फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नगर निगम हाउस मीटिंग में जमकर हुई गाली-गलौच, हंगामे के बाद बीजेपी पार्षदों का बहिष्कार

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन
नगर निगम हाउस मीटिंग में जमकर हुई गाली-गलौच, हंगामे के बाद बीजेपी पार्षदों का बहिष्कार
सचिवालय में नगर निगम मेयर की अध्यक्षता में हुई बैठक, प्रशासनिक अधिकारी भी रहे मौजूद-
-कांग्रेस समर्थित पार्षदों व भाजपा से सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू के बीच जमकर हुई बहस-
-भाजपा पार्षदों ने मेयर पर लगाया एजेंडे को बिना सहमति अपने घर पर तैयार करने का आरोप
-कांग्रेस व भाजपा समर्थित पार्षदों की सहमति ने बन पाने से शहर के विकास के कई मुद्दे अटके-
-बैठक में रखे जाने थे 91 प्रस्ताव, बीजेपी पार्षदों के बायकॉट के बाद भी चलती रही बैठक-
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। करीब आठ माह बाद बुधवार को लघु सचिवालय के सभागार में हुई नगर निगम हाउस की बैठक में जमकर हंगामा हुआ। कई मुद्दों पर जमकर बहस हुई। हंगामे के दौरान कांग्रेस समर्थित पार्षदों और सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू के बीच गाली गलौच हुई। लंबित मुद्दों पर बहस पूरी होने के बाद जब नियमित मुद्दों का एजेंडा बैठक के बीच रखा गया तो भाजपा समर्थित सीनियर डिप्टी मेयर और पार्षदों ने इस पर एतराज जताया। सीनियर डिप्टी मेयर ने खुले आम मेयर सरोज बाला पर हेराफेरी करते हुए एजेंडे को घर के अंदर चोरी से बैठकर तैयार करने का आरोप लगाया। इस दौरान पक्ष और विपक्ष के बीच जमकर हंगामा किया। सीनियर डिप्टी मेयर सहित अन्य बीजेपी पार्षदों ने मेयर के खिलाफ हेराफेरी नहीं चलेगी, चोर बजारी नहीं चलेगी व अन्य नारे लगाए। इसके बाद भाजपा समर्थित पार्षदों ने बैठक का बहिष्कार किया। हालांकि बैठक में कांग्रेस समर्थित व अन्य पार्षदों के बीच हाउस की बैठक हुई। बैठक में कुल 91 मुद्दों पर चर्चा की जानी थी, लेकिन हंगामे के बीच कई मुद्दे आगामी बैठक के लिए लंबित रखे गए।
लघु सचिवालय के सभागार में बुधवार को नगर निगम हाउस की बैठक हुई। सबसे पहले आठ माह पहले 19 अप्रैल को हुई हाउस की बैठक में लंबित मुद्दों को रखा गया। इस दौरान श्याम सुंदर मेहता पार्क का नाम बदलने के मुद्दे पर हंगामा शुरू हो गया। वार्ड नंबर पांच से पार्षद देवेंद्र सिंह ने कहा कि यह मुद्दा मीटिंग में कई बार आ गया है। इस मुद्दे को पिछली मीटिंग में रद्द कर दिया गया था तो यह मुद्दा दोबारा क्यों शामिल किया गया। इसके जवाब ने सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने कहा कि निगम मेंबर ने झूठ बोला है। यह मुद्दा बार बार नहीं बल्कि पिछली मीटिंग में पहली बार आया था। पिछली मीटिंग में हंगामा होने पर इस मुद्दे को लंबित रखा गया था। इस पर सीनियर डिप्टी मेयर व पार्षद देवेंद्र सिंह के बीच जमकर बहस हुई। बहस होने पर वार्ड नंबर 13 से पार्षद नवनीत कुमार, 14 से निर्मला चौहान व अन्य कांग्रेस पार्षद ने भी विरोध करना शुरू कर दिया। बहस हंगामे में बदल गई। दोनों तरफ से एक दूसरे के खिलाफ जमकर शब्द बाण छोड़े गए। बाद में बात वोटिंग पर आ गई। जिसके बाद इस मुद्दे को फिर से अगली मीटिंग के लिए लंबित रखा गया।
विज्ञापन

