहुल कॉलोनियां हैं, जहां बीते चार साल में विकास न हो पाया। इन सहित उनके वार्ड की विभिन्न कॉलोनियों के हाउस में पास हुए करीब 59 लाख के कार्यों के टेंडर नहीं लग पाए। इसके लिए कई बार अधिकारियों के चक्कर काट चुके हैं, लेकिन बात नहीं बनी। अब अपने चहेतों को खुश करने हेतू कार्य कराने के लिए टेंडर लगा दिए है। यह सरकार की आगामी निगम चुनाव में राजनीतिक फायदा लेने की चाल है और शहर के लोगों के साथ भेदभाव है।
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जिसे कभी बताया था जंगल, वही वार्ड में लगाए डेढ़ करोड़ के टेंडर: वार्ड नंबर-14 से कांग्रेस की निर्मल चौहान ने कहा कि कभी हाउस की बैठक में उनके वार्ड की कॉलोनियों को जंगल बताया गया था। आज वहीं डेढ़ करोड़ से अधिक के कार्यों के लिए टेंडर लगाए जा रहे हैं। यह चुनाव से पहले सरकार की सोची-समझी राजनीति का हिस्सा है। चार साल में कभी उनके वार्ड की याद नहीं आई, अब विपक्षी पार्षदों के वार्ड में सेंध लगाकर सरकार अपने चहेतों को काम करवा रही है।
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टेंडर न लगाए जाने से पेंडिंग पड़े वार्ड के कई काम: वार्ड नंबर-12 से इनेलो पार्षद प्रिया डे ने कहा कि उनके वार्ड में 12 लाख रुपये से होने वाले सड़क व नाली निर्माण का टेंडर लगा है, यह काम हाउस में पास होने के बाद एक वर्ष से पेंडिंग है। इसी तरह अन्य उनके वार्ड में सड़कों, गलियों, नालियों, पुलियों के काम टेंडर न लगाए जाने से पेंडिंग है और अब मानसून व चुनाव के चलते आचार संहिता लगने पर वह भी पूरे होते नहीं नजर आ रहे हैं।
वर्जन
यह कार्य सीएम अनाउंसमेंट के तहत होने हैं। इनके टेंडर का चुनाव से कोई संबंध नहीं है, बल्कि हर माह करोड़ों रुपये के टेंडर लगते हैं। सभी वार्डों के विकास की लिस्ट देखें तो पता चलेगा कि किसी वार्ड से भेदभाव नहीं हो रहा है। 50-50 लाख रुपये की रुकी एमसी ग्रांट बारे पत्र लिखकर सरकार से करीब दस करोड़ की मांग की गई है, यह समस्या भी किसी एक वार्ड की नहीं, बल्कि सभी में है। मानसून से पूर्व ही इन कामों को निपटने को प्रयास रहेगा।
पवन बिट्टू, सीनियर डिप्टी मेयर, नगर निगम यमुनानगर।
वर्जन
टेंडर प्रक्रिया मेें भेदभाव होने की शिकायत है तो बैठक बुलाकर पार्षदों से सलाह-मशविरा करेंगे। सर्वसम्मति से जो निर्णय बनेगा, उसके मुताबिक कार्रवाई करेंगे। साथ ही 50-50 लाख की एमसी ग्रांट बारे भी सरकार को लिखेंगे।
सरोज बाला, मेयर, नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी।
फोटो-25 से 30