अंडर या ओवरब्रिज न बनाए तो नहीं शुरू होने देंगे कैल-कलानौर हाईवे
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। कलानौर से कैल तक बनाए जा रहे नेशनल हाईवे 73 पर यदि अंडर पास या ओवरब्रिज न बनाए गए तो भारतीय किसान संघ निर्माण पूरा होने पर भी नेशनल हाइवे को चलने नहीं देगा। यह एलान शुक्रवार को जगाधरी अनाजमंडी में आयोजित भारतीय किसान संघ के वार्षिक किसान सम्मेलन में संघ के वरिष्ठ नेताओं ने किया। इस दरम्यान किसान नेताओं ने भाजपा सरकार और कांग्रेस की पूर्ववर्ती सरकारों पर जमकर निशाना साधा। कहा कि, भाजपा को तो 2019 में ही सबक सिखाएंगे। वहीं अब तक किसानों की दुर्दशा के लिए कांग्रेस पार्टी को जिम्मेदार ठहराया। बाद में सम्मेलन के दौरान किसानों ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. आदित्य प्रताप डबास को प्रधानमंत्री के नाम 20 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। इस दौरान उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि जो मांगें उनके स्तर की हैं, उन पर डीसी आरएस खरब से बातचीत कर पूरा करने का प्रयास किया जाएगा।
किसान सम्मेलन में शुक्रवार को भारतीय किसान संघ (भाकिसं) के पदाधिकारियों ने कांग्रेस और भाजपा सरकार को जमकर कोसा। संगठन मंत्री सुरेंद्र सिंह ने कहा कि किसान भाजपा को इस उम्मीद के साथ सत्ता में लेकर आए थे कि शायद अब किसानों की सुध ली जाएगी, क्योंकि मौजूदा समय पर सत्ता में बैठे मंत्री व विधायक किसानों के हितों की मांग करते रहे हैं, लेकिन किसानों के साथ छलावा हुआ है। ऐसे लोगों को 2019 में सबक सिखाएंगे।
तत्काल सुविधा के नाम पर लूट रही सरकार
किसान नेताओं ने कहा कि कृषि कार्यों के लिए ट्यूबवेल लगाने पर तत्काल सुविधा के नाम पर लूट हो रही है। कांग्रेस सरकार के समय में यह सुविधा लेने के लिए किसानों को एक लाख रुपये देने पड़ते थे, जबकि मौजूदा सरकार में यह राशि बढ़कर एक लाख 40 हजार रुपये कर दी गई है। मौजूदा सरकार ने तो बिजली के मीटर घरों से उतार दिए हैं और दोगुनी स्पीड वाले मीटर खंभों पर लगवा दिए हैं।
यहां भी लड़नी पड़ेगी केजीपी हाईवे वाली लड़ाई
संघ के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र दहिया ने कहा कि केडीपी (कुंडली-गुडगांव-पलवल) हाईवे के निर्माण के दौरान भी सरकार ने कोई अंडरपास या ओवरब्रिज नहीं बनाया था। किसानों ने इसके लिए आंदोलन लड़ा। जिसके बाद हाईवे पर अंडर पास बनाए गए। यमुनानगर में निर्माणाधीन कैल से कलानौर नेशनल हाईवे 73 पर भी सरकार की ओर कोई अंडरपास या ओवरब्रिज नहीं बनाया गया। कई दर्जन मार्ग ओवरब्रिज या अंडरपास न होने से बंद हो गए हैं। इसके लिए भी किसान आंदोलन लड़ेगा।
किसानों को संगठित होने का किया आह्वान :
किसान सम्मेलन में पहुंचे मुख्य अतिथि महेश्वरानंद महाराज, अजात आश्रम बनियांवाला, कार्यक्रम के अध्यक्ष प्रताप सिंह चौहान, प्रदेश अध्यक्ष ओम सिंह, प्रदेश महामंत्री विरेंद्र दहिया, संगठन मंत्री सुरेंद्र, प्रदेश मंत्री रामकिशन महलावत, प्रदेश मंत्री सूरत सिंह, प्रदेश मीडिया प्रभारी रणदीप सिंह, संगठन मंत्री सुंदर लाल, प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित लक्ष्मी चंद, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतन सिंह देवधर, जिला प्रधान राम बीर सिंह चौहान व युवा प्रदेशाध्यक्ष विकास राणा ने भी संबोधित किया और किसानों को एकजुट होने का आह्वान किया।
हर सरकार ने किया सरकार का शोषण :
किसान नेताओं ने कहा कि जब तक किसान एकजुट नहीं होगा, तब उनका भला होने वाला नहीं है। क्योंकि हर सरकार ने किसानों का शोषण किया है। किसानों न तो सरकार की ओर से कोई सुविधा मिल रही है और न ही फसलों के वाजिब दाम मिल रहे हैं। सत्ता में आने से पहले भाजपा की सरकार ने लाभकारी मूल्य देने की बात कही थी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ।