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एक साल से 50-50 लाख की ग्रांट का इंतजार कर रहे पार्षद

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50-50 लाख की ग्रांट से नहीं हुआ एक भी काम, आरोप, विपक्षी पार्षद होने से भेदभाव
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-नगर निगम कार्यकाल समाप्त होने में दो महीने बाकी, ग्रांट न आने से कई वार्डों में अधूरे पड़े हैं विकास कार्य
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने में लगभग दो महीने रह गए हैं, लेकिन सभी वार्डों में पिछले साल मंजूर हुई 50 लाख रुपये की ग्रांट में से विकास के नाम पर एक भी ईंट नहीं लगी है। इन वार्डों में अधिकतर में विपक्षी पार्टियों के पार्षद हैं। ये पार्षद भाजपा सरकार पर विकास में भेदभाव का आरोप लगा रहे हैं।
पिछले साल 19 अप्रैल को नगर निगम हाउस की मीटिंग हुई थी। इसमें नगर निगम के सभी वार्डों में विकास कार्यों के लिए 50-50 लाख रुपये की ग्रांट मंजूर की गई थी। इस मीटिंग को एक साल पूरे होने वाले हैं, लेकिन किसी भी वार्ड को यह ग्रांट नहीं मिल पाई है। इस मीटिंग के बाद नगर निगम की दो और बैठकें हो चुकी हैं। दोनों बैठकों में पार्षदों ने विकास कार्यों के लिए 50-50 लाख रुपये की ग्रांट न मिलने का मुद्दा उठाया। इसके बावजूद वार्डों को यह ग्रांट नहीं मिल पाई है। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने वाला है, लेकिन अभी तक यह ग्रांट नहीं मिली है। कोई भी ग्रांट आने के बाद उसके टेंडर और वर्क आर्डर जारी होने में कई महीने लग जाते हैं। ऐसे में नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने से पहले इस ग्रांट से इन वार्डों में विकास कार्य होने की उन्हें कोई उम्मीद नहीं है। पार्षदों का कहना है कि नगर निगम का कार्यालय समाप्त होने के बाद इस ग्रांट से विकास कार्य करवाकर भाजपा सरकार इसका श्रेय खुद लेना चाहती है। विपक्षी पार्षदों का आरोप है कि भाजपा पार्षदों के वार्ड में मुख्यमंत्री घोषणा व अन्य ग्रांटों से विकास कार्य करवाए जा रहे हैं, लेकिन विपक्षी पार्टियों के वार्डों में विकास के नाम पर भेदभाव किया जा रहा है।
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वार्ड नंबर 14 में 30 प्रतिशत काम बाकी
वार्ड नंबर 14 की पार्षद निर्मल चौहान ने बताया कि उनके वार्ड में करीब 30 प्रतिशत विकास कार्य बाकी है। वार्डों में कई गलियां कच्ची है और कुछ गलियों में नालियां नहीं बन पाई हैं। यदि 50 लाख रुपये की ग्रांट मिल जाती तो छोटे-मोटे विकास कार्य पूरे हो जाते। उनका आरोप है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में किसी ने किसी ग्रांट से विकास कार्य हो रहे हैं, लेकिन विपक्षी पार्षदों के वार्डों की जानबूझकर अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वे अन्य पार्षदों के साथ नगर निगम कमीश्नर से मिलकर इस ग्रांट को जल्द रिलीज करने की मांग करेंगी।

वार्ड नंबर 13 में 60 प्रतिशत काम अधूरे
वार्ड नंबर 13 के पार्षद नवनीत शर्मा ने बताया कि उनके वार्ड में अब तक करीब 60 प्रतिशत विकास कार्य नहीं हो पाए हैं। पुराना हमीदा में कंडम हो चुकी पानी की टंकी को ढहाकर यहां बारात घर बनाया जाना है। लेकिन यह काम आज तक नहीं हो पाया है। अधिकतर मोहल्लों में सड़कें और नालियां नहीं बन पाई हैं। वार्डों में 50-50 लाख रुपये की ग्रांट देने की घोषणा तो कर दी गई, लेकिन आज तक एक भी पैसा नहीं मिला है।

वार्ड 10 में चार-पांच गलियों का काम अधूरा
वार्ड नंबर-10 के पार्षद सतपाल डग्गा ने बताया कि उनके वार्ड में चार-पांच गलियों में सड़कें व नालियां बननी बाकी रह गई हैं। यदि यह ग्रांट आ जाती तो काम पूरा हो जाता। उनका आरोप है कि भाजपा पार्षदों के वार्डों में विकास कार्यों के लिए ग्रांट की कमी नहीं होने दी गई, लेकिन विपक्षी पार्षदों के वार्डों में काफी काम अधूरे पड़े हैं।
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सभी वार्डों को म्यूनिसिपल ग्रांट से 50-50 रुपये की ग्रांट दी जानी है। इसके लिए इस्टीमेट तैयार किए जा रहे हैं। यदि नगर निगम का कार्यकाल समाप्त होने से पहले काम शुरू नहीं हुए तो उसके बाद विकास कार्य करवा दिए जाएंगे।
-पनव बिट्टू, सीनियर डिप्टी मेयर, यमुनानगर-जगाधरी नगर निगम
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