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डरबन में सुनाई दी शहर की बहू की धमक, घरेलू हिंसा के खिलाफ निकाला मार्च

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डरबन में सुनाई दी शहर की बहू की धमक, घरेलू हिंसा के खिलाफ निकाला मार्च
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। इन दिनों शहर की बहू की धमक डरबन में सुनाई दे रही है। मिसेज यूनिवर्स का खिताब जीतने भारत से डरबन (दक्षिण अफ्रीका) पहुंची शहर की बहू और मिसेज इंडिया श्वेता अठवाल ने बुधवार रात घरेलू हिंसा और बच्चों पर हो रहे अत्याचारों के खिलाफ जागरूकता मार्च निकाला। इस मार्च में प्रतियोगिता में भाग लेने आईं 85 देशों की प्रतिभागी शामिल हुईं। सबने घरेलू हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। इसमें एक ओर श्वेता प्रतियोगिता में भारत का प्रतिनिधित्व कर रही हैं दूसरी ओर डरबन में घरेलू हिंसा के खिलाफ मार्च निकालकर इस बुराई से दूर होने के लिए लोगों को प्रेरित कर रहीं थीं। इस मार्च के समर्थन में डरबन की सड़कों पर तमाम एनजीओ भी साथ थे, उनके सदस्य हाथ में घरेलू हिंसा के खिलाफ तख्तियां लिए थे। इधर, वीरवार को श्वेता से प्रेरित होकर डीसीपीओ ऋचा बुद्धिराजा, डिफेंस रक्षक अकादमी के नसीम खान, इलेवन स्टार मार्निंग क्लब से जुड़े राजेश कांबोज, रामगढ़िया मार्शल आर्ट अकादमी के विकास कुमार, रक्षक कराटे अकादमी के सुशील परमहंस व ह्यूमेन हेल्पलाइन के प्रधान मनोज त्यागी, पॉक्सो एक्ट के विशेषज्ञ रंजन शर्मा आदि ने भी घरेलू हिंसा के खिलाफ लोगों को जागरूक किया। शहरवासियों की नजर दो सितंबर को होने वाले फाइनल राउंड पर टिकी हैं। उनकी उम्मीद है कि, शहर की बेटी श्वेता अठवाल ही मिसेज यूनिवर्स का खिताब जीतेंगी। फाइनल राउंड 2 सितम्बर की रात को होगा, जिसमें मिसेज यूनिवर्स का फैसला हो जाएगा। बता दें कि मई के अंतिम सप्ताह में दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में श्वेता अठवाल को मिसेज इंडिया चुना गया था। खिताब जीतने के बाद श्वेता अठवाल ने बताया था कि यह खिताब उनके लिए बहुत मायने रखता है। उन्होंने यह भी कहा था कि अब उनके लिए असली परीक्षा डरबन में होने वाले मिसेज यूनिवर्स में प्रतियोगिता में होगी। शहर और देश के लोगों को अब दो सितंबर की रात का इंतजार है, जब मिसेज इंडिया का फाइनल राउंड होगा।
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