फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बिना बताए खुलवाया खाता और निकलवा ली राशि, महिलाओं ने किया बैंक में हंगामा

विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं के नाम खाता खुलवाया और निकाल ली राशि, हंगामा
विज्ञापन

अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। मधु चौक स्थित एक बैंक की शाखा पर सोमवार को गांव मंडौली की महिलाओं ने खूब हंगामा किया। महिलाओं का आरोप था कि सिलाई कोर्स कराने वाली एक संस्था ने बैंक अधिकारियों से मिलकर उनके अकांउट खुलवाए और सरकारी स्कीम के तहत आए रुपये को निकलवाया है। जब वे बैंक अधिकारी से मिले तो उन्होंने भी संतोषजनक जवाब नहीं दिया। मामले में कार्रवाई को लेकर अब महिलाएं मंगलवार को डीसी से मिलेंगी।
मंडौली निवासी आरती, प्रियंका, रेशमा, साहिबा आदि ने बताया कि वे जेआईटीएम संस्था की ओर सिलाई कोर्स में प्रशिक्षित महिलाएं है। करीब डेढ़ साल पहले जब कोर्स शुरू हुआ तो उन्हें आश्वासन दिया गया था कि सरकारी स्कीम के तहत उन्हें नि:शुल्क कोर्स कराया जाएगा। इस दौरान गांव की करीब 30-40 महिलाओं ने सिलाई का कोर्स किया। आरोप लगाया कि कोर्स के दौरान संस्था की ओर से उनका बिना बताए खाता खोला गया। उनका कहना था कि पहले तो उनके बिना बताए खाते खुलवा दिए। बाद में जब उसमें रुपये आ गए तो उन्हें बिना बताए सारे रुपये निकाल लिए गए। महिलाओं ने बैंक और संस्था पर गुमराह करने का आरोप लगाया। आरोप है कि खाता खोलने के बाद पासबुक देने की व्यवस्था नहीं की गई। योजना में बैंक लेन देन को लेकर कोई पारदर्शिता नहीं बरती गई। महिला रेशमा, इकरा, खालिदा, डिंपल, नेहा ने कहा कि बैंक में आए तो बैंक अधिकारियों ने स्थिति स्पष्ट करने से मना कर दिया। जब उन्होंने इस बात को लेकर हंगामा किया तो उन्हें पासबुक जारी की गई। सवाल किया कि, हंगामा करने के बाद ही क्यों बैंक पासबुक जारी हुई, जो पासबुक जारी हुई उस पर बैंक ने 16 माह पूर्व की डेट डाली और उस पर मोहर नहीं लगाई गई। महिलाओं ने कहा कि मामले को लेकर वह डीसी से मिलेंगे और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करेंगे।
विज्ञापन

सरकारी दिशा निर्देशों के तहत दिया प्रशिक्षण
जेआईटीएम के प्रतिनिधि ने बताया कि संस्था का मुख्य कार्यालय गुरुग्राम में है। गांव मंडौली में उनका संस्थान केंद्र और प्रदेश सरकार के दिशा निर्देशों के अनुसार पीएमकेवीवाई प्रशिक्षण केंद्र चलाया जाता है। गांव मंडौली में महिलाओं को तीन माह का सिलाई कोर्स कराया गया। इसका सारा खर्च प्रशिक्षण सहयोगी की ओर से वहन किया जाता है। सरकारी दिशा निर्देशों के अनुसार जो भी प्रशिक्षु संस्थान में प्रशिक्षण प्राप्त करता है उसका एक बैंक खाता खुलवाना होता है। सरकार के उपक्रम एनएसडीसी द्वारा इस खाते को ऑटो डेबिट कर प्रशिक्षण सहयोगी के साथ लिंक कर दिया जाता है। इसलिए जब इस खाते में योजना की राशि आती है तो वह अपने आप ही प्रशिक्षण सहयोगी के खाते में ट्रांसफर हो जाती है। इस पूरे प्रोसेस के बारे में सभी प्रशिक्षणार्थियों को बताया गया था।
विज्ञापन

सरकारी योजना के तहत खोला गया खाता, बैंक का सरोकार नहीं
सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया शाखा प्रबंधक पीके बंसल का कहना है कि इस योजना में बैंक का कोई सरोकार नहीं है। सरकारी योजना के तहत प्रशिक्षु का खाता खोला जाना था। इसमें प्रशिक्षण संस्थान की गारंटी पर खाता खोला गया। इस खाते से योजना के तहत जो राशि आनी थी वह संचालक के लिए आई। इसलिए वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर संचालकों के खातों में ऑटो ट्रांसफर कर दिया गया। जैसे जैसे खाताधारक महिलाएं बैंक में आती गई उनको पासबुक दी जाने लगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें