...अब जिला सचिवालय में नहीं हो सकेगा हो-हल्ला
सिर्फ जगाधरी अनाजमंडी गेट पर कर सकते हैं प्रदर्शन, जिला सचिवालय में सिर्फ पांच लोग देने आ सकेंगे ज्ञापन
सचिवालय परिसर में प्रदर्शनों के कारण दर्जनों कार्यालयों के काम प्रभावित होने के चलते डीसी ने दिए आदेश
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर।
जिला सचिवालय परिसर में अधिकारियों समेत उनके पास समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों को परिसर में होने वाले धरने-प्रदर्शनों के हो-हल्ले की परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी। अब सचिवालय परिसर में धरने-प्रदर्शन नहीं किए जा सकेंगे। इसके लिए जिला प्रशासन ने जिला सचिवालय के समक्ष जगाधरी अनाज मंडी गेट को धरना स्थल निर्धारित किया है। साथ ही सचिवालय में अधिकारियों को ज्ञापन देने चार या पांच लोगों से ज्यादा न आने के आदेश जारी किए हैं।
बता दें कि जिला सचिवालय की बिल्डिंग में डीसी, एसपी समेत कई सरकारी विभागों के अध्यक्षों व अन्य अधिकारियों के कार्यालय हैं। साथ ही कंट्रोल रूम भी है। सचिवालय परिसर में राजनीतिक पार्टियों, सरकारी व गैर-सरकारी सगठनों, कर्मचारी यूनियनों व आम लोगों के प्रदर्शनों से कामकाज प्रभावित होता है। साथ ही यहां अधिकारियों के पास अपनी समस्याएं लेकर आने वाले फरियादियों को भी दिक्कतों से दो-चार होना पड़ता है। इसी के मद्देनजर डीसी विजय कुमार ने सचिवालय परिसर में धरने-प्रदर्शन करने पर पाबंदी लगाते हुए इसके लिए सचिवालय के समक्ष जगाधरी अनाज मंडी गेट का स्थान निर्धारित किया है।
चार या पांच लोग ही आ सकते हैं ज्ञापन देने
डीसी विजय कुमार ने कहा कि कोई भी सरकारी, गैर सरकारी संगठन, राजनीतिक दल का नेता और प्रतिनिधि अगर उन्हें व अन्य अधिकारियों को ज्ञापन देना चाहते हैं तो वह अपने चार या पांच से ज्यादा सदस्यों को कार्यालय लेकर नहीं आएगा। डीसी ने ज्ञापन लेने हेतु लगाए गए ड्यूटी मजिस्ट्रेट को निर्देश दिए कि वह धरना-प्रदर्शन के लिए निर्धारित किए जगाधरी अनाज मंडी गेट पर जाकर ही ज्ञापन लेना सुनिश्चित करें।
डीसी के जॉइन करने के बाद से चल रहा प्रदर्शनों का सिलसिला
डीसी विजय कुमार ने माहभर पहले ही यमुनानगर में जॉइन किया है। इसके बाद से आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेलपर्स, मिड-डे मील वर्कर्स व हेल्पर्स, एससी-एसटी एक्ट में बदलाव पर बहुजन समाज पार्टी व दलित संगठनों ने सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किए। कई बार प्रदर्शनकारियों व पुलिस में धक्का-मुक्की भी हुई। वहीं, मिड-डे मील वर्कर्स यूनियन की प्रधान भी परिसर में आत्मदाह के लिए तेल की बोतल लेकर आई थीं, जिसे पुलिस ने समय रहते छीन लिया। प्रदर्शनों के हल्ले से प्रभावित होने वाले सरकारी कामकाज को मद्देनजर रख डीसी विजय कुमार ने यह निर्णय लिया है।
फोटो-15