बॉक्स
मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए बीजेपी पार्षदों ने किया मीटिंग का बॉयकाट :
लंबित मुद्दों पर बातचीत होने के बाद नियमित एजेंडा पेश किया गया। तभी सीनियर डिप्टी मेयर पवन बिट्टू ने इसका विरोध जताया कि इस एजेंडे के बारे में उन्हें जानकारी नहीं दी गई। उन्हें बताए बिना ही एजेंडा तैयार किया गया। इस दौरान सीनियर डिप्टी मेयर व कांग्रेस समर्थित पार्षद देवेंद्र सिंह, नवनीत, निर्मला चौहान, सतपाल डग्गा, राम स्वरूप अन्य पार्षदों के बीच जमकर तीखी बहस हुई। दोनों पक्षों ने एक दूसरे को जमकर गालियां सुनाई। बाद में सीनियर डिप्टी मेयर व अन्य बीजेपी पार्षद प्रमोद सेठी, प्रीती जौहर, कुसुम त्यागी, कर्मबीर, नीरज राणा, नोमीनेटिड पार्षद पवन गर्ग व अन्य ने मेयर के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मीटिंग का बॉयकाट कर दिया।
बॉक्स
एसई बोले, जांच में लापरवाह अधिकारी को करूंगा सस्पेंड :
पिछली मीटिंग में नगर निगम क्षेत्र में आने वाले पार्कों में बेंच लगाने व अन्य विकास के लिए 20-20 लाख रुपये खर्च किए जाने का प्रस्ताव पास किया गया था। बैठक में ईओ दीपक सुरा ने कहा कि अधिकतर पार्कों में बैंच लगाने का काम पूरा कर लिया गया है और जहां नहीं लगे वहां पर लगाए जाए रहे है। ऐसे में अधिकतर पार्षदों ने विरोध जताते हुए कहा कि उनके क्षेत्र में किसी भी पार्क में बैंच नहीं लगाए गए। आठ माह में किसी भी पार्क में बैंच नहीं लगाए गए। जिस अधिकारी की जिम्मेवारी है उससे जवाब मांगा जाए। पूर्व डिप्टी मेयर व पार्षद रामपाल व निर्मला चौहान ने कहा कि स्लम एरिया के जितने भी पार्क है, उनमें कोई विकास नहीं हो रहा है। सारा खर्च नेहरू पार्क पर किया जा रहा है। नगर निगम के एसई ने जवाब में कहा कि इसी सप्ताह पूरे मामले की जांच की जाएगी। जांच में जिस भी अधिकारी की लापरवाही मिलेगी उसे सस्पेंड किया जाएगा।
बॉक्स
कहां गए पेंचवर्क के पांच-पांच लाख :
मीटिंग में नगर निगम के हर वार्ड में पांच पांच लाख रुपये की लागत से सड़कों की मरम्मत किए जाने वाले मुद्दें पर भी जमकर बहस हुई। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि हर वार्ड की सड़कों का पेंचवर्क हो चुका है। इस पर अधिकतर निगम पार्षदों ने कहा कि उनके वार्ड में किसी भी सड़क पर पेंचवर्क नहीं किया गया। यदि कहीं किया हो तो हमें दिखाओं। जब कहीं मरम्मत नहीं हुई तो पांच लाख रुपए कौन ले गया, कहां गए। इसकी जांच करवाई जाए।
बॉक्स
नगर निगम से गुम हो रही फाइलें, लापरवाह अधिकारी की काटी जाएगी डीडीआर :
पार्षद नवनीत कुमार व कुछ अन्य पार्षदों ने कहा कि नगर निगम कार्यालय से विकास कार्यों की फाइलें गुम हो रही है। जब पार्षद इस संबंध में अधिकारियों से बातचीत करते है तो उन्हें टरका दिया जाता है। नगर निगम अधिकारियों ने जवाब देते हुए कहा कि फाइलें गुम होने के मामले में जिस भी अधिकारी की लापरवाही पाई जाएगी, उसकी पुलिस में शिकायत कर डीडीआर कटवाई जाएगी।
बॉक्स
छह करोड़ की जमीन पर ना तारबंदी हुई ना दीवार बनी :
वार्ड नंबर 14 से पार्षद निर्मल चौहान ने कहा कि उनके वार्ड में वक्फ बोर्ड की लगभग छह करोड़ रुपये की जमीन पड़ी है। जिस पर कुछ लोगों ने अवैध कब्जा किया हुआ है। पिछली मीटिंग में यहां पर तारबंदी या दीवार बनाने की बात हुई थी, लेकिन अभी तक ना तो दीवार बनी और ना ही तारबंदी की गई। इसपर निगम अधिकारियों ने कहा कि 15 दिन में कार्रवाई की जाएगी।
बॉक्स
नहीं दी जाती विकास कार्य करवाने के टेंडर की कॉपी :
ईओ ने कहा कि सरकार के दिशा निर्देशों के तहत जिस वार्ड में कोई भी विकास कार्य होता है। उसके टेंडर की एक कॉपी संबंधित पार्षद व दो कॉपियां मेयर को दी जाती है। निगम पार्षदों ने कहा कि नगर निगम अधिकारी उन्हें गुमराह कर रहे है। अब तक उन्हें किसी भी विकास कार्य की कॉपी नहीं मिली।
बॉक्स
कैसे घोषित कर दिए अवैध कब्जे :
निगम अधिकारी ने कहा कि औरंगाबाद के पास कुछ दुकानदारों ने अवैध कब्जे किए हुए है। इस पर वार्ड नंबर 18 से पार्षद कर्मबीर ने कहा कि अधिकारियों ने इसे अवैध कब्जे कैसे घोषित किया। इसका कारण तो बताओ। इस पर एसडीएम ने निगम अधिकारियों को कारण बताने के निर्देश दिए। नगर निगम के नायब तहसीलदार ने कहा कि वह जमीन लाल डोरे के अंदर नहीं है। इसपर पार्षद कर्मबीर ने कहा कि यदि लाल डोरे में नहीं है तो वह अवैध कब्जे में आएगी। एसडीएम ने निगम अधिकारियों को सात दिन में इसकी रिपोर्ट देने को कहा।
विज्ञापन

बॉक्स
सड़क निर्माण में लगाई घटिया सामग्री, सीएम विंडो2 में शिकायत देने पर भी नहीं समाधान :
वार्ड नंबर पांच के पार्षद देवेंद्र सिंह ने कहा कि बुडिय़ा में कुछ माह पूर्व सीसी सड़क का निर्माण किया गया। आरोप है कि ठेकेदार ने सड़क निर्माण में घटिया सामग्री का प्रयोग किया था। उस समय भी उन्होंने इसका विरोध जताया था। इसके बाद उन्होंने ठेकेदार के खिलाफ दो जून, सात जून को संबंधित अधिकारियेां को शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई, इसके बाद तीन जुलाई को सीएम विंडो में शिकायत भेजी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। अधिकारियों द्वारा ठेकेदार पर कार्रवाई करने की बजाए उसकी पूरी पेमेंट दे दी। एसई ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी।
फोटो : 16 से 19, 20 से 23 व 25 से 27
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें