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छठ पर्व पर डूबते सूर्य को अघ्र्य देकर हजारों महिलाओं ने मांगी मन्नतें

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अस्ताचलगामी सूर्य को अर्घ्य दे मांगीं मन्नतें
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिलेभर में गुरुवार को छठ पर्व उत्साह से मनाया गया। व्रतधारी हजारों महिलाओं ने शाम के समय पश्चिमी यमुना नहर के किनारे और विभिन्न घाटों पर अस्ताचलगामी (डूबते) सूर्य को अर्घ्य देकर मन्नतें मांगीं। महिलाओं और श्रद्धालुओं ने छठ मइया का विधिवत पूजन किया। सबसे ज्यादा श्रद्धालु बाडीमाजरा पुल के पास पश्चिमी यमुना नहर किनारे जुटे।
बाडीमाजरा पुल पर पूर्वांचल कल्याण सभा और हमीदा हेड पर पूर्वोत्तर मानव कल्याण समिति द्वारा कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसमें स्पीकर कंवरपाल और यमुनानगर विधायक घनश्याम दास मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने सभी को छठ पर्व की बधाई देते हुए कहा कि यह पूरे देश में मनाया जाता है वहीं, जिले में भी हजारों लोग इस पर्व को उत्साह से मनाते हैं। कार्तिक शुक्ल षष्ठी को होने वाला छठ पर्व सूर्य साधना का ही स्वरूप है। यह त्यौहार सभी लोगों को भाईचारे से मनाना चाहिए, ताकि पूर्वांचल के इस त्यौहर को हरियाणा की इस पवित्र भूमि पर भी लोकप्रियता मिले। मौके पर पूर्वांचल कल्याण सभा के प्रधान नर्वदेश्वर त्रिपाठी, पदाधिकारी ब्रिजभान सिंह, राजेश श्रीवास्तव, उमेश प्रसाद, आर रक्षित व एके उपाध्याय व पूर्वोत्तर मानव कल्याण समिति के प्रधान परमानंद यादव, महासचिव जोगिंद्र गुप्ता व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। शाम सात बजे तक हजारों श्रद्धालुओं ने डूबते सूर्य का अघ्र्य देकर मन्नतें मांगी और विधिवत पूजन किया। इसी तरह सोमवार अलसुबह से श्रद्धालु यमुना किनारे जुट जाएंगे व उगते सूर्य को अर्घ्य देकर विधिवत पूजन करेंगे।
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इन स्थानों पर भी हुए विशेष आयोजन
बाडीमाजरा पुल के अलावा पुराना फतेहपुर पुल, बुड़िया पुल, चिट्टा मंदिर और हमीदा हेड पर भी विशेष कार्यक्रम आयोजित हुए। पश्चिमी यमुना नहर के किनारों और घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालु जुटना शुरू हो गए थे, जोकि शाम पांच बजे तक आते रहे। देर शाम पूजन को लेकर उमड़ी श्रद्धालुओं की भीड़ से मेले जैसा नजारा बन गया। इस दौरान श्रद्धालुओं द्वारा वेदियों पर दीप जलाकर विधिवत पूजन किया गया। इसके बाद अस्त होते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजा कर नहर के बहते पानी में जलते दीप प्रवाहित किए गए। इसी तरह शुक्रवार (आज) उदय होते सूर्य को अर्घ्य देकर पूजन और व्रत का समापन किया जाएगा।
खूब बजे ढोल-नगाड़े और हुई आतिशबाजी
छठ पूजन के दौरान पूर्व के राज्यों के लोगों द्वारा ढोल नगाड़े की थाप पर नाचकर और पटाखे व आतिशबाजी जलाकर पर्व की खुशी मनाई। मन्नतें पूरी होने पर परिवारों ने वेदी पर फूल मालाएं चढ़ाकर तो कइयों ने जमीन पर लेटकर आयोजन स्थल तक पहुंचकर पूजा-अर्चना की। हजारों की संख्या में व्रतधारी महिलाओं ने यमुना के पानी में खड़े होकर सूर्य को अर्घ्य दिया गया और अपनी-अपनी मन्नतें मांगी।
निजी वाहन संचालकों की हुई खूब चांदी
छठ पर्व के चलते निजी वाहनों खासकर ऑटो वालों की खूब चांदी रही। जगाधरी सहित यमुनानगर के विभिन्न क्षेत्रों से पश्चिमी यमुना नहर तक पहुंचने के लिए श्रद्धालुओं ने ऑटो का सहारा लिया। इस दौरन ऑटो खचा-खच भरे चलते दिखाई दिए। क्षमता से अधिक सवारियों को बैठकर ऑटो सरेआम शहर से होकर गुजरे, किंतु चौक-चारोहों पर तैनात कर्मियों में से किसी ने भी उन्हें रोकने-टोकने की जहमत नहीं उठाई। इसके अलावा आयोजन स्थलों पर खाद्य और पेय पदार्थों के विभिन्न स्टॉल लगाने वाले विक्रेताओं की भी खूब चांदी रही।
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बैरीकेड लगाकर पुलिस ने की निगहबानी
वर्ष 2013 में प्रशासन के लचर इंतजामों के चलते बाड़ीमाजरा पुल पर भगदड़ मच गई थी। इसके बाद से जिला प्रशासन छठ पूजा पर चुस्त दिखाई देने लगा है। गुरुवार को पुल के दोनों तरफ पुलिस कर्मचारियों के साथ स्काउट और विभिन्न सामाजिक संगठनों के सदस्य भी तैनात थे। नहर में तैराक नाव सहित तैनात रहे। आयोजन स्थल के आसपास वाहनों की आवाजाही को पूरी तरह रोके रखा, जिससे आने-जाने वालों को दिक्कत नहीं हुई। उधर, पुल तंग होने के कारण उस पर से लोगों के आने-जाने के लिए दो हिस्सों में बांट दिया गया। इसके अलावा पुलिस ने जगह-जगह बैरीकेड लगाकर स्थिति पर नियंत्रण रखा। छठ पूजा के दौरान अधिकारियों से लेकर पुलिस कर्मचारी पूरी तरह मुस्तैद दिखे। एंबुलेंस, फायरब्रिगेड, लाइटों की व्यवस्था चाक-चौबंद दिखी। वहीं, मौके पर गोताखोर भी तैनात रहे।
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