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जंगल के खेतों से खतरे के साये में स्कूल पहुंच रहे बच्चे, रास्ते देने की मांग को लेकर सचिवालय में गरजे ग्रामीण

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स्कूल के लिए नहीं रास्ता, कैसे आएं स्कूल
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अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। अकालगढ़ के सरकारी स्कूल में पहुंचने के लिए कोई सुगम रास्ता न होने के चलते बच्चे और अध्यापक जंगल के खेतों के रास्ते स्कूल पहुंचने के लिए मजबूर हैं। स्कूल के लिए सुगम रास्ता देने की मांग को लेकर ग्रामीणों ने सचिवालय परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान डीसी रोहतास सिंह खरब को सीएम मनोहर लाल खट्टर के नाम ज्ञापन ज्ञापन सौंपा।
बुधवार सुबह करीब 11 बजे गांव अकालगढ़ का माजरा के ग्रामीण जगाधरी अनाजमंडी गेट पर कांग्रेस नेता बृजपाल छप्पर के नेतृत्व एकत्रित हुए। यहां से ग्रामीण रोष मार्च निकाल जिला सचिवालय के परिसर में पहुंचे, जहां उन्होंने प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों की समस्या सुनने आए डीसी रोहतास सिंह खरब को कांग्रेस नेता बृजपाल छापर और ग्रामीण अजमेर सिंह, गुरविंद्र सिंह, वेदप्रकाश सैनी, राजू सैनी, लाली जागधोली, नरेश, गोरव राणा, सुभाष, कुलदीप राणा ने कहा कि गांव अकालगढ़ का माजरा में प्रदेश का पहला ऐसा सरकारी स्कूल है, जिसमें जाने के लिए कोई सुगम रास्ता नहीं छोड़ा गया है।
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जल्द रास्ता न मिला तो डीसी कार्यालय पर होगा धरना
ग्रामीण भीखुराम, अजैब राठी, सुबे सिंह, कुलबीर, गुरमीत, सुखबीर सिंह, महिंद्र सैनी, रोजी, धर्मपाल सैनी रूपिंद्र सिंह, गुरमीत सिंह, संजू, सोनू राणा, दलजीत सिंह व देसराज ने कहा कि जिस रास्ते से होकर बच्चे स्कूल आ जा रहे हैं, वह उनकी सुरक्षा की दृष्टि से ठीक नहीं है। कई बार बच्चे गिरकर चोटिल हो चुके हैं। जंगल के खेतों से सांप व अन्य जीवों के निकलने पर बड़ा हादसा भी हो सकता है। कहा कि जल्द रास्ता नहीं मिला तो डीसी कार्यालय पर धरना देंगे।
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