54 वर्षों से जल रही 11 अखंड जोत
रेलवे स्टेशन के पास प्राचीन श्रीदेवी मंदिर बना श्रद्धालुओं की आस्था का केंद्र
शहर के अलावा साथ लगते अंबाला-सहारनपुर से भी पहुंचने लगे श्रद्धालु
चालीस दिन तक लगातार दिया जलाने से हर मुराद पूरी होने की है मान्यता
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन के समीप स्थित प्राचीन सिद्ध शक्तिपीठ श्रीदेवी मंदिर में पिछले 54 वर्षों से ग्यारह अखंड जोत निरंतर जल रही है। मंदिर की इसी विशेषता को सुन न सिर्फ स्थानीय शहरी व ग्रामीण बल्कि साथ लगते अंबाला व सहारनपुर जिलों से भी लोग मंदिर में खींचे चले आते हैं। चैत्र नवरात्र शुरू होते ही मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ जुटनी शुरू हो गई है। उधर, मंदिर प्रबंधन कमेटी की ओर से नवरात्र पर सुबह-शाम मां भगवती के विशेष पूजन व आरती का कार्यक्रम बनाया है। नवरात्र के पहले दिन में सैकड़ों श्रद्धालुओं व व्रतधारियों ने मंदिर में पहुंच मां के दर्शन कर अपनी-अपनी मन्नतें मांगीं।
मंदिर में 54 वर्षों से जल रही 11 अखंड जोत की मंदिर के तीनों पुजारी पंडित आनंद स्वरूप, राम कुमार, वासदेव पूरी श्रद्धा और लगन से सेवा कर रहे हैं। पुजारी कभी अपनी ओर से तो कभी श्रद्धालुओं द्वारा अखंड जोत में देसी घी डलवा रहे हैं। पुजारियों के मुताबिक मंदिर में 54 वर्ष से जल रही अखंड जोत के बारे में जो कोई भी सुनता है, वह विशेषकर नवरात्र व अन्य तीज-त्योहारों के दिनों में मंदिर में मां के दर्शनों के लिए जरूर पहुंचता है। साथ ही मंदिर से जुड़ी मान्यता है कि यहां जो कोई 40 दिन घी का दीपक जलाएगा, उसके मन की हर मुराद पूरी होगी। अब तक जिन लोगों ने ऐसा किया है, उनकी मन्नत पूरी हुई है। इसके अलावा मंदिर में नवरात्र पर सुबह-शाम विशेष पूजन होता है, जिसमें स्थानीय लोगों के अलावा आसपास के जिलों से भी श्रद्धालु आकर हाजिरी भरते हैं।
मंदिर में आकर्षण का केंद्र
श्रीदेवी मंदिर करीब 75 वर्ष से अधिक प्राचीन है। इसमें 52 वर्षों से जल रहीं 11 अखंड जोत सहित गायत्री मां, गोगोपाल, लक्ष्मी नारायण, भगवान शंकर दरबार और राम दरबार आदि देवी-देवताओं की अलौकिक मूर्तियां हैं, जो श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र हैं। मंदिर में पहुंची रजनी, सीमा, रश्मि का कहना है कि यहां वह काफी समय से आ रही हैं। नवरात्र के दिनों में मंदिर में 11 अखंड जोत और गायत्री मां के दर्शन शुभ माने गए हैं, इसलिए वह व्रत रखकर नित्य मंदिर में आकर दर्शन व पूजन करेंगी। मंदिर में आए राजेश ने बताया कि वह 40 दिन दिया जाएंगे, चूंकि इससे हर मुराद पूरी होती है। इससे पहले भी ऐसा कर उनकी मनोकामनाएं पूर्ण हुई हैं।
मंदिर की ओर से किए गए चौकस प्रंबध
मंदिर प्रबंधक कमेटी से जुड़े कैलाश चंद का कहना है कि ने बताया कि मंदिर में नवरात्र पर शहर के अलावा साथ लगते जिलों से भी श्रद्धालु और व्रतधारी काफी संख्या में पहुंचते हैं। इसको देखते हुए मंदिर प्रबंधन की ओर से चौकस प्रबंध किए गए हैं। सुबह-शाम की विशेष आरती व पूजन के साथ भंडारे की भी व्यवस्था की गई है। श्रद्धालुओं को कतारबद्ध कर अखंड जोत व मां भगवती के दर्शन कराए जाएंगे।
फोटो-3