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धरने से उठाने पर सीएमओ व एनएचएम कर्मियों में झड़प, स्पीकर आवास पर जाने से पुलिस के रोकने पर हंगामा

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हर्बल पार्क में धरने पर सीएमओ ने बुलाई पुलिस, सीएमओ-एनएचएमकर्मियों में नोकझोंक, स्पीकर आवास पर जाने से पुलिस के रोकने पर हंगामा
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। धारा 144 के बावजूद सिविल अस्पताल के हर्बल पार्क में धरने पर बैठे एनएचएम के कर्मचारियों को उठाने पर सीएमओ और कर्मचारी नेताओं के बीच जमकर बहस हुई। काफी देर तक हुई नोकझोंक के बाद पुलिस बुला ली गई, इसके बाद कर्मचारी धरनास्थल से उठे। सीएमओ ने जहां एनएचएम कर्मचारियों पर अभद्र व्यवहार करने का आरोप लगाया है, वहीं कर्मचारियों ने सीएमओ पर अभद्र व्यवहार का आरोप लगाया है। धरने से उठने के बाद कर्मचारियों ने अस्पताल से स्पीकर आवास तक रोष मार्च निकाला। इधर, स्पीकर आवास पर पहले से तैनात पुलिस ने कर्मचारियों को बैरिकेड लगाकर रोक लिया। इसके बाद उन्होंने काफी देर तक हंगामा किया। हंगामे की सूचना पर स्पीकर कंवरपाल मौके पर पहुंचे। उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों से बातचीत कर मसले को सरकार के समक्ष उठाने और जल्द सुलझाने का आश्वासन दिया। इसके बाद एनएचएमकर्मी स्पीकर आवास के नजदीक रेलवे रोड पर टेंट लगाकर अनिश्चितकाल के लिए धरने पर बैठ गए।
नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) कर्मचारियों की हड़ताल का नौवां दिन था। हड़ताल के चलते बुधवार सुबह सभी एनएचएम कर्मचारी सिविल अस्पताल के हर्बल पार्क में धरने पर बैठ गए। अस्पताल के आस पास धारा 144 लगी होने के कारण सीएमओ डा. कुलदीप सिंह, उप सिविल सर्जन व अन्य अधिकारी मौके पर पहुंच गए। उन्होंने धरने पर बैठे कर्मचारियों को उठने के लिए कहा, लेकिन कर्मचारी वहीं बैठे रहने पर अड़े रहे। धारा 144 होने के बावजूद धरने से न उठने पर सिविल सर्जन ने उन्हें उठाने की बात कही। इस पर सीएमओ और एनएचएम यूनियन नेताओं के बीच तीखी नोकझोंक हुई। काफी देर तक दोनों के बीच बहस होती रही। इसके बाद सीएमओ ने पुलिस को मौके पर बुलाया। पुलिस के आने पर एनएचएमकर्मी धरनास्थल से उठ गए। इसके बाद नारेबाजी करते हुए रेलवे रोड से रोष मार्च निकालते हुए स्पीकर आवास के नजदीक पहुंचे। लेकिन स्पीकर आवास से पहले ही पुलिस ने बैरिकेड लगाकर उन्हें रोक लिया। स्पीकर आवास पर जाने से रोकने पर एनएचएम कर्मचारियों और पुलिस के बीच काफी बहस हुई। इसके बाद कर्मचारी वहीं सड़क के बीच नीचे बैठ गए और सरकार विरोधी नारेबाजी करने लगे। काफी देर तक हंगामा चलता रहा। सूचना मिलने पर स्पीकर कंवरपाल आवास से बाहर आए। उन्होंने एनएचएम कर्मचारियों से बातचीत की। स्पीकर कंवरपाल ने उन्हें आश्वासन दिया कि इस मामले में सरकार से बातचीत कर हल निकाला जाएगा। इसके बाद उन्होंने रेलवे रोड पर टेंट गाड़कर धरना प्रदर्शन किया। अब एनएचएम कर्मचारी रेलवे रोड किनारे अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हुए हैं। प्रदर्शन में सुरज भान, सुशील, श्वेता, सुनील, ज्ञान चंद, डिंपल, दलजीत सिह, कमल सचिन शर्मा, दिनेश शर्मा, सुनील आदि थे।
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सीएमओ पर अभद्रता करने का आरोप
एनएचएम यूनियन के जिला प्रधान विजय कांबोज ने बताया कि वह शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे। लेकिन सीएमओ ने मौके पर आकर उन्हें जबरन उठाने का प्रयास किया और उनसे अभद्रता की, जो निंदनीय है। उन्होंने कहा कि एनएचएम कर्मचारी पिछले 15 वर्षों से स्वास्थ्य विभाग को अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं। लेकिन सरकार ने उनके लिए कोई सेवा नियम नहीं बनाए। जब तक उनके लिए सरकार कोई सेवा नियम नहीं बनाती और समान काम के बदले समान वेतन नहीं देती तब तक वह अनिश्चित काल के लिए धरने पर बैठे रहेंगे।

पहले किया फोन, फिर बुलाए वापस :एनएचएम यूनियन जिला प्रधान विजय कांबोज ने बताया कि जब सीएमओ ने हर्बल पार्क में बैठने नहीं दिया, तो वह स्पीकर से मिलने आए। स्पीकर से मुलाकात की गई तो उन्होंने सरकार से बातचीत करने के लिए आश्वासन दिया। उसके बाद विधानसभा स्पीकर ने सीएमओ से कर्मचारियों बारे बातचीत की। उसके बाद कर्मचारी वापस हर्बल पार्क जाने लगे, लेकिन बीच रास्ते से फिर उन्हें स्पीकर निवास पर बुलाया गया। अब कर्मचारी टेंट लगाकर स्पीकर निवास के सामने रेलवे रोड पर धरना देकर बैठ गए। जिस स्थान पर कर्मचारियों ने अपना टेंट लगाकर धरना शुरू किया, उसके नजदीक ही काफी समय से गेस्ट टीचर भी टेंट लगाकर धरना दे रहे हैं, अब दो विभागों के कर्मचारी धरने पर मौजूद हैं।
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कुछ कर्मचारियों ने किया अभद्र भाषा का प्रयोग : सीएमओ
सिविल सर्जन डा. कुलदीप सिंह का कहना है कि अस्पताल के पास धारा 144 लगी हुई है। इसका नोटिस धरना स्थल पर पहले से लगा दिया गया था। जब उन्हें वहां बैठने से मना किया गया तो कुछ कर्मचारी अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने लग गए थे। जब पुलिस आई तो कर्मचारी उठ गए।
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