सतगुरु माता के दर्शन को छह राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालु
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। निरंकारी सतगुरु माता सविंद्र हरदेव जी महाराज की छत्रछाया में रविवार को तेजली ग्राउंड में निरंकारी संत समागम का आयोजन किया गया। सतगुरु माता के दर्शन करने के लिए हरियाणा सहित छह राज्यों से करीब एक लाख श्रद्धालु पहुंचे। जैसे ही सतगुरु माता मंच पर विराजमान हुए पूरा पंडाल सतगुरु माता सविंद्र हरदेव जी महाराज के जयघोष से गूंज उठा। मंच के ठीक ऊपर ’अहंकार है जहां वहां ये रह सकता निरंकार नहीं’ सुंदर संदेश लिखा हुआ था।
सतगुरु माता सविंद्र हरदेव जी महाराज ने कहा कि एक अध्यापक कक्षा में एक सफेद कपड़ा लेकर आता है। उस पर एक छोटा सा काला धब्बा होता है। वह बच्चों को उस पर एक निबंध लिखने को बोलता है। अध्यापक ने बच्चों से पूछा कि उन्हें इतने बड़े सफेद कपड़े में सबका ध्यान काले धब्बे पर ही गया, क्योंकि अधिकतर बच्चों ने उस काले दाग पर ही सारा निबंध लिखा और कुछ ही बच्चों ने सफेद कपड़े के विषय में भी लिखा। इसी तरह आज के इंसान की भी यही आदत बन गई है। गलतियां ढूंढने को तैयार रहता कही बार तो ऐसा होता है कि एक व्यक्ति को अगर कोई जानता भी है और यह भी कहता कि बहुत अच्छा इंसान है और उसमें भी कोई गलती नजर आ जाती है तो उसकी चर्चा शुरू कर देते हैं। सतगुरु माता सविंद्र ने उदाहरण दिया कि एक अध्यापक बच्चे को पहाड़ा सुनाने को कहता है तो वह बच्चा शुरू में तो सही बोलता है पर उसके बाद वो केवल ट्यून बोलना शुरू कर देता है। अध्यापक के पूछने पर बच्चा कहता है कि मैं पहाड़ा तो भूल गया बस ट्यून ही याद रह गई है। ऐसा हमारे साथ तो नहीं हो रहा। वननेस (एकत्व), कम्पैशन (दया) और पीस (शांति) कही इनके सिर्फ स्पेलिंग ही याद है और इनको कर्मों में लाना भूल गए हैं और लोगों के आगे तो हम बातें सुना आते हैं अपनी वाह-वाह कमाने के लिए परंतु यह सब हमें अपने जीवन में भी डालना है और जो महापुरुष इसे अपने जीवन में डाल लेते हैं। उनका जीवन रोशन मीनार होता है सबको उनसे सीख मिलती है।
पार्किंग में पहुंचे आठ हजार वाहन
समागम में हरियाणा पंजाब, हिमाचल, यूपी, दिल्ली व उत्तरांचल और आस-पास के क्षेत्रों से लगभग एक लाख के करीब श्रद्धालु पहुंचे। समागम में सुबह आठ बजे से ही हजारों की संख्या में श्रद्धालु बसों, ट्रकों, ट्रैक्टर-ट्रॉलियों, कारों, बाइक व अन्य वाहनों द्वारा पहुंचने शुरू हो गए थे। वाहनों के लिए अलग अलग पार्किंग की व्यवस्था की गई थी। पार्किंग में 15 सौ से अधिक कारें, सौ के करीब बसें, 60 ट्रैक्टर ट्रॉलियां, करीब छह हजार बाइक, तीन सौ साइकिल, 40 के करीब ट्रक पहुंचे। रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड से श्रद्धालुओं को लाने व वापस छोड़ने के लिए निशुल्क वाहन सेवा भी लगाई हुई थी।
माता के दर्शन को पांच घंटे निरंतर चलती रही दस लाइनें
सतगुरु माता जी के दर्शनों के लिए महिलाओं व पुरुषों की करीब एक किलोमीटर लंबी पांच-पांच लाइनें लगभग पांच घंटे निरंतर चलती रहीं। श्रद्धालु हाथ जोड़कर प्रभु सिमरन करते हुए लाइनों में चल रहे थे। सेवादल सदस्य लाइनों को सुचारु रूप देने में सहयोग कर रहे थे। समागम में श्रद्धालुओं के लिए लंगर, प्याऊ, कैंटीन, फ्री डिस्पेंसरी, ज्ञान कक्ष, खोया-पाया सहित अन्य सभी व्यवस्थाएं बहुत ही सुंदर ढंग से की गई थी।
सेवादारों ने संभाली ट्रैफिक व्यवस्था, नहीं लगने दिया जाम
शहर के मुख्य मार्गों व चौकों पर निरंकारी सेवादारों ने ट्रैफिक व्यवस्था को संभाले रखा। जैसे ही समागम संपन्न हुआ हजारों की संख्या में आए वाहनों को सेवादल के जवानों द्वारा बड़ी ही कुशलता से समागम स्थल से बाहर निकलवाया। संगत पहुंचने के बाद भी शहर में यातायात व्यवस्था उचित रही और शहर वासियों को जाम का सामना नहीं करना पड़ा। सेवादल के इस कार्य की आस-पास के लोगों, प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस ने प्रशंसा की।
वक्ताओं व गीताकारों ने दिया सत्य संदेश
कार्यक्रम का मंच संचालन जय कुमार नारंग ने कुशलतापूर्वक किया। निरंकारी समागम में प्रदेश व अन्य राज्यों बाहर से आए अनेक वक्ताओं व गीतकारों अपनी रचनाएं प्रस्तुत कर मिशन का सत्य संदेश दिया। समागम में एक लघु दरबार का भी आयोजन किया गया। अंत में जोनल इंचार्ज टेक चंद ने सतगुरु माता जी के यमुनानगर आगमन पर आभार जताया और बाहर से आई हुई संगत व यमुनानगर प्रशासन तथा हरियाणा पुलिस के सहयोग का धन्यवाद किया।
विधायक सहित कई प्रमुख लोगों ने लियाआशीर्वाद
भारत सरकार द्वारा सतगुरु माता सविंद्र हरदेव को जेड प्लस श्रेणी की सुरक्षा के तहत हरियाणा पुलिस ने यमुनानगर आगमन पर एसकार्ड उपलब्ध करवाया। बता दें कि हरियाणा सरकार द्वारा सतगुरु माता को राजकीय अतिथि का विशेष दर्जा प्राप्त है। समागम में यमुनानगर विधायक घनश्याम दास अरोड़ा सहित शहर के कई सज्जनों ने भी सतगुरु माता जी से आशीर्वाद प्राप्त किया।
फोटो : 25 से 27, 29 से 35 व 37 से 39