सस्ते सेब-अनार चाहिए तो यमुनानगर आइए...
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। बारिश की मार से खराब हुई स्थानीय फसल से भले प्याज आंसू निकाल रहा हो और टमाटर जायका बिगाड़ रहा हो राहत भरी बात यह है कि यमुनानगर में फसल सस्ते बिक रहे हैं। जी हां, सस्ते सेब-अनार चाहिए तो बेधड़क यमुनानगर चले आइए। दरअसल, फलों के उत्पादन का सीजन बढ़ने से सेब-अनार की आवक बढ़ी हुई है नतीजतन यहां ये फल सस्ते बिक रहे हैं। अगर यहां थोड़े छोटे सेब 35 रुपये प्रति किलो ही मिल जाए तो हैरानी की बात नहीं है। फिलहाल बाजार में आपको 60 से 70 रुपये प्रति किलो की दर से अनार और 50 से 60 रुपये प्रति किलो की दर से मिल जाएंगे, जबकि सब्जियों के भाव फिलहाल इससे ज्यादा हैं।
जानकारों के मुताबिक, बारिश से फसलों के नुकसान के मद्देनजर इस साल किसानों ने क्षेत्र में टमाटर की कम फसल बोई है और जो बोई भी बारिश से काफी हद तक खराब हो गई। इससे मंडी में स्थानीय टमाटर कम ही आ रहा है। नतीजतन सब सप्लाई दूसरे प्रदेशों से आए टमाटर के भरोसे ही है, जिससे रेट कुछ बढ़े हुए हैं। प्याज की आवक कम है, इससे उसका भी यही हाल है। इससे इन सब्जियों के दाम तेज हैं। ऐसे में आम आदमी इसकी खरीदारी से थोड़ा परहेज कर रहा है और इस पर अपने खर्च को कंट्रोल कर रहा है। इससे व्यंजनों का जायका बिगड़ा सा जा रहा है। मंडी में जहां टमाटर जहां 60 से 65 रुपये में मिल रहा, वहीं बाजारों में 80 रुपये प्रति किलो के हिसाब से टमाटर बिक रहा है। जो की अनार और सेब से भी ज्यादा है। यहीं हाल प्याज का है। मंडी में जहां प्याज 30 रुपये प्रति किलो के हिसाब से बिक रहा है वहीं, बाजार के फुटकर दाम बढ़कर 40 से 45 रुपये प्रति किलो के बीच हैं। जो कि सेब के दामों के करीब पहुंच गए हैं। उधर, गृहणियों का कहना है कि अगर यूं ही प्याज-टमाटर के दाम बढ़ते रहे, तो वह दिन दूर नहीं जब उन्हें मजबूरन उसका तड़का लगाना छोड़ना पड़ेगा।
दोगुना बढ़ चुके हैं दाम
सब्जी विक्रेता पप्पू शर्मा ने बताया कि सप्ताहभर पहले प्याज का रेट 15 से 25 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बिक रहा था, जो कि इस सप्ताह बढ़कर लगभग दोगुना 40 रुपये हो चुका है। जबकि मंडी में प्याज 30 रुपये प्रतिकिलो के हिसाब से बिक रहा है। इसी तरह बारिश के बाद टमाटर के दाम अब 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए है। जो आम आदमी की पहुंच से दूर हो जा रहा है। उन्होंने माना की टमाटर और प्याज के दाम बढ़ने से बिक्री पर असर पड़ा है। मॉडल टाउन निवासी प्रियंका और सोनम का कहना है कि पिछले एक माह में टमाटर और प्याज के दामों में सबसे ज्यादा उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। एक सप्ताह पहले तक मंडी में जो प्याज 15 रुपये किलो बिक रहा था, अब उसका दाम 30-40 रुपये तक पहुंच गया है।
सेब और अनार से महंगा हुआ टमाटर
बाजार में टमाटर के दाम 80 रुपये प्रति किलोग्राम तक पहुंच गए है, जबकि मार्केट में अनार 60 से 70 रुपये प्रति किलो बिक रहा है। वहीं सेब के दाम भी 50 से 60 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं, जबकि टमाटर के दाम 80 रुपये प्रति किलो तक पहुंच गए हैं।
मॉल बड़ी खरीदारी पर उपहार में दे रहे प्याज
शहर में कई शॉपिंग मॉल में प्याज के बढ़े दामों पर आकर्षक स्कीम दी जा रही है। मॉल संचालक अपने ग्राहकों को बड़ी खरीदारी पर डिस्काउंट के बजाय उपहार में एक-दो किलो प्याज उपहार में दे रहे हैं। मॉडल टाउन के एक मॉल संचालक ने कहा कि प्याज के बढ़े दामों को लेकर ग्राहकों का प्याज से मोह हटने लगा है। इसलिए मॉल में शॉपिंग करने पर निर्धारित मात्रा में प्याज फ्री देने का ऑफर दिया जा रहा है।
टमाटर और प्याज के तड़के के बिना नहीं आता सब्जी में जायका :
हुडा सेक्टर 17 निवासी बाला मल्होत्रा ने बताया कि सब्जी में टमाटर और प्याज के तड़के के बिना जायका नहीं आता है। अगर वह जीरा इत्यादि का तड़का लगाती हैं, तो सब्जी बेस्वाद हो जाती है। ऐसे में टमाटर और प्याज का तड़का लगाना जरूरी है। उन्होंने बताया कि जिन दिनों प्याज सस्ता था, तो वे दोे प्याज का तड़का लगा देती थीं, लेकिन जब से प्याज महंगा हुआ है, तब से उन्होंने एक प्याज में तीन बार तड़का लगना शुरू कर दिया है।
गृहिणी कुलविंद्र कौर का कहना है कि जब टमाटर सस्ते थे तब वे एक दिन में एक किलो टमाटर लेते थे। अब आधा किलो या एक पाव खरीदते हैं। अब वे ऐसी सब्जियां बनाते हैं जिनमें टमाटर और प्याज का इस्तेमाल कम होता है। जब टमाटर व प्याज सस्ते थे, तब वे उनकी ही सब्जी बनाते थे, लेकिन अब तो सब्जी में तड़का लगाने के लिए भी टमाटर व प्याज सोच समझ कर डालते हैं।
सलाद बनाना किया बंद
हुडा सेक्टर 17 निवासी रश्मि वर्मा का कहना है कि टमाटर और प्याज के दाम बढ़ने पर उन्होंने इनका सलाद बनाना ही बंद कर दिया। बिना टमाटर से बनने वाली सब्जियां जैसे भिंडी, अरवी, कढ़ी, सुखे आलू व अन्य सब्जियां ही बनाते हैं। इसके अलावा तड़के में भी टमाटर व प्याज की मात्रा घटाकर एक चौथाई कर दी है।
टमाटर की जगह डालते हैं अमचूूर शालिनी श्रीवास्तव का कहना है कि प्याज और टमाटर बिना सब्जी बनाना बहुत मुश्किल है। दाम बढ़ने पर उन्होंने दोनों की मात्रा में कमी की है। पहले जहां सब्जी का तड़का लगाने में दो से तीन टमाटर व एक प्याज डालते थे, अब एक टमाटर व एक प्याज में तीन बार सब्जी में तड़का लगाते है। कई बार तो सब्जी में खटास लाने के लिए वे अमचूर का इस्तेमाल करते हैं।