भक्त पथ से डगमगा जाए तो भी पा लेता है भगवान के चरणों की सेवा: पुरुषदास
यमुनानगर। कैंप के मेन बाजार स्थित श्रीसनातम धर्म मंदिर में चल रहे श्रीमद्भागवद गीता ज्ञान यज्ञ के चौथे दिन कथा व्यास दिव्य पुरुष दास ने भक्त के गुणों का वर्णन किया। उन्हाेंने कहा कि भक्तों का कभी विनाश नहीं होता है। भक्त अपने पथ से डगमगा भी जाए तो भी वह भगवान के चरणों की सेवा पा ही लेता है। भगवान गीता में अर्जुन से कहते हैं कि मेरे भक्तों का कभी विनाश नहीं होता है। कथा की समाप्ति के पश्चात आरती हुई। कथा से पहले सुबह प्रभातफेरी निकाली गई। जो श्रीसनतम धर्म मंदिर से चलकर क्षेत्र की अन्य कॉलोनियों से होते हुए वापस सनातम धर्म मंदिर पहुंची। इस मौके पर यजमान के रूप में मदन मोहन गर्ग उपस्थित रहे। कथा में अश्वनी मेहता, निशा नंदा, रजनीश मलिक, विपिन शर्मा, बंटी कालड़ा, कुसुम मेहता, दीपक चानना, गुलशन अरोड़ा, विक्की मेहंदीरत्ता, रवि मेहंदीरत्ता, भूषण कालड़ा आदि मौजूद रहे।
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