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जठलाना अनाजमंडी का हाल: मंडी में बिना पानी के खड़ी है मोबाइल शौचालय वैन

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जठलाना अनाजमंडी का हाल
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मंडी में बिना पानी के खड़ी है मोबाइल शौचालय वैन
लाइट की सुविधा न होने से जनरेटर से चलाया जा रहा काम
-टूटे शेड से टपकता है पानी
अमर उजाला ब्यूरो
रादौर। 1980 में लगभग 39 वर्ष पहले कुछ आढ़तियों की ओर से बनाई गई जठलाना अनाजमंडी में सुविधा नाम की कोई चीज नहीं है। जठलाना अनाजमंडी की भूमि कुछ आढ़तियों द्वारा अपने पैसे से खरीदी गई थी। इसके बाद उपरोक्त भूमि पर वर्षों से मंडी चल रही है। मंडी में आढ़तियों की कुल 13 दुकानें हैं। जिन पर आढ़ती किसानों की फसल बेचने का काम कर रहे हैं। वर्षों पहले बनी जठलाना अनाजमंडी में कोई शौचालय तक नहीं है। आढ़तियों की मांग पर अब मार्केट कमेटी रादौर की ओर से मोबाइल शौचालय वैन मंडी में केवल गेहूं के सीजन के लिए खड़ा किया गया है। मोबाइल शौचालय वैन में पानी तक नहीं है। मंडी में सीजन के दौरान लाइट न होने पर किसान व आढ़ती परेशान रहते हैं।
आढ़तियों की मांग पर अब मार्केट कमेटी ने जेनरेटर की सुविधा मंडी में आढ़तियों को उपलब्ध करवाई है। जठलाना अनाजमंडी के प्रधान विनोद बंसल उन्हेडी, आदित्य शर्मा, पवन बंसल, लक्की गर्ग, मोहित गोयल, मास्टर रामकुमार कांबोज, प्रमोद गर्ग जठलाना, मुनीष कांबोज आदि ने बताया कि मंडी में रात के समय रोशनी के लिए केवल एक टावर लाइट है। मंडी के खंभों पर लाइटें नहीं हैं। रात के समय गेहूं की खरीद में आढ़तियों को दिक्कत होती है। मंडी का शेड लगभग 20 वर्ष पहले मार्केट कमेटी द्वारा लगाया गया था। इसकी छत अब कई जगह से टूटी पड़ी है। बरसात में शेड की टूटी छत से पानी टपकता है। मंडी में सफाई की कोई व्यवस्था नहीं है। मार्केट कमेटी की ओर से केवल गेहूं व धान के सीजन में ही कुछ कर्मचारी भेजकर सफाई करवाई जाती है। बिना सीजन के कमेटी का कोई कर्मचारी मंडी में सफाई करने नहीं आता। जठलाना अनाजमंडी के आढ़ती अपने मजदूरों से ही मंडी की सफाई करवाते हैं। आढ़तियों ने बताया कि मंडी में कोई शौचालय की सुविधा नहीं है। आढ़ती व मंडी में आने वाले किसान खुले में ही शौच करते हैं। कई वर्षों से किसान व आढ़ती अधिकारियों से मंडी में शौचालय बनवाने की मांग करते आ रहे हैं। लेकिन अधिकारी उन्हें केवल कोरे आश्वासन देकर टरका देेते हैं। मंडी के दोनों गेट कई वर्षों से टूटे पड़े थे। अब आढ़तियों की मांग पर मार्केट कमेटी ने मंडी के गेट लगवाए हैं। आढ़तियों ने बताया कि पिछले वर्ष मंडी में लगभग 62 हजार क्विंटल गेहूं की आवक हुई थी। इस बार इससे ज्यादा आवक होने की उम्मीद है।
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जठलाना अनाजमंडी में अधिक से अधिक सुविधाएं देने के प्रयास किए जा रहे हैं। मोबाइल शौचालय मंडी में रखवाए गए हैं। वहीं, बिजली के लिए जेनरेटर की सुविधा दी गई है। हर रोज सफाई करवाई जा रही है। मंडी में जल्द ही पक्के शौचालय बनवाए जाएंगे और शेड की मरम्मत करवाई जाएगी।
श्यामसिंह, सचिव, मार्केट कमेटी रादौर।
फोटो-2 से 5
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