राखी बांधने के लिए सिर्फ दो घंटे 52 मिनट का मुहूर्त
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। आज भाई-बहन के प्यार का प्रतीक रक्षाबंधन मनाया जाएगा, लेकिन इस बार त्योहार पर 12 साल बाद चंद्रग्रहण लग रहा है। साथ ही इस दिन भद्राकाल और सावन का आखिरी सोमवार भी है। ज्योतिषियों के अनुसार भद्रा और चंद्रग्रहण के दौरान रक्षाबंधन सहित कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित है, लेकिन इनके बीच के दो घंटे 52 मिनट का समय राखी बांधने जैसे कार्य के लिए शुभ मुहूर्त है, जो 11 बजकर चार मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक रहेगा। इस दरम्यान बहनों को भाइयों को राखी बांधनी चाहिए।
ज्योतिषाचार्य महेश शांडिल्य ने बताया कि सात अगस्त को रात के दस बजकर 52 मिनट पर चंद्रग्रहण शुरू होगा, जबकि इसका सूतक दोपहर एक बजकर 52 मिनट से शुरू हो जाएगा, जो रात 12 बजकर 49 मिनट तक रहेगा, जबकि इससे पहले सोमवार को 11 बजे तक भद्रा काल रहेगा। चूंकि भद्राकाल और चंद्रग्रहण के वक्त रक्षाबंधन सहित कोई भी शुभ कार्य करना वर्जित माना गया है, इसलिए इनके बीच रक्षाबंधन के लिए 11 बजकर चार मिनट से 1 बजकर 52 मिनट तक का समय शुभ है।
बहनों ने खरीदी राखियां, तो गिफ्ट शॉप पर उमड़े भाई
रक्षाबंधन से एक दिन पूर्व रविवार को बाजार में राखियों के साथ गिफ्ट और मिठाई की खरीदारी को लेकर रौनक देखी गई। मीरा बाई बाजार स्थित दुकान में अपने भाइयों के लिए राखियां खरीदने पहुंचीं सरोज, अनीता ने बताया कि वह हर वर्ष अपने भाइयों के लिए मीराबाई बाजार में ही राखियां खरीदने पहुंचती हैं। इस बार उन्होंने अपने भाइयों के लिए नग वाली राखियां खरीदने का मन बनाया है। इसी प्रकार राखी बंधवाने के बाद बहन को उपहार देने के लिए गिफ्ट शॉप पर भाई उमड़े दिखाई दिए। सिटी सेंटर रोड स्थित गिफ्ट शॉप पर पहुंचे रमेश, अमरीश ने बताया कि वह राखी के बदले बहन को कोई आकर्षक उपहार देने के लिए खरीदारी करने पहुंचे हैं। वह अपनी बहन के लिए कोई महंगा गिफ्ट चुन रहे हैं। दुकान के संचालक ने बताया कि बहनों को उपहार में देने के लिए ब्रेसलेट, चॉकलेट, वॉच, टैडीबेयर की डिमांड रही।
घेवर, फिरनी सहित अन्य मिठाइयों की भी डिमांड
पर्व को लेकर घेवर, फिरनी सहित अन्य कई मिठाइयों की डिमांड रही। पर्व से एक दिन पूर्व रविवार को बाजार में मिठाई की दुकानों पर पहुंचकर लोगों ने जमकर खरीदारी की। बाजार में सबसे अधिक घेवर और फिरनी को लेकर लोगों में रुझान दिखाई दिया। प्रति किलो घेवर 200-250 और खोये वाले घेवर 250-300 रुपये में बिके, जबकि प्रति किलो फिरनी का दाम 120-150 रुपये रहा।
बच्चों से लेकर बड़ों तक की विभिन्न वैराइटी उपलब्ध
बाजार में विक्रेताओं की ओर से सप्ताहभर पहले से बच्चों से बड़ों तक के लिए विभिन्न वैराइटी की राखियां उपलब्ध करा दी गईं थीं। विक्रेताओं की मानें तो खासतौर पर बच्चों की कार्टून, बाइक और बड़ों की नगों वाली ब्रेसलेट राखी की विशेष डिमांड रही। रेलवे रोड स्थित राखी एंड गिफ्ट स्टोर के सुदेश ने बताया कि इस बार बाजार में बच्चों के लिए विभिन्न तरह की राखियों की वैराइटियां उपलब्ध हैं, जिनमें बच्चों की पसंद के कार्टून कैरेक्टर्स, डोरेमॉन, मिक्की माउस, पोपाय, छोटा भीम, टॉम एंड जैरी आदि की तरफ बहनों का रुझान दिखा।