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इस बार पांच किग्रा कम मिलेगा खाद, रेट भी 1.15 रुपए प्रति किलो बढ़ाया

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इस बार पांच किग्रा कम मिलेगी खाद, रेट भी 1.15 रुपये प्रति किलो बढ़ाया
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यमुनानगर।
रासायनिक खादों के बढ़ते इस्तेमाल को रोकने के लिए कृषि विभाग ने खाद का वजन घटा दिया है। इस बार किसानों को प्रति बैग पांच किग्रा यूरिया कम मिलेगा। पहले जहां एक बैग में 50 किग्रा होता था, अब इसे पांच किग्रा घटा कर 45 किग्रा कर दिया है। वहीं लागत में 1.15 रुपये प्रति किग्रा का इजाफा भी किया गया है।
बैग के हिसाब से डालते हैं किसान
दरअसल खेतों में खाद उसके किलोग्राम की बजाय बैग के हिसाब से लगाते हैं। किसानों की इसी सोच को देखते हुए सरकार ने यूरिया खाद के 50 किलो के कट्टे का वजन घटाकर 45 किलो कर दिया है। इससे कम से कम प्रति बैग पांच किलो यूरिया की बचत होगी। खेतों में भी कम खाद पड़ेगी तो उर्वरा शक्ति को भी कम नुकसान पहुंचेगा।
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फैक्ट फाइल
-50 किलो के बैग का मूल्य 326.50 रुपये था।
-45 किग्रा के बैग की कीमत 295 रुपये रखी गई है।
-प्रति किलो एक रुपये पंद्रह पैसे मूल्य अधिक होगा।
-जिले में 75 हजार हेक्टेयर है धान का रकबा।

10 फीसदी कमी होगी
किसान 45 किग्रा का बैग खरीदेंगे और जितने बैग का वह पहले इस्तेमाल करते थे, उतने का ही इस्तेमाल करेंगे। यह अप्रत्यक्ष रूप से खपत में 10 प्रतिशत की कमी करेगा।

आधार बिना नहीं मिलेगी खाद
खाद की कालाबाजारी रोकने के लिए खरीफ सीजन में खाद की खरीद के लिए आधार अनिवार्य किया गया है। डीलरों को पीओएस मशीन के माध्यम से ही बिक्री करनी होगी। यानि बायोमीट्रिक सिस्टम प्रयोग में लाया जा रहा है। कैशलेस को बढ़ावा देने के लिए पेमेंट मशीन भी जारी की गई है।
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किसान बैगों की संख्या के हिसाब से यूरिया का इस्तेमाल करते हैं। जब हमने किसानों को 50 किग्रा के बैग की संख्या को कम करने के लिए कहा, उन्होंने नहीं सुना। इसलिए हमने खपत को कम करने के लिए 45 किग्रा के बैग बेचना शुरू कर दिया है। वजन कम करने का उद्देश्य यूरिया की खपत को कम करना और उर्वरकों के संतुलित इस्तेमाल को प्रोत्साहित करना है।
- डॉ. सुरेंद्र सिंह यादव, कृषि उपनिदेशक
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