गाय-गोशालाओं के खराब हाल पर भड़के गोभक्त, गोसेवा आयोग के चैयरमैन का पुतला फूंका
अमर उजाला ब्यूरो
यमुनानगर। गाय और गोशालाओं के हालात बदलते नजर नहीं आ रहे हैं। इनकी दयनीय हालत का आरोप लगाते हुए गुरुवार को गोसंवर्धन न्यास के बैनर तले तमाम लोग जगाधरी अनाजमंडी गेट पर पहुंच गए। यहां तीन घंटे तक धरना दिया। उन्हाेंने एनएच (चंडीगढ़-रुड़की) पर सचिवालय के सामने गोसेवा आयोग के चेयरमैन का पुतला फूंककर नारेबाजी की। इसके बाद सचिवालय में तहसीलदार दर्शन कुमार को पीएम मोदी के नाम मांगों को ज्ञापन सौंपा। साथ ही मांगें पूरी न होने की सूरत में 30 जुलाई को दिल्ली में संसद घेरने और 9 अगस्त से जिलास्तर पर आमरण-अनशन शुरू कर देने की चेतावनी दी।
गुरुवार सुबह करीब 10 बजे जगाधरी अनाजमंडी गेट पर गोसंवर्धन न्यास के बैनर तले गोसंवर्धन न्यास के अध्यक्ष रोहित चौधरी, श्रीआदिबद्री गोशाला के ब्रह्मचारी विनय स्वरूप, छछरौली गोशाला के प्रधान कंवरभान आदि पहुंच गए। उन्होंने मंडी गेट के सामने टेंट लगाकर धरना शुरू कर दिया, जो करीब तीन घंटे तक जारी रहा। इस दौरान रोहित चौधरी ने गोभक्तों से कहा कि विधानसभा चुनावों में सभी गोभक्तों ने प्रदेश में भाजपा सरकार बनाने के लिए पूरी ताकत लगाई, उन्हें उम्मीद थी कि अब गाय की स्थिति में सुधार होगा, मगर सूरत नहीं बदली। कहा कि, इस संबंध में संत गोपालदास दो जून से रोहतक में आमरण-अनशन किया हुआ है, बावजूद इसके उनकी मांगों पर गौर नहीं किया जा रहा है। आरोप लगाया कि, गोसेवा आयोग के चेयरमैन स्थिति सुधारने के बजाय सिर्फ गुमराह करने के लिए बयानबाजी करते हैं। इस मौके पर सागर बजाज, पंडित जर्नादन प्रसाद, अरुण, प्रदीप यादव, हरीश, हेमंत, तनुज, मोहित मांडखेड़ी, सचिन चौहान, सुशील, रोबिन, विवेक, मिलकेश, संजीव प्रधान, मुकेश तिवारी, देवेंद्र, मोहित आदि भी रहे।
एनएच के बीचो-बीच प्रदर्शन से दोनों ओर लगी वाहनों की कतार: जगाधरी अनाजमंडी गेट पर धरने के बाद गोभक्त गोसेवा आयोग के चेयरमैन का पुतला लेकर सचिवालय के समक्ष एनएच-73 (चंडीगढ़-रुड़की) पर बीचो-बीच खड़े हो गए। उन्होंने प्रदर्शन करते हुए पुतला फूंका और नारेबाजी की। इस दौरान हाईवे के दोनों ओर यातायात बाधित होने से वाहनों की कतारें लग गईं और लोगाें को जाम की स्थिति का सामना करना पड़ा। इसके बाद गोभक्त सचिवालय परिसर में पहुंचे, जहां उन्हाेंने तहसीलदार दर्शनकुमार को पीएम मोदी के नाम अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपा।