गर्भपात करते पकड़ी गई महिला डाक्टर, केमिस्ट की तलाश में पुलिस
यमुनानगर/रादौर। बुरे काम का बुरा नतीजा कहावत एक बार फिर चरितार्थ हुई है। रादौर के अस्पताल में अवैध रूप से गर्भपात कराने का भांडा शुक्रवार को फूट गया। स्वास्थ्य विभाग की टीम की ओर से भेजी गई गर्भवती महिला का गर्भपात करते शक्ति अस्पताल रादौर की डॉक्टर वंदना गर्ग को पकड़ लिया गया। स्वास्थ्य विभाग ने महिला डॉक्टर के खिलाफ विभिन्न धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कराई है।
स्वास्थ्य विभाग के डॉक्टर संजीव कुमार ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि रादौर में शक्ति अस्पताल की महिला डॉक्टर गर्भपात करने का काम कर रही हैं। अपराध का पर्दाफाश करने के लिए एक टीम का गठन किया गया। इसमें उनके अलावा डॉ. लालचंद, डॉ. सुशीला और सीडीपीओ प्रवीण छाबड़ा शामिल थे। टीम ने शुक्रवार दोपहर तकरीबन तीन बजे शक्ति अस्पताल में एक गर्भवती महिला को भेजा गया। महिला ने डाक्टर से अपना गर्भपात करवाने की बात कही तो डॉक्टर वंदना गर्ग ने चार हजार रुपये मांगे। इसके लिए गर्भवती महिला का अस्पताल की डॉक्टर ने पहले रादौर के एक अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराया। यहां गर्भवती महिला के बच्चे की स्थिति को जांचा गया। इसके बाद महिला को वापस अस्पताल लाया गया और गर्भपात करने के लिए दवा दी गई। इसके बाद महिला का गर्भपात करने की तैयारी शुरू कर दी गई। इस बीच महिला ने स्वास्थ्य विभाग की टीम को इशारा कर दिया। इस पर टीम ने मौके पर पहुंचकर महिला डॉक्टर वंदना गर्ग को पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने महिला डाक्टर को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही स्वास्थ्य विभाग की शिकायत पर पुलिस रादौर के उस केमिस्ट को भी तलाश कर रही है, जिससे महिला डॉक्टर ने गर्भपात करने के लिए दवा खरीदी थी।
गर्भपात करना अपराध
डॉक्टर संजीव कुमार ने बताया कि गर्भपात करना जुर्म है। विभाग की टीम ऐसे डॉक्टरों को नहीं बख्शेगी जो अवैध रूप से इस कार्य में शामिल हैं। रादौर में काफी समय से कुछ अस्पतालों में गर्भपात किए जाने की सूचनाएं मिल रहीं थीं। अब पूरी योजना बनाकर कार्रवाई की गई। इधर, स्वास्थ्य विभाग की कार्रवाई से अवैध रूप से गर्भपात कराने वाले अस्पतालों में खलबली मची है।