झमाझम बारिश से जनजीवन प्रभावित, धान की फसल बिछी
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मौसम के बदले मिजाज ने किसानों के चेहरों पर चिंता की लकीरें खींच दी हैं। जिले में शुक्रवार रात से शुरू हुई बारिश, अगले दिन दिनभर रुक-रुककर होती रही। इससे जनजीवन तो प्रभावित ही हुआ, किसानों के चेहरों पर भी लकीरें खिंच गई हैं। किसानों का कहना है कि, इससे उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है। शनिवार को तकरीबन दिन भर रुक-रुक हुई बारिश से तमाम निचले इलाकों में जलभराव हो गया। मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि, जिले में औसतन 40 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बारिश ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं कृषि वैज्ञानिकों का भी कहना है कि, यह बारिश फसलों के लिए नुकसानदेह साबित हो सकती है। उधर, बारिश से मंडियों में खुले में रखा धान भीग गया।
कृषि विभाग के मुताबिक शनिवार सुबह 8 बजे तक जिले में औसत 22.5 मिलीमीटर बारिश हुई, जबकि शनिवार रात सात बजे तक औसतन 40 एमएम बारिश हुई है। इनमें सबसे अधिक बारिश रादौर खंड में हुई है। कृषि वैज्ञानिक डॉ. जसविंद्र ने बताया कि फसलों के लिए यह बारिश नुकसानदेह है। यदि बारिश जारी रही तो धान, गन्ने व सब्जियों को काफी नुकसान हो जाएगा। जिले की मंडियों में धान की आवक शुरू हो गई है, हालांकि अभी नाममात्र धान ही मंडियों में पहुंचा है। मंडियों में किसानों ने खुले में धान की ढेरियां डाली हुईं हैं, वे प्रभावित हो सकती हैं। इधर, शुक्रवार रात से हुई बारिश से जगाधरी अनाजमंडी में खुले में रखा धान भीग गया। आढ़तियों और किसानों ने खुले में रखे धान पर तिरपाल डालकर उसे भीगने से बचाया।
दो मकानों की छत ढही, बाल-बाल बचे
रादौर। रादौर में पिछले दो दिनों से हो रही भारी बारिश से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है। बारिश से किसानों की पकी धान की फसल जमीन पर बिछ गई है, जिससे किसानों को नुकसान की आशंका है। वहीं इस समय क्षेत्र में लगी मूली की फसल को भी नुकसान की आशंका है। इस बीच रादौर की दीपक कॉलोनी में धर्मबीर सैनी के मकान की छत ढह गई, गनीमत रही कि, कोई हादसा नहीं हुआ। हालांकि सामान बर्बाद हो गया। उधर, गांव झगुड़ी में भी एक व्यक्ति के मकान की छत बारिश से गिर गई है। रादौर में बारिश से सड़कों पर पानी जमा हो गया, इससे राहगीरों को परेशानी हुई, कई गांवों की बिजली आपूर्ति व्यवस्था भी लड़खड़ाई। बारिश से कई फीडर में तकनीकी खामी आ गई। इससे संबंधित गांवों की बिजली आपूर्ति बाधि है। उधर, गांव झगुडी में भी बारिश से धर्मबीर नाम के व्यक्ति के मकान की छत ढह गई। जिससे घर में रखा सामान बर्बाद हो गया। किसान नरेश कुमार, संजय कुमार, दिनेश कुमार, विक्र मसिंह, सुरेन्द्र कुमार, पदमसिंह ने बताया कि इस समय हो रही बारिश से क्षेत्र में पकी खड़ी धान की फसल को भारी नुकसान पहुंच रहा है। उनकी गन्ने की फसल भी जमीन पर बिछ गई है।
निचले इलाकों में जलभराव
बिलासपुर। शुक्रवार रात्रि से शुरू हुई बारिश शनिवार को भी पूरे दिन जारी रही। बारिश से जहां मौसम में गुलाबी ठंड का अहसास कराया, वहीं किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें खिंची रहीं। बारिश से अगैती धान की फसल में पानी भर गया है, जिससे नुकसान होने का अंदेशा है। वहीं, पककर तैयार धान की कटाई भी प्रभावित होगी। मंडियों में सफाई संबंधी तैयारियां भी प्रभावित होंगी। बारिश से गन्ने की फसल गिर जाने से उसकी पैदावार भी घटेगी। बारिश से कस्बा बिलासपुर में पानी निकासी का स्थायी प्रंबध न होने से छोटा बस स्टैंड, छछरौली मोड़, अग्रसेन चौक, शिव चौक राधा स्वामी कालोनी सहित कई निचले हिस्सों में जलभराव हो गया।
बारिश से बढ़ी मुश्किल
सरस्वती नगर। सरस्वती नगर में सीवेज पाइप लाइन बिछाने का कार्य चल रहा है। नगर की गणेश विहार कालोनी में गलियों के बीच से 9-9 फीट तक खुदाई करके पानी निकासी के पाइप दबाए जा रहे हैं। गलियों में खुदाई होने से लोगों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था, रही सही कसर बारिश ने पूरी कर दी। अब हालात यह है कि लोगों को अपने घरों में पैदल चलकर आने में भी बहुत परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कालोनी निवासी नरेश कुमार, ओम प्रकाश, बलबीर कुमार, पूर्णचंद, सुदेश कुमार, नरेंद्र सिंह, रींकू, सुखविंद्र, तरसेम सैनी ने बताया कि बारिश से कार्य में रुकावट आई है। गुरु नानक कालोनी निवासी नवीन कुमार ने बताया कि उसका शनिवार को एग्जाम था। वह जैसे ही अपनी बाइक से गणेश विहार कालोनी से गुजरने लगा तो उसकी बाइक कीचड़ में फंस गई। वह अपनी बाइक को वहीं छोड़कर दूसरे की बाइक से गया।