फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कर्मचारियों ने लगाया रोडवेज वर्कशॉप गेट पर ताला, पौने घंटे तक सर्विस बाधित होने से यात्री रहे बेहाल

विज्ञापन
विज्ञापन
कर्मचारियों ने लगाया रोडवेज वर्कशॉप गेट पर ताला, पौने घंटे तक सर्विस बाधित होने से यात्री रहे बेहाल
विज्ञापन

365 चालकों को बाहर करने के फरमान पर रोडवेज वर्कशॉप गेट अंदर से बंद कर धरने पर बैठे कर्मचारी
पौन घंटे तक गेट बंद रखने से छोटे रूट की सर्विस बाधित, पहले ही निकल चुकी थीं लंबे रूट बसें
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
रोडवेज विभाग की ओर से आउटसोर्सिंग पार्ट टू पॉलिसी में वर्ष-2016 में रखे 365 चालकों को बाहर निकालने के फरमान पर रोडवेज कर्मी भड़क गए। ऑल हरियाणा रोडवेज वर्कर्स यूनियन के बैनर तले कर्मचारी सुबह साढ़े नौ बजे वर्कशॉप गेट पर अंदर से ताला जड़कर दरी बिछाकर धरने पर बैठ गए। कर्मचारियों द्वारा करीब पौने घंटे तक गेट बंद रखने से सर्विस बाधित हुई। हालांकि गेट बंद किए जाने से पहले लंबे रूट की बसें निकल चुकी थीं, लेकिन इस बीच बस स्टैंड पर यात्रियों को छोटे रूट की बसें नहीं मिलीं और उन्हें घंटेभर परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह सवा दस बजे रोडवेज जीएम रविंद्र पाठक के आश्वासन पर कर्मचारियों ने गेट खोल दिया और बस सेवा सुचारु हुई।
कर्मचारियों द्वारा वर्कशॉप के गेट को बंद किए जाने से पहले दिल्ली, चंडीगढ़ जैसे लंबे रूट की बसें निकल गई थीं। जबकि इसके बाद साढ़े नौ से सवा दस बजे के बीच कुरुक्षेत्र व अंबाला सहित जिले के लोकल रूट की बसें बाधित हुईं। यात्री रजनी, सोनिया, प्रमिला, शबनम व अनिता ने कहा कि वह अंबाला जाने को बस स्टैंड पर आईं, लेकिन बस का आवागमन समय से आधे घंटे बाद भी बस नहीं आई है। जबकि उन्हें अंबाला में रिश्तेदार के यहां धार्मिक कार्यक्रम में पहुंचना था। इसी तरह सरोज व बंटी ने कहा कि उन्हें कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी जाना है, लेकिन बस नहीं मिली है। करीब आधे घंटेभर से वेट कर रहे हैं। ठीक ऐसे ही यमुनानगर के लोकल रूटों के यात्रियों को सुबह साढ़े नौ से सवा दस बजे के बीच बसें न मिलने से गंतव्य पर पहुंचने में देरी सहित अन्य दिक्कतें झेलनी पड़ीं।
विज्ञापन
विज्ञापन


नौकरी से निकाला तो करेंगे चक्का जाम
वर्कशॉप गेट को बंद कर धरना दे रहे कर्मचारियों से ज्वाइंट एक्शन कमेटी के वरिष्ठ सदस्य एवं मुख्य वक्ता हरिनारायण शर्मा ने कहा कि अगर चालकों को निकाला गया तो पूरे प्रदेश में चक्का जाम कर दिया जाएगा। इस वक्त किसी भी डिपो पर चालक ज्यादा नहीं हैं, बल्कि उनकी कमी है। वर्ष 2016 में जब रोडवेज में चालकों की कमी थी। उस समय रोडवेज ने आउटसोर्सिंग पार्ट टू पॉलिसी के तहत प्रदेश में 365 चालकों की भर्ती की, जिसमें 11 यमुनानगर के शामिल हैं। अब रोडवेज ने 1628 चालकों की भर्ती की, इनमें करीब एक हजार चालकों ने ज्वाइन किया है। बाकीके दस्तावेज में जांच चल रही है। अब डीजी ने स्टाफ सरप्लस बताकर कर्मियों को बाहर निकालने के लिए पत्र जारी किया है। धरने की अध्यक्षता डिपो प्रधान रविंद्र सिंह ने की। मौके पर रविंद्र सिंह, कंवलजीत सिंह, भवानी दत्त, बलदेव सैनी, मनिंद्र सिंह, राजकुमीार, धर्मेंद्र, जगजीत, पवन, मेहर सिंह मौजूद रहे।
फोटो-20, 21, 22
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें