कार्यकारी अधिकारी का रवैया न सुधरा तो कार्यालय को लगा देंगे ताला..
-जिप की बजट मीटिंग में ताला दिखाकर बोले जिप सदस्य राजेश कटारिया-
-मीटिंग में कार्यकारी अधिकारी के खिलाफ जिप सदस्य ने खोला मोर्चा-
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जिला परिषद की बजट मीटिंग हंगामेदार रही। जिला परिषद के कार्यकारी अधिकारी जिप सदस्यों के निशाने पर रहे। मीटिंग में जिला परिषद सदस्य राजेश कटारिया ने साथ लेकर आए ताले को हवा में लहराते हुए यहां तक कहा कि यदि अधिकारी की कार्यप्रणाली में सुधार नहीं हुआ तो सभी सदस्य मिलकर जिला परिषद कार्यालय में ताला जड़ देंगे।
यह मीटिंग जिला परिषद के बजट को लेकर आयोजित की गई थी। लेकिन अधिकतर समय जिप सदस्य कार्यकारी अधिकारी सुमित सिहाग का विरोध करते नजर आए। मीटिंग में वार्ड 5 के सदस्य राजेश कटारिया कार्यकारी अधिकारी का विरोध करने वालों में सबसे आगे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कार्यकारी अधिकारी की कार्यप्रणाली के कारण सभी वार्डों में विकास कार्य समय पर पूरे नहीं हो पा रहे हैं क्योंकि अधिकारी विकास कार्यों से संबंधित फाइल को महीनों तक लटका कर रखते हैं। यहां तक कि एस्टीमेट की फाइल में सभी पेजों पर हस्ताक्षर न होने पर फाइल को रोक लेते हैं। उन्होंने कहा कि जिला परिषद में पहले अधिकारी नहीं थे तो विकास कार्य तेजी से हो रहे थे। विकास कार्यों से संबंधित फाइलें कहीं रोकी नहीं जाती थीं। लेकिन जबसे अधिकारी आए हैं, तबसे विकास कार्य लेट हो रहे हैं। उधर, वार्डों की जनता जिला परिषद सदस्यों से जवाब मांगती है कि विकास कार्य क्यों नहीं हो रहे हैं।
इस दौरान राजेश कटारिया ने अपनी जेब से ताला निकाला और उसे लहराते हुए कहा कि यदि कार्यकारी अधिकारी की कार्यप्रणाली नहीं बदली तो वे सभी सदस्यों के साथ मिलकर जिला परिषद कार्यालय में ताला लगा देंगे। मीटिंग में मौजूद जिला परिषद के अन्य सदस्यों ने भी राजेश कटारिया का समर्थन किया।
वाइन शेयर की रकम खर्च करने में हो रही लेटलतीफी-
राजेश कटारिया ने कहा कि वाइन शेयर के करीब 70 लाख रुपये अभी तक सदस्यों को नहीं मिल पाए हैं। जबकि दूसरे जिलों में वाइन शेयर की रकम से विकास कार्य करवाए जा चुके हैं। वाइन शेयर की रकम खर्च न हो पाने के लिए भी उन्होंने कार्यकारी अधिकारी को जिम्मेदार ठहराते हुए कहा कि उन्होंने इस रकम को खर्च करने के लिए मुख्यालय से गाइड लाइन मांगी है, जबकि इसकी कोई जरूरत नहीं है। इस रकम को जिला परिषद चेयरपर्सन व सदस्यों की सहमति से खर्च किया जा सकता है।
नौकरियों में लड़कियों को मिले एक प्रतिशत आरक्षण-
जिप सदस्य राजेश कटारिया ने हाउस में प्रस्ताव रखा कि जिले मेें सरकारी-अर्द्ध सरकारी विभागों व सरकार से अनुदान लेने वाली संस्थाओं में लड़कियों को नौकरी देने केे लिए एक प्रतिशत आरक्षण दिया जाए ताकि वे सिर उठा कर जी सकें। इससे बेटियों को जन्म देने में उनके मां-बाप नहीं हिचकिचाएंगे। हालांकि इस प्रस्ताव को हाउस में मंजूरी नहीं दी गई। जिला परिषद चेयरपर्सन रेणु बाला ने कहा कि जिप सदस्य कटारिया का यह प्रस्ताव एजेंडेे में शामिल नहीं था। इसे हाउस में पास नहीं किया गया है।
मीटिंग में आगामी वित्तीय वर्ष के लिए 4 करोड़ 64 लाख 27 हजार रुपये के बजट को पास किया गया। बीते वित्तीय वर्ष में वाइन शेयर के 47 लाख 50 हजार रुपये खर्च नहीं हो पाए थे। इस रकम को भी बजट में जोड़ दिया गया।
सदन में सभी सदस्य अपनी बात कहने के लिए स्वतंत्र हैं। जिला परिषद में जो भी काम रूल्स के मुताबिक होते हैैं, उन्हें मंजूरी दे दी जाती है। जो काम रूल्स के विपरीत होते हैै, उन्हेें ही रोका जाता है।
सुमित सिहाग, कार्यकारी अधिकारी, जिला परिषद