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अघोषित कटौती की मार से इंडस्ट्री बेहाल

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अघोषित कटौती की मार से इंडस्ट्री बेहाल
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। त्यौहारी सीजन सिर पर है और अघोषित कटौती ने उद्योगपतियों को बेहाल कर दिया है। उद्योगपतियों का कहना है कि, त्यौहारी सीजन में मिले ऑर्डर पूरे करने को उत्पादन में जुटे हैं, लेकिन अघोषित कटौती से मुश्किल खड़ी हो गई है। कहा कि, बिजली आपूर्ति लड़खड़ाने से डिमांड कैसे पूरी करें, यह चिंता सताने लगी है। बड़े उद्योगपति जेनरेटर के सहारे काम चला रहे हैं।
बता दें कि करवाचौथ से फेस्टिवल सीजन शुरू हो चुका है और आगे एक के बाद एक त्यौहार आ रहे हैं। इसको लेकर बाजार में खरीद जोर पकड़ रही है वहीं, फेस्टिवल सीजन के लिए हर वस्तु की डिमांड बढ़ रही है। इसे पूरा करने को उद्योगपति उत्पादन कार्य में जुट गए हैं, लेकिन बिजली आपूर्ति इसमें आड़े आ रही है। दिन में भी कई घंटे अघोषित कट लग रहे हैं, जिससे उद्योगपति व छोटे व्यापारी परेशान हैं। बड़े उद्योगपति जेनरेटर पर डीजल के रूप में अतिरिक्त खर्च कर काम चला रहे हैं वहीं, छोटे व्यापारियों के पास जेनरेटर की सुविधा न होने पर कई-कई घंटे लेबर को खाली हाथ पर हाथ धरे बैठाना पड़ रहा है।
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बिजली न होने पर लेबर को कई-कई घंटे खाली बैठना पड़ता
हरियाणा प्रदेश व्यापार निगम के प्रदेश अध्यक्ष भीमसेन गर्ग ने कहा कि त्यौहारी सीजन चल रहा है। इस बीच दिन में कई-कई घंटे बिजली के कट लग रहे हैं। उनकी इकाई पर जेनरेटर न होने से बिजली न होने की सूरत में लेबर को खाली बैठना पड़ता है। इससे उन्हें हर दिन उत्पादन कम होने से नुकसान झेलना पड़ रहा है। प्रशासन व बिजली निगम को चाहिए कि फेस्टिवल सीजन को मद्देनजर रख खासकर पूरे दिन बिजली आपूर्ति सुचारू रखी जाए।
जेनरेटर पर डीजल के रूप में करना पड़ रहा अतिरिक्त खर्च
कारोबारी निपुण गर्ग ने कहा कि फेस्टिवल सीजन को लेकर बाजार की डिमांड को पूरा करने के लिए उत्पादन चल रहा है। बिजली आपूर्ति बाधित होने पर जेनरेटर पर डीजल के रूप में अतिरिक्त खर्च करना पड़ रहा है। इससे उत्पादन पर असर पड़ने के साथ लागत अधिक आ रही है। बिजली निगम को चाहिए कि कहीं भी फाल्ट होने पर जल्द बिजली आपूर्ति को जल्द सुचारू किया जाए।
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विशेष टीम की ड्यूटी लगाकर आपूर्ति रखी जाए सुचारू
द जगाधरी मैटल मैन्यूफैक्चरर्स एंड सप्लायर्स एसोसिएशन के महासचिव सुंदरलाल बतरा ने बताया कि जगाधरी में सैकड़ों बर्तन निर्माण की इकाईयां हैं, जिनका सारा काम बिजली पर ही निर्भर है। बड़े कारोबारियों के पास जेनरेटर हैं, लेकिन छोटे व्यापारियों के पास इसका अभाव है। बड़े कारोबारी बिजली न होने पर डीजल खर्च कर काम चला रहे हैं वहीं, छोटे व्यापारियों का व्यापार चौपट हो रहा है। बिजली निगम को चाहिए कि फेस्टिवल सीजन को मद्देनजर रख कट न लगाए जाएं और विशेष टीम की ड्यूटी लगाकर आपूर्ति सुचारू रखी जाए।
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