बादलों की जारी रही लुकाछिपी, धुंध से वाहनों की स्पीड पर लगा ब्रेक
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मौसम के तेवर तीसरे दिन भी तल्ख बने रहे। सुबह दस बजे तक शहर कोहरे के आगोश में लिपटा रहा और दिनभर सर्द हवाएं चलतीं रहीं। इससे लोग घरों में दुबके रहे तो दृश्यता कम होने से सड़कों पर वाहन रेंगते नजर आए। वहीं सूर्य देव भी दर्शन नहीं दिए, नतीजतन पारे में गिरावट दर्ज की गई। इधर, मौसम के बिगड़े मिजाज का असर ट्रेन यातायात पर भी पड़ा। कई ट्रेनेें अपने निर्धारित समय से आधा से एक घंटे तक देरी से स्टेशन पहुंचीं।
करीब दस बजे तक कोहरे ने ट्विनसिटी को अपने आगोश में लिए रखा। दोपहर करीब एक बजे के करीब सूरज आसमान में दिखाई दिया, मगर चंद मिनट बाद ही बादलों के पीछे छिप गया, जिससे वातावरण में ठंडक बढ़ गई। अन्य दिनों की अपेक्षा बुधवार को लोग पूरी तरह गर्म कपड़ों से लैस होकर अपने काम पर निकलें। ठंड के चलते दुपहिया वाहन चालक धीमी गति से वाहन चलाते नजर आए। स्कूल के लिए निकले बच्चे भी पूरी तरह गर्म कपड़ों से लैस ठिठुरते हुए दिखे। देर शाम को ठंडक और अधिक बढ़ गई। बुधवार को न्यूनतम तापमान आठ डिग्री दर्ज किया गया। विशेषज्ञों का कहना है कि, यह अब तक का सबसे कम न्यूनतम तापमान है। इधर, श्री गंगानगर से चलकर हरिद्वार जाने वाली एक्सप्रेस ट्रेन एक घंटे देरी से स्टेशन पर पहुंची। वहीं सहरसा से अमृतसर जाने वाली जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन भी एक घंटे लेट थी। कई ट्रेनों के देरी से आने पर यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
बदलते मौसम में बच्चों का रखें खास ख्याल : दहिया
सिविल अस्पताल के चिकित्सा अधिकारी व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजय दहिया ने बताया कि मौसम में बदलाव बच्चों के स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस मौसम में बच्चों का विशेष ख्याल रखें। छोटे बच्चों को पूरी तरह गर्म कपड़े पहनाकर रखें। उन्हें मोटरसाइकिल पर लेकर जाने से बचें। गर्म पानी से नहाने के बाद बच्चों को एकदम से कमरे में न लाएं। उन्हें गर्म सर्द से बचाएं। जिन बच्चों को खांसी, जुकाम हैं, स्वस्थ बच्चों को उनके संपर्क में न आने दें।