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बिना मिले ही निकल गए राज्यमंत्री, भड़की वर्कर्स ने चौक के बीच बैठ नेशनल हाईवे किया जाम

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बिना मिले ही निकल गए राज्यमंत्री, भड़की वर्कर्स ने हाईवे किया जाम
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। नियमित कर सरकारी कर्मचारी का दर्जा देने व न्यूनतम 18 हजार रुपये वेतन देने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने पर चल रही आंगनबाड़ी वर्कर्स एवं हेल्पर्स ने सोमवार को पंचायत भवन के सामने नेशनल हाईवे पर जाम लगा दिया। वर्कर्स की मांग थी कि पंचायत भवन में कार्यक्रम में आए सामाजिक एवं अधिकारिता मंत्री कृष्ण लाल बेदी उनके बीच आकर उनकी बात सुने। वर्कर्स नेशनल हाईवे के बीच भूखी बैठकर मंत्री कृष्ण बेदी का इंतजार करती रही, लेकिन कार्यक्रम खत्म होने पर खाना खाने के बाद राज्यमंत्री बेदी उनसे मिले बिना ही निकल गए। इस पर भड़की वर्कर्स ने शहीद उद्यम सिंह चौक के बीचों बीच बैठकर नेशनल हाईवे व गोबिंदपुरा रोड व हुडा सेक्टर 17 रोड जाम कर दिए। करीब साढ़े चार बजे एडीएम नवीन आहूजा वर्कर्स के बीच आए। उन्होंने आश्वासन दिया कि सीएम ने उनकी कुछ मांगों को मान लिया है और कुछ मांगों पर विचार करने के लिए मंगलवार को दोबारा बुलाया है। इसके बाद वर्कर्स नेशनल हाईवे के बीच से उठी। इस दौरान करीब सवा चार घंटे तक नेशनल हाईवे जाम रहा।
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मंत्री का घेराव करने भागते हुए पहुंची पंचायत भवन, पुलिस ने रस्सों से रोका :
अनिश्चितकालीन धरने पर बैठी आंगनबाड़ी वर्कर्स व हैल्पर्स को जैसे ही पता चला कि हरियाणा सरकार के राज्यमंत्री कृष्ण लाल बेदी पंचायत भवन में आयोजित दिव्यांगजन एवं वृद्धजन राज्य स्तरीय पुरस्कार वितरण समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंच रहे है तो वर्कर्स ने उनका घेराव करने की योजना बनाई। योजना के तहत सभी वर्कर्स एवं हेल्पर्स जगाधरी अनाजमंडी गेट से पंचायत भवन की तरफ कूच किया। भागती हुई वर्कर्स नेशनल हाईवे से होती हुई पंचायत भवन की तरफ पहुंची। लेकिन पुलिस ने रस्सा व चेन बनाकर वर्कर्स को रोक दिया। इसके बाद वर्कर्स नेशनल हाईव के बीच बैठ गई और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करने लगी।
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पुलिस कर्मी पर लात मारने व अभद्र व्यवहार करने का आरोप
सैकड़ों की संख्या में वर्कर्स अनाजमंडी गेट से भागती हुई पंचायत भवन तक पहुंची। पुलिस ने रस्से की मदद से उन्हें रोकने का प्रयास किया, लेकिन वर्कर्स रस्से का लांघती हुई पंचायत भवन तक पहुंच गई। वर्कर्स का आरोप था कि कुछ पुरुष पुलिस कर्मियों ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। एक पुरुष पुलिस कर्मी ने कर्मी का लात भी मारी। जब वे अनाजमंडी गेट से निकली तो उन्हें पुरुष पुलिस कर्मियों ने रोका। महिला पुलिस कर्मी बाद में बुलाई गई।
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हम गोलियों से डरने वाली नहीं, सड़क पर मरकर इतिहास बनाएंगी :
नेशनल हाईवे के बीच बैठ वर्कर्स ने डीसी से लेकर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर व प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तक के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही उन्हें खरी खोटी सुनाई। वर्कर्स ने इस दौरान पंचायत भवन में आए राज्यमंत्री कृष्ण लाल बेदी को चोर तक की संज्ञा दी। वर्कर्स का नेतृत्व कर रही उपप्रधान रीटा कात्याल ने नारे लगाते हुए कहा कि नारे ऐसे लगाने हैं, चोर के कान फाड़ देने हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस लाठियां, डंडे व बंदूक लेकर खड़ी है। लेकिन हम गोलियों से डरने वाली नहीं हैं, हम सड़कों पर मर कर इतिहास बनाएंगे। मौके पर कमलेश, महिंद्रो, सुमन, कुसुम, रीटा, ओम देवी, इंदिरा, अमिता, नीलम, सीमा, रमेश, रेनू, रितू, अनिता आदि मौजूद रहे।


मंत्री के निकलने पर चौक के बीच बैठ रोके वाहन : चार मार्गों को किया जाम
दोपहर करीब 12.20 बजे वर्कर्स पंचायत भवन के सामने नेशनल हाईवे के बीच बैठ गई और नारेबाजी करने लगी। उनका कहना था कि जब तक राज्यमंत्री उनसे नहीं मिलते वे नेशनल हाईवे से नहीं उठेंगी। करीब दो बजे पंचायत भवन में आयोजित कार्यक्रम संपन्न हो गया। इसके बाद राज्यमंत्री बेदी ने बंद कमरों में कार्यकर्ताओं, विभागीय अधिकारियों व कर्मियों की मीटिंग की। इसके बाद लंच किया और प्रेसवार्ता की। इस दौरान आंगनबाड़ी वर्कर्स नेशनल हाईवे के बीच बैठ नारेबाजी करती रही। करीब साढ़े तीन बजे मंत्री अपनी कार में बैठकर दूसरे गेट से निकल गए। वर्कर्स को जब पता चला तो वे नेशनल हाईवे के उद्यम सिंह चौक के बीचोबीच बैठ गई। वर्कर्स ने यहां नेशनल हाईवे पर दोनों तरफ, गोबिंदपुरा व हुडा सेक्टर 17 को जाने वाले मार्ग को जाम कर दिया। करीब साढ़े चार बजे एसडीएम के आश्वासन पर जाम खोल दिया।
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ये है मुख्य मांगें
अंागनबाड़ी वर्कर्स व हेल्परों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दिया जाए।
सरकार की तरफ से निर्धारित न्यूनतम वेतनमान 18 हजार दिया जाए।
अंगनबाड़ी सुपरवाइजर के सभी पदों पर आंगनबाड़ी वर्कर्स से लिया जाए।
आंगनबाड़ी वर्कर्स के रिक्त पर योग्य हेल्परों से भरे जाए।
सातवेें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू किया जाए।
केंद्र सरकार के कर्मचारियों के बराबर सामाजिक सुरक्षा व अन्य सुविधाएं दी जाए।
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कुछ दिन पहले आंगनबाड़ी वर्कर्स व हेल्पर्स का प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर से मिला था। इसके बाद उनसे भी मिला था। सरकार ने इनकी कुछ जायज मांगों को मान लिया है। कुछ मांगों पर विचार करने के लिए मंगलवार को दोबारा फिर बुलाया गया है। इस मामले में कुछ लोग राजनीति खेल रहे हैं। उन्होंने पांच वर्कर्स को मिलने के लिए पंचायत भवन में बुलाया था, लेकिन वे नहीं आई।
-कृष्ण बेदी, सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता राज्यमंत्री, हरियाणा।
फोटो : 20 से 26
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