कड़ी चौकसी में हुई कंडक्टर पद पर लिखित परीक्षा, अफसरों ने रखी पैनी नजर
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग पंचकूला की ओर से हरियाणा राज्य परिवहन निगम में परिचालकों की प्रथम चरण में हुई परीक्षा के पेपर लीक कांड के बाद प्रशासन सतर्क नजर आया। पुलिस की जहां शहर में बनी धर्मशालाओं, होटल व रेस्टोरेंटों पर नजर रही, वहीं रविवार सुबह से परीक्षा केंद्रों पर पुलिस बल तैनात रहा। परीक्षा के लिए बनाए गए जिले के सभी 44 केंद्रों पर धारा 144 लागू की गई। दोनों सत्रों में साढ़े 25 हजार परीक्षार्थियों ने परीक्षा देनी थी। जिनमें से 90 प्रतिशत परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। सुबह के सत्र में डीएवी कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र में पुलिस ने एडमिट कार्ड के फोटो से चेहरा मैच न होने पर एक युवक को हिरासत में लिया। युवक नशे की हालत में था। परीक्षा के बाद सड़कों पर वाहनों का दबाव बढ़ने से देर शाम तक जाम की स्थिति रही।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग की ओर से हरियाणा राज्य परिवहन निगम में परिचालकों के पदों की लिखित परीक्षा के दूसरे चरण के लिए ट्विन सिटी में 44 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिनमें सुबह साढ़े दस बजे से दोपहर बारह बजे तक व शाम तीन बजे से साढ़े चार बजे तक परीक्षा हुई। इस दौरान दोनों सत्रों में कुल 25 हजार 500 परीक्षार्थियों ने परीक्षा देने थी। लेकिन इनमें से प्रदेश के विभिन्न जिलों से लगभग 23 हजार के करीब परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। पहले चरण में पेपर लीक के प्रयास को देखते हुए प्रशासन सतर्क रहा। परीक्षा केंद्रों पर प्रशासन की ओर से पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की हुई थी। मेटल डिटेक्टर से जांच करने के बाद भी परीक्षार्थियों के जूते, जुराबें तक निकलवाकर जांच की गई। परीक्षार्थी की हर तरह से जांच करने के बाद ही परीक्षा केंद्र के अंदर एंट्री दी गई। परीक्षा केंद्रों के अंदर परीक्षार्थियों को अपने मोबाइल, घड़ी, बेल्ट व पर्स या अन्य कोई इलेक्ट्रोनिक्स डिवाइस ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। सभी परीक्षा केंद्रों पर नकल रोकने के लिए जैमर लगाए हुए थे। सभी 44 परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व नकल रोकने के लिए पुलिस बल तैनात किया गया था, जो गहन चेकिंग के बाद परीक्षार्थियों को अंदर जाने दे रहे थे।
धर्मशालाओं और रेस्टोरेंटों पर रही नजर
पिछले सप्ताह हुई परिचालक की परीक्षा में पेपर लीक का प्रयास करते हुए पकड़े गए दोनों आरोपियों के मामले के मद्देनजर पुलिस और प्रशासन ने शनिवार को धर्मशालाओं की जांच की। वहीं होटल व रेस्टोरेंटों पर गुप्तचर विभाग व पुलिस की नजर रही। रविवार को परीक्षा होने से पूर्व भी हर कमरे की तलाशी ली गई। वहीं, खाली कमरों को लॉक लगा दिया गया।
डिवाइडर और सड़कों किनारे बैठे रहे परीक्षार्थी-अभिभावक
परीक्षा देने के लिए शहर में प्रदेश के झज्जर तक के जिलों के परीक्षार्थी पहुंचे। दूर से आने वाले परीक्षार्थी एक दिन पहले ही यहां पहुंच गए और धर्मशाला या किराए के कमरों में रात गुजारी। परीक्षा के दौरान जब परीक्षार्थी परीक्षा केंद्र के अंदर परीक्षा दे रहे थे तो उनके अभिभावक बाहर सड़क किनारे, फुटपाथ या सड़कों के डिवाइडर पर बैठे नजर आए। इनके अलावा दोपहर बाद के सत्र में परीक्षा देने वाले परीक्षार्थी भी कई घंटे पहले परीक्षा केंद्रों के बाहर जमा हो गए।
देर शाम तक रही जाम की स्थिति
शहर में परीक्षा देने के लिए दूसरों जिलों से करीब 23 हजार परीक्षार्थी परीक्षा देने पहुंचे। जिनमें से कुछ रोडवेज बसों, ट्रेनों से आए तो अधिकतर अपने निजी वाहनों से परीक्षा देने के लिए पहुंचे। बता दें कि शहर की सड़कों पर पहले ही वाहनों का दबाव अधिक है। ऐसे में दूसरे जिलों से हजारों की संख्या में वाहनों का दबाव और बढ़ गया। जिससे शहर के रेलवे रोड, जगाधरी वर्कशॉप रोड, शहर के बीच से निकल रहे नेशनल हाईवे 73 व 73ए आदि पर देर शाम तक जाम की स्थिति बनी रही।
बसों की छत पर बैठ गतंव्यों की ओर रवाना हुए परीक्षार्थी
परीक्षा से करीब एक घंटा पहले ही परीक्षार्थी परीक्षा केंद्रों पर पहुंचने शुरू हो गए थे। परीक्षा समाप्त होने के बाद दोपहर एक बजे से दो बजे व शाम पांच बजे से सात बजे तक यमुनानगर व जगाधरी बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर काफी भीड़ जमा हो गई। इसके बाद बसों में भी भीड़ नजर आई। ऐसे में परीक्षार्थियों को बसों की छत पर सवार होकर अपने गंतव्य की ओर जाना पड़ा। इससे पहले परीक्षा देने के लिए भी परीक्षार्थी बसों की छतों पर सवार होकर आए।
फोटो मिलान न होने पर हिरासत में लिया युवक
डीएवी कॉलेज में बने परीक्षा केंद्र में पुलिस ने नशे की हालत में आए एक युवक को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार रोल नंबर पर लगी फोटो से युवक के चेहरे का मिलान नहीं हो पाया। जिसके चलते युवक को हिरासत में लिया है। रोल नंबर पानीपत के भोपारा निवासी जसबीर के नाम से है। युवक भी अपना नाम जसबीर बता रहा है।
परीक्षा को लेकर जिले में 44 केंद्र बनाए गए थे। करीब 90 प्रतिशत परीक्षार्थियों ने परीक्षा दी है। सभी पर सुरक्षा के पुख्ता प्रबंध किए गए थे। इसके लिए केंद्र इंचार्ज व ऑब्जर्वर की नियुक्ति की गई थी। सभी परीक्षा केंद्रों का जायजा लेने के लिए ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त थे, जिन्होंने सभी केंद्रों का दौरा किया। सुरक्षा के लिहाज से प्रशासन पूरी तक सतर्क रहा।
- गगनदीप सिंह, डीडीपीओ व नोडल अधिकारी।