फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संडे को बनाया फन डे, डांस, मस्ती और सेहत की राहगीरी में झूमे शहरवासी

विज्ञापन
विज्ञापन
डांस, मस्ती और सेहत की राहगीरी
विज्ञापन

- पहली राहगीरी, संडे को बनाया फन डे
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
यमुना क्लब से परशुराम चौक तक का नजारा रविवार को कुछ अलग था। वाहनों की आवाजाही का शोरगुल बंद था और डेढ़ किमी लंबे रास्ते में लोग अपनी दुनिया में खोए हुए थे। कोई साइकिलिंग कर रहा था तो कोई डीजे की धुन पर थिरक रहा था। कोई रस्साकशी में ताकत आजमा रहा था तो कोई बेफिक्र होकर सड़क पर घूम रहा था। जिला पुलिस की ओर से शुरू हुए राहगीरी डे का पहला संडे मौज-मस्ती और उत्सव भरा रहा।
पहली बार आयोजित राहगीरी में संगीत की ताल पर बच्चे, युवा और बुजुर्गों ने खूब मस्ती की। बच्चों व युवाओं ने जहां डीजे पर डांस किया, वहीं महिलाओं ने जमकर एक्सरसाइज कर पसीना बहाया। स्कूली बच्चे कुश्ती, फुटबाल, बॉक्सिंग, रस्साकशी, तलवारबाजी, डांस, जूडो, कराटे, योगा व स्केटिंग आदि खेलों का मजा लेते रहे। वहीं एसपी राजेश कालिया की अगुवाई में लोगों ने साइकिलिंग का आनंद भी लिया। डांस करते हुए फिटनेस का मजा प्रमुख आकर्षण रहा। कार्यक्रम में विधायक घनश्याम दास अरोड़ा ने बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता पुलिस अधीक्षक राजेश कालिया ने की।
विज्ञापन

विधायक ने कहा कि मुझे राहगीरी कार्यक्रम में आकर खुशी हुई है। सुबह की गतिविधियों को जीवंत रखने के लिए इस प्रकार के कार्यक्रमों के आयोजन से एक और महत्वपूर्ण शुरुआत हुई है। एसपी राजेश कालिया ने कहा कि राहगीरी का उद्देश्य प्रशासन और जनता में संवाद स्थापित करना है। जनता और पुलिस के बीच आपसी संबंध को प्रगाढ़ बनाना है। उन्होंने कहा कि राहगीरी कार्यक्रम को भविष्य में बडे़ स्तर पर आयोजित किया जाएगा।

ये रहे मौजूद
नगर निगम के सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू, पार्षद संगीता सिंघल, जिला खेल अधिकारी राजेन्द्र गुप्ता, उप सिविल सर्जन डा. विजय विवेक शर्मा, डा. अंजु वाजपेयी, सभी थाना एसएचओ, मुख्य सफाई निरीक्षक अनिल नैन, एआईपीआरओ मनोज पाण्डे समेत सामाजिक संस्थाओं और प्राइवेट स्कूल और एकेडमियों के बच्चे मौजूद रहे।

नहीं पहुंचे सरकारी स्कूल के बच्चे
राहगीरी कार्यक्रम में सरकारी स्कूल के बच्चे भी दिखाई नहीं दिए। जबकि इसके लिए सरकार की तरफ से साफ निर्देश थे कि गवर्नमेंट स्कूल के बच्चे जरूर हिस्सा लें। इस संबंध में डीईओ आनंद चौधरी ने कहा कि अगले राहगीरी डे गवर्नमेंट स्कूलों के बच्चे सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा जरूर लेंगे। इस बार तैयारियों के लिए बच्चों को समय नहीं मिला।

प्रशासन ने बनाई दूरी
वहीं पुलिस और प्रशासन के बीच तालमेल की कमी नजर आई। आयोजन को लेकर एसपी राजेश कालिया ने सारी कमान अपने हाथ में रखी हुई थी। सरकार से मिली ग्रांट भी उन्होंने ही खर्च करनी है। बताया जा रहा है कि डीसी को इस कार्यक्रम के लिए आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं भिजवाई गई। जिसके चलते न तो डीसी पहुंचे और न ही प्रशासन की तरफ से अन्य कोई अधिकारी पहुंचा। इससे पहले तैयारियों संबंधी मीटिंग के लिए डीसी के पास सूचना नहीं भिजवाई गई। डीसी का कार्यक्रम में नहीं आना लोगों के बीच चर्चा का विषय बना रहा।
विज्ञापन


विधायक बोले, एसपी बताएंगे
इस बारे में जब विधायक घनश्याम दास अरोड़ा से बात की गई तो उन्होंने कहा कि यह सरकारी कार्यक्रम था और इसकी व्यवस्था का जिम्मा एसपी के पास था। उन्होंने डीसी को बुलाया या नहीं इस बारे में एसपी ही बता सकते हैं। इस संबंध में एसपी राजेश कालिया के आधिकारिक मोबाइल नंबर पर कई बार कॉल किया गया, लेकिन उनकी तरफ से कॉल नहीं उठाया गया।
फोटो नंबर 31 से 36
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें