अब फसल पकाने के साथ उसकी सिंचाई भी करेगा सूरज
यमुनानगर। महंगी और कम समय के लिए बिजली मिलने पर फसल की सिंचाई का काम प्रभावित नहीं होगा, चूंकि खेत में फसल पकाने के साथ उसकी सिंचाई भी अब सूरज की रोशनी से होगी। ऐसा किसानों को फसल की सिंचाई के लिए सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम मिलने से होने जा रहा है। इसमें धूप से मिलने वाली ऊर्जा से दो एचपी व पांच एचपी पंप खेतों में पानी की फुव्हार छोड़ते नजर आएंगे। यानी बिजली किल्लत व उसके महंगे होने पर फसल की सिंचाई को लेकर किसानों को परेशान नहीं होना पड़ेगा। जबकि उनके पास सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम के रूप में दूसरा विकल्प होगा। जिससे उन पर बिजली आपूर्ति के घंटों में सिंचाई करने की बंदिश खत्म हो जाएगी और वह खुद की बिजली से जब चाहें फसलों की सिंचाई कर पाएंगे।
बता दें कि नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग की ओर से जिले में 122 किसानों को 90 प्रतिशत सब्सिडी पर सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम मुहैया कराए जाएंगे। पहले योजना के तहत 60 प्रतिशत सब्सिडी पर सिस्टम मुहैया कराए जाने थे, लेकिन सरकार ने इसे बढ़ाकर 90 प्रतिशत कर दिया। इसके लिए विभाग ने तीन माह तक गांव-गांव जाकर फसल की सिंचाई में सौर ऊर्जा चलित यह प्रणाली कैसे काम करेगी, इसका डेमो दिया। डेमो देखने के बाद किसानों में सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम में दिलचस्पी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 18 अगस्त 2017 तक 122 सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम लगाने को जिलेभर से 699 किसानों ने आवेदन कर डाले। कई गांवों से पांच से छह किसानों ने सिस्टम लगाने को अप्लाई कर दिया। 699 में से विभाग की ओर से दो आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं, जिसमें एक किसान के अंबाला निवासी होने और दूसरे द्वारा दो बार आवेदन करने पर आवेदन रद किया गया है।
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कम से कम 25 साल चलेगा सिस्टम, किसानों के साथ सरकार को भी राहत: विभाग की मानें तो एक सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम कम से कम 25 साल तो तक चलेगा। जिले में यह सिस्टम इसलिए भी कारगर होगा, क्योंकि किसानों को सिंचाई के लिए तय घंटों के मुताबिक और कुछ क्षेत्र में सिर्फ रात के वक्त बिजली आपूर्ति मिलती है। बिजली किल्लत के साथ किसान बिजली के महंगे रेट को लेकर परेशान रहते हैं। सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम से इन दिक्कतें से छुटकारा मिलने पर बिजली खर्च बचेगा और फसल लागत कम हो जाएगी। वहीं, सरकार को बिजली बचत के साथ बिजली पर किसानों को मिलने वाली सब्सिडी भी नहीं देनी पड़ेगी।
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सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम यूं करेगा काम: विभाग के सहायक परियोजना अधिकारी ओम गोयल ने बताया कि सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम सरफेस और सबमर्सिबल, दो तरह के होंगे। दोनों में 2एचपी या 5एचपी मोटर के साथ सोलर पैनल लगाए जाएंगे, जो सूरज से मिलने वाली ऊर्जा से इलेक्ट्रिक एनर्जी प्रोड्यूस करेंगे। इससे मोटर चलने पर पंप से पानी निकलेगा, जिससे खेतों में फसलों की सिंचाई होगी। इन्हें लगाने के लिए टेंडर दिए जाएंगे, जिसके बाद रेट तय होंगे। आवेदन करने वाले किसान को सिर्फ बोर करना होगा, इसके बाद विभाग द्वारा जिस कंपनी को वर्क अलॉट होगा, वह सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम इंस्टॉल करेगी।
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किसान बोले; सिस्टम अच्छा पर चोरी होने का डर: सिस्टम के लिए आवेदन करने वाले किसान पूर्णचंद शर्मा, गुरमुख सिंह, रामनाथ आदि ने कहा कि योजना अच्छी है। इससे निश्चित ही किसानों को राहत मिलेगी, लेकिन इसमें एक लूज प्वाइंट खेतों में इन सिस्टम की सुरक्षा को लेकर है। इतने महंगे सिस्टम खेतों से चोरी होने का डर है, चूंकि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों से ट्रांसफार्मर व ट्यूबवेल से सामान चोरी की घटनाएं होती हैं।
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ब्लॉक वाइज 2एचपी व 5एचपी पंप हेतू आए आवेदन:-
ब्लॉक आवेदन 2एचपी 5एचपी
बिलासपुर - 129 12 117
छछरौली - 269 57 212
जगाधरी - 102 17 85
खिजराबाद - 52 07 45
रादौर - 112 09 103
साढौरा - 35 03 32
कुल - 699 105 594
वर्जन
90 प्रतिशत अनुदान पर जिले में करीब 122 किसानों को यह सोलर वाटर पंपिंग सिस्टम मुहैया कराए जाएंगे। इसके लिए आए 699 में से दो आवेदन रिजेक्ट कर दिए हैं, जबकि शेष 697 में से उनकी अध्यक्षता में गठित कमेटी 11 जनवरी को जिला सचिवालय के कमरा नंबर 203 में सुबह 11 बजे खंडवार निर्धारित लक्ष्यों अनुसार ड्रा निकालेगी। इससे पूर्व आवेदक वेबसाइट डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट यमुनानगर डॉट एनआईसी डॉट इन पर जारी की सूची से अपना नाम व विवरण मिलान कर लें, यदि कोई त्रुटि हो तो वह एडीसी कार्यालय में कमरा नंबर-212 में 8 जनवरी तक संशोधित करवा सकता है।
कमलेश कुमार भादु, एडीसी, यमुनानगर।
फोटो-1 व 2