प्लाईवुड उद्योग को 18 फीसदी जीएसटी श्रेणी में लाने की कर रहे कोशिश: सीएम
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। जिले में दो दिवसीय प्रवास के दूसरे दिन रविवार को मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर ने ग्रे-पेलिकन के कांफ्रेंस हाल में उद्योगपतियों संग बैठक की। इस दरम्यान उद्योगपतियों ने तमाम सस्याएं उठाईं, जिसके समाधान के निर्देश दिए। प्लाईवुड इंडस्ट्री को 28 फीसदी जीएसटी श्रेणी से निकालकर 18 फीसदी श्रेणी में लाने का प्रयास करने का भी आश्वासन दिया। साथ ही जिले में 65 करोड़ रुपये के विकास कार्यों को मंजूरी भी दी।
जिले के औद्योगिक इकाइयों के प्रमुखों, प्रबंधकों, संचालकों और प्रतिनिधियों के साथ बैठक में सीएम ने औद्योगिक क्षेत्र यमुनानगर, इंडस्ट्रियल एस्टेट फेज-1, फेज-2 और मानकपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट के इंफ्रास्ट्रक्चर और सड़कों के नवीनीकरण और सुधार के लिए 33 करोड़ रुपये के परियोजनाओं को स्वीकृति दी। साथ ही संबंधित विभाग के अधिकारियों को इस पर 20 दिनों में कार्य शुरू करने के निर्देश दिए। इसके अलावा उन्होंने जगाधरी बस स्टैंड के पास क्वालिटी मार्किंग सेंटर के अपग्रेडेशन के लिए 32 करोड़ रुपये की योजना को मंजूरी दी। साथ ही शीघ्र क्वालिटी मार्किंग सेंटर प्रांगण में निर्यात डिस्प्ले सेंटर की स्थापना कराने का भी आश्वासन दिया। इस मौके पर विधानसभा स्पीकर कंवरपाल, यमुनानगर विधायक घनश्यामदास अरोड़ा अज्ञैर साढौरा विधायक बलवंत सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री वेदपाल एडवोकेट, रामेश्वर चौहान, भाजपा के जिला अध्यक्ष महेंद्र खदरी, जिला मीडिया प्रभारी सुमित गुप्ता, जिला भाजपा आईटी सेल के संयोजक विभोर पहुजा, इंडस्ट्रियल एस्टेट एसोसिएशन के प्रधान जीएस चावला, हरियाणा प्लाइवुड एसोसिएशन के प्रधान अजय मानिकटाला, लघु उद्योग भारती के सचिव रमन सलूजा, मानकपुर लघु उद्योग भारती के प्रधान नरेंद्र गुप्ता, यमुनानगर-जगाधरी चैंबर ऑफ कॉमर्स के महासचिव जयदीप सिंह चावला, हरियाणा चैंबर ऑफ कामर्स एंड इंडस्ट्री के यमुनानगर चैप्टर के प्रधान राज चावला, समीरा सलूजा आदि मौजूद रहे।
2018 तक मानकपुर में होंगी डिस्पेंसरी, फायर स्टेशन
बैठक में सीएम खट्टर ने मानकपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट में वर्ष-2018 तक डिस्पेंसरी, फायर स्टेशन और अन्य मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराने के निर्देश दिए। कहा कि मानकपुर इंडस्ट्रियल एस्टेट फेज-2 में औद्योगिक इकाइयां स्थापित करने के लिए जिन उद्योगपतियों ने आवेदन पत्र दिए हैं, उन्हें एक सप्ताह की अवधि में औद्योगिक प्लांटों की अलॉटमेंट कर दी जाएगी।
जो विभाग सुविधाएं दे, वहीं चार्ज लेने का हकदार
उद्योगपतियों ने सीएम खट्टर को बताया कि नगर निगम उनसे संपत्ति कर, बिजली सरचार्ज आदि वसूल करता है और एचएसआईआईडीसी उनसे अलग से मेंटेनेंस चार्ज लेता है। इसके लिए सीएम खट्टर ने कहा कि जो विभाग कार्य करेगा वही चार्ज लेने का हकदार होगा। सीएम ने बैठक में स्पष्ट किया कि उद्योगपतियों और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की एक साझी बैठक आयोजित की जाएगी। इसमें समस्याओं का समाधान किया जाएगा। उन्होंने उद्योगपतियों को विश्वास दिलाया कि उद्योगों के विकास के लिए यथासंभव प्रयास किए जाएंगे।
कॅमर्शियल यूरिया पानीपत से मिले इसकी कोशिश करने का किया वादा
बैठक में सीएम खट्टर के समक्ष हरियाणा प्लाइवुड एसोसिएशन के प्रधान अजय मानिकटाला, सतीश चौपाल और जेके बियानी ने लकड़ी पर लगी दो प्रतिशत मार्केट फीस समाप्त करने, फैक्ट्रियों में प्रयोग होने वाले यूरिया की एनएफएल पानीपत से सप्लाई करने की मांग की। इस पर सीएम खट्टर ने कहा कि मार्केट फीस तो हटाई नहीं जा सकती है, चूंकि मंडी समिति से ही गांव की सड़कों का विकास होता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि प्लाईवुड उद्योग को बढ़ावा देने के लिए इसे जीएसटी की 28 प्रतिशत श्रेणी से 18 प्रतिशत की श्रेणी में लाने का प्रयास किया जा रहा है। वहीं, कमर्शियल यूरिया फैक्ट्रियों को एनएफएल पानीपत से मिले, इस पर सीएम खट्टर की ओर से सहमति जताई गई। अजय मानिकटाला ने शहर के नजदीक आए 50 प्लाईवुड यूनिट को अन्य स्थान पर लगाने के लिए विभाग से अनुमति देने की मांग की। इस पर भी सहमति जताते हुए सीएम खट्टर ने विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश दिए।