स्कूलों में बच्चों के खाने की जांच करें अधिकारी
- समीक्षा बैठक में उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी को दिए निर्देश-
- अमर उजाला ने मिड डे मिल में चूंहों का मल होने का समाचार किया था प्रकाशित
अमर उजाला ने उठाया था स्कूलों मेें मिडडे मील के खराब रख-रखाव का मुदद-
यमुनानगर। जिला शिक्षा अधिकारी स्कूलों में बच्चों को दिए जा रहे खाने की समय-समय पर जांच करें। खाने की गुणवत्ता स्वयं जांचे ताकि बच्चों के स्वास्थ्य से खिलवाड़ न हो। खाद्य पदार्थों के रखा-रखाव भी देखे। यह निर्देश उपायुक्त ने समीक्षा बैठक में दिए। अमर उजाला ने स्कूलों में मिलने वाले मिड डे मील का निरीक्षण कर दिखाया था कि बच्चों को परोसे जाने वाले खाद्य पदार्थों में चूहे का मल था। खाद्य सामग्री खुले में पड़ी थी। इसी पर संज्ञान लेते हुए खाद्य सामग्री की जांच के निर्देश दिए गए।
सोमवार को जिला सचिवालय के सभागार में जिला में चल रहे विकास कार्यों और विभिन्न विभागों की कार्य प्रणाली की समीक्षा करने के उद्देश्य से उपायुक्त रोहतास सिंह खर्ब ने जिला अधिकारियों की मासिक बैठक ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी अधिकारी समय समय पर होने वाली बैठकों में अवश्य भाग लें। स्कूलों में बच्चों को परोसे जाने वाले खाने के प्रति उपायुक्त गंभीर नजर आए। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि वे स्वयं स्कूलों में जाकर बच्चों को दिए जाने वाले खाने की जांच करे। गुणवत्ता के साथ यह भी अवश्य देखें कि खाने में प्रयोग होने वाले सामान का रख-रखाव ठीक प्रकार से हैं या नहीं। क्योंकि जब खाने का सामान ठीक व सुरक्षित नहीं होगा तब तक अच्छे खाने की उम्मीद नहीं की जा सकती। उपायुक्त ने सिविल सर्जन डॉ कुलदीप कुमार को निर्देश दिए कि वे कन्या भ्रूण हत्या को रोकने के लिए ओर कड़े कदम उठाए। ताकि उन्होंने सिविल सर्जन को निर्देश दिए है कि सरकार की ओर से कन्या भ्रूण हत्या जैसी बुराई की सूचना देने वाले को सम्मानित किया जाएगा, ऐसे लोगों को सम्मानित भी अवश्य करें ताकि जिला को कन्या भ्रूण जैसी बुराई से शतप्रतिशत मुक्त किया जा सके। उन्होंने नगर निगम के अधिकारियों को भी निर्देश दिए कि वे जिला के शहरी क्षेत्रों को शीघ्र अति शीघ्र खुले में शौच मुक्त करने की दिशा में ठोस कदम उठाए। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए कि पिछले कुछ समय से नई बुढ़ापा, विधवा, विकलांग व अन्य पेंशन को लगवाने के केस लंबित हैं। इनका निपटारा समय रहते करें। सीएम विंडों की शिकायतों की समीक्षा करते हुए उन्होंने कहा कि जिले में सीएम विंडों की शिकायतों का आंकडा पिछले कुछ समय से बढ़ रहा है। सभी अधिकारी सीएम विंडो से संबंधित शिकायतों का निपटारा शीघ्र निर्धारित अवधि में करें। सीएम विंडो पोर्टल के साथ ही प्रधानमंत्री पोर्टल भी है। इस पोर्टल पर जिले की सैकड़ों शिकायतें है उनके निपटान पर भी ध्यान देने की जरूरत है।
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