सर्वे टीम आई तो चमका शहर, लौट गई तो फिर लगे कचरे के ढेर
यमुनानगर। स्वच्छता सर्वेक्षण-2017 में 434 शहरों की दौड़ में हमारा शहर 346वां नंबर पर रहा। अब स्वच्छता सर्वेक्षण-2018 के 4041 शहरों में अपना शहर कौन-सा नंबर पाता है, इसके लिए केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्रालय की टीम ने गुपचुप तरीके से शहर में सर्वे किया। तीन-चार दिन तक चले सर्वे के दौरान शहर में विशेष सफाई अभियान चला, लेकिन अब शहर में फिर बने पहले से हालात बता रहे हैं कि टीम सर्वे कर लौट चुकी है। मंगलवार को अमर उजाला ने शहर की स्वच्छता के सच की पड़ताल करने पर शहर के पॉश एरिया में ही जगह-जगह कचरे के ढेर लगे पाए वहीं, कूड़ेदान भी कूड़े से अटे पड़े थे। जबकि बीते सप्ताह शहर में कहीं भी कूड़े के ढेर नहीं लगने दिए गए और कूड़ेदान से भी साथ-साथ कूड़े का उठान हुआ।
सीन नंबर-1
शास्त्री कालोनी में दोपहर 12:30 बजे केशव पार्क के समीप रखे दो कूड़ेदान न सिर्फ कूड़े से पूरी तरह अटे पड़े थे, बल्कि उनके अंदर से ज्यादा कचरा इर्द-गिर्द फैला था। कालोनी निवासी पूर्व एमसी विजय बब्बर ने कहा कि सप्ताहभर सिर्फ केंद्रीय टीम के सामने शहर को स्वच्छ दिखाने के लिए सफाई हुई। दोनों कूड़ेदान में आसपास के काफी लोग कचरा डालते हैं, जिसका बीते दिनों साथ-साथ उठान हुआ, लेकिन अब फिर वही हालात हैं। कूड़ेदान ही नहीं उसके चारों ओर भी गंदगी फैली है। जबकि साथ में पार्क और मुख्य मार्ग होने से इनके पास से हर समय लोगों का आना-जाना रहता है।
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सीन नंबर-2
शहीद भगत सिंह चौक से गुरुनानक खालसा कॉलेज रोड जा रहे मार्ग पर भाटिया नगर के समीप खालसा स्कूल के समीप सड़क किनारे लगे कचरे के ढेर को दोपहर दो बजे कैमरे में कैद किया। यहां कोई कूड़ादान नहीं था, यह कचरा लोगों का गिराया और सफाई कर्मियों ने आसपास से इकट्ठा कर यहां जमा किया हुआ था। कचरे में पशु मुंह मारते दिखे और कुछ कचरा हवा से सड़क पर उड़कर आने लगा। पास में दुकानदारों ने बताया कि यहां कल तक सफाई के साथ-साथ उठान हुआ था, लेकिन अब दोपहर बाद भी कचरा नहीं उठ पाया है।
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सीन नंबर-3
मॉडल टाउन के तिकोना पार्क के पास दोपहर करीब ढाई बजे कूड़ेदान खाली था। जबकि उसके आसपास चोरों ओर कचरा फैला मिला। पार्क में सैर करने आए संजय व दिनेश ने बताया कि अभी कुछ देर पहले ही कर्मचारी कूड़ेदान से कचरा उठा ले गए, लेकिन आसपास जमा कचरे का उठान नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि यहीं कचरा उड़कर सड़क व पार्क में आएगा। इसकी दुर्गंध से पार्क में सैर करने आए लोगों को परेशानी होगी। इस पर भिनभिनातीं मक्खियां बीमारी की वजह बन सकती है।
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सीन नंबर-4
जगाधरी की विश्वकर्मा कालोनी में दोपहर 3:41 बजे विश्वकर्मा मंदिर के समीप सड़क किनारे कचरा फैला था। पास के दुकानदारों की माने तो कल यहां सफाई के साथ कचरे उठान भी हुआ, लेकिन आज कोई सफाई कर्मी नहीं आया। जबकि पास में मंदिर के साथ मार्ग के दोनों ओर दर्जनों दुकानें हैं। दुकानदारों व ग्राहकों के साथ मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं व अन्य राहगीरों को भी दिक्कत हो रही है।
बॉक्स
पहले पाया 346वां नंबर, अब टॉप-5 में आने का लक्ष्य: स्वच्छता सर्वेक्षण-2017 434 शहरों में हुआ, जो दो हजार अंकों का था। इसमें शहर का 346वां नंबर पर रहा। इस बार सर्वेक्षण 4041 शहरों में हो रहा है, जो दो हजार नहीं, बल्कि चार हजार अंकों का है। इसमें सर्विस लेवल प्रोसेस के 1400, डायरेक्ट आब्जर्वेशन के 1200 व सिटीजन फीडबैक के 1400 अंक तय हैं। नगर निगम का लक्ष्य प्रदेश के टॉप-5 शहरों में आने का है, लेकिन सिटीजन फीडबैक यह समीकरण बिगाड़ सकता है। चूंकि सबसे ज्यादा अंक सीटीजन फीडबैक के हैं।
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वार्ड नंबर-4 से पार्षद प्रमोद सेठी ने कहा कि कमियों को दूर कर स्थाई समाधान करने के बजाए केंद्रीय टीम से सच छिपाने को सप्ताहभर सिर्फ स्वच्छता का दिखावा हुआ। ऐसा कर पीएम मोदी के स्वच्छता अभियान में अधिकारी रोड़ा बन रहे हैं, इस संबंध में केंद्रीय आवास एवं शहरी मंत्रालय को शिकायत करेंगे।
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वार्ड नंबर-11 से पार्षद अजय कुमार ने कहा कि पहले ही पता था, यहीं होगा। केंद्रीय टीम द्वारा नेगेटिव मार्किंग के डर से निगम ने सप्ताहभर स्वच्छता का ढोल पीटा, अब फिर वहीं हालात हो गए हैं। सिर्फ शहर की जनसंख्या के मुताबिक पक्के सफाई कर्मियों की नियुक्ति व संसाधन होने पर ही शहर स्वच्छ हो सकेगा।
वर्जन :
गिरीश अरोड़ा, कमिश्नर, नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी।
नोट:-खबर को एट्रेक्टिव लूक देने के लिए हर सीन के बॉक्स में दिए समय अनुसार घड़ी की फोटो दी जा सकती है।