खनन माफिया को है सरकार का संरक्षण, जिस पर चाहे करवा दे झूठे मुकदमे : निर्मल सिंह
बोले, मेरी जमीन में घुसकर मुझे भगाने की कोशिश की गई
कहा, दबाने के लिए गुंडागर्दी, सरकार बनाने के लिए दलबदल कर रही भाजपा
22 दिन बाद जिला जेल से जमानत पर बाहर आकर बोले पूर्व मंत्री निर्मल सिंह
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
बेलगढ़ गोलीकांड मामले में जेल में बंद कांग्रेस के पूर्व मंत्री निर्मल सिंह गुरुवार को 22 दिन बाद जिला जेल से जमानत पर रिहा हो गए। जेल से बाहर आते ही उन्होंने कहा कि खनन माफिया ने सरकार की मिलीभगत से मेरी जमीन में घुसकर मुझे भगाने की कोशिश की। किसी को दबाना हो तो गुंडागर्दी की जाती है। यदि सरकार बनानी है तो पैसे का इस्तेमाल व दलबदल किया जाता है।
खनन माफिया से परेशान हैं लोग
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने जेल से बाहर आते ही पत्रकारों से बातचीत में सरकार के खिलाफ भड़ास निकाली। उन्होंने कहा कि सरकार की मिलीभगत से खनन माफिया की गुंडागर्दी चल रही है। खनन माफिया की गुंडागर्दी से बहुत लोग परेशान हैं। ऐसे लोगों को सरकार का संरक्षण प्राप्त है। यह लोग जिस पर चाहे झूठा मुकदमा डाल सकते हैं। किसी के भी घर में घुस सकते हैं और किसी की भी जमीन पर जबरदस्ती कब्जा कर सकते हैं। हम मिल कर इस सब को उजागर करेंगे। निर्मल सिंह ने कहा कि इस सरकार का जो भी विरोध करेगा, उस पर मुकदमा दर्ज करवा दिया जाता है। सरकार का पूरा ड्रामा दुनिया में देख सकते हैं। किसी को दबाना हो तो गुंडागर्दी व सीबीआई का इस्तेमाल करते हैं। अगर सरकार बनानी हो तो पैसे का इस्तेमाल व दलबदल किया जाता है।
खनन माफिया से जारी रहेगी लड़ाई, सरकार से मांगी सुरक्षा
पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने कहा कि यहां खनन माफिया सक्रिय हैं। जो कुछ हुआ वह सरकार की शह पर हुआ। खनन माफिया ने उनकी जमीन में अवैध रास्ते बनाए हुए हैं। उन्हें रोकने का प्रयास किया तो उन्होंने उन पर हमला किया। बचाव में उन्होंने फायरिंग की। इन्हें सरकार का संरक्षण प्राप्त है। खनन माफिया के खिलाफ वे हमेशा से लड़ाई लड़ते आए हैं और उनकी यह लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। वह अब तो सरकार से प्रोटेक्शन की मांग कर रहे हैं।
न्यायपालिका पर है विश्वास, हमारी होगी जीत
निर्मल सिंह ने कहा कि जिस जमीन पर झगड़ा हुआ उसकी पैमाइश भी हो गई, कोर्ट में भी जमीन उनकी साबित हो गई। न्यायपालिका से हमें न्याय मिला है। हमें पूरा विश्वास है, जीत हमारी ही होगी। सरकार को इस मामले में मुंह की खानी पड़ेगी। वे कानूनी लड़ाई लड़ेंगे।
ये था मामला
बेलगढ़ में पूर्व मंत्री निर्मल सिंह के लगभग 700 एकड़ में घोड़ों का फार्म है और निर्मल सिंह के जमीन के आसपास अवैध खनन करने वालों ने काफी एरिया खोद दिया था। 25 अप्रैल को बेलगढ़ में अवैध खनन को लेकर कांग्रेस के पूर्व मंत्री और बेलगढ़ में कुछ स्क्रीन संचालकों के बीच रास्ते को लेकर कहासुनी हो गई थी। जिसको लेकर बेलगढ़ में फायरिंग हुई। इस मामले को लेकर खिजराबाद पुलिस ने पूर्व मंत्री निर्मल सिंह समेत 12 लोगों के खिलाफ हत्या के प्रयास व अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज किया था। खिजराबाद पुलिस ने अगले ही दिन निर्मल सिंह के मुंशी छोटा असलम को गिरफ्तार कर लिया था। उससे अगले दिन पूर्व मंत्री निर्मल सिंह ने एसपी के समक्ष पेश होकर आत्मसमर्पण कर लिया था। जेल जाने से पहले निर्मल सिंह ने बताया था कि अवैध खनन करने वाले उसकी जमीन में से होकर गुजरने वाले रास्ते में से अवैध खनन से भरी सामग्री से भरे वाहन निकाल रहे थे। जिस पर उन्होंने एतराज जताया था। उसने अपनी जमीन में से निकलने वाले रास्ते को जेसीबी मशीन से खाई खोदकर बंद कर दिया था लेकिन कुछ स्क्रीन प्लांट संचालकों ने वह रास्ता दोबारा से चालू कर दिया था। इसी बात को लेकर उसमें और स्क्रीन प्लांट संचालकों में कहासुनी हुई थी। मंगलवार को इस मामले में तीन आरोपियों ने बिलासपुर कोर्ट में आत्मसमर्पण किया था। बुधवार को पूर्व मंत्री की जिला सेशन कोर्ट से जमानत मंजूर हो गई थी, लेकिन कागजी कार्रवाई में देरी होने से बुधवार को जेल से बाहर नहीं आ पाए।
फोटो नंबर 1 से 3