यमुनानगर बस स्टैँड पर बसों का इंतजार करते यात्री। आर्काइव
यमुनानगर। अगर आप कल (25 नवंबर) को हरियाणा रोडवेज की बसों से कहीं जाने की योजना बना रहे हैं तो घर से निकलने से पहले अपने रूटों पर बस है या नहीं, यह स्थिति का पता कर लें। रोडवेज की काफी बसें मंगलवार को कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह में बतौर मुख्य अतिथि आ रहे प्रधानमंत्री नरेंद्र के कार्यक्रम में जाएंगी। जिससे अन्य रूटों पर यात्रियों को बसें न मिलने या सामान्य दिनों से कम मिलने की परेशानी झेलनी होगी।
यमुनानगर से करीब 150 बसों को चारों विधानसभाओं से कुरुक्षेत्र में भेजने का लक्ष्य रखा गया है। इनमें रोडवेज की 90 से 100 बसें, निजी स्कूलों की 50 बसें और सहकारी समिति की करीब 30 बसें लगाई गई हैं। इन सभी बसों को आज शाम को गंतव्य पर खड़ा किया जाएगा ताकि मंगलवार सुबह लोग इनमें बैठ कर कुरुक्षेत्र के लिए रवाना हो सके।डिपो पर मौजूदा समय में कुल 160 बसें हैं। प्रधानमंत्री के कार्यक्रम में रोडवेज बसें जाने अन्य रूटों के संचालन के लिए 50 से 60 बसें ही रह जाएंगी। इतनी कम बसों में डिपो के सभी रूटों पर बस चलाना रोडवेज अफसरों के लिए चुनौती होगा। हालांकि रोडवेज अफसरों का कहना है कि जिले के ग्रामीण छोड़ अन्य जिलों व प्रदेशों के रूटों को बंद नहीं किया जाएगा। बसों की कमी में यमुनानगर डिपो से जिले के कई ग्रामीण रूट बंद रह सकते हैं। साथ ही डिपो की सबसे ज्यादा कमाई वाले दिल्ली रूट पर भी बसों के समय में कटौती होगी। ऐसे ही कुरुक्षेत्र, अंबाला, चंडीगढ़ जैसे रूटों पर नाममात्र बसें चल सकती हैं। ऐसी ही स्थिति डिपो के अन्य रूटों पर रह सकती है, जिन पर यात्रियों का दिक्कतों से दो-चार होना पड़ सकता है। हालांकि प्रदेश सरकार ने 25 नवंबर को वैकल्पिक अवकाश घोषित किया है। जिससे नौकरीपेशा लोगों को राहत मिल सकती है। फिर भी घर से निकलने से पहले यमुनानगर बस स्टैंड के पूछताछ केंद्र नंबर 01732-227717 पर संपर्क कर बसों की स्थिति पता की जा सकती है। रूटों पर बसों की संख्या कम रहेगी, ऐसे में यात्रियों को अभी से सचेत रहने की आवश्यकता है।
बसों का इंतजाम कर लिया है : हैरतजीत कौर
जिला ट्रांसपोर्ट अधिकारी हैरतजीत कौर का कहना है कि कुरुक्षेत्र में आयोजित अंतरराष्ट्रीय गीता जयंती समारोह के लिए विभाग को बसें चलाने का जो जिम्मा दिया गया था उसके लिए इंतजाम कर लिया गया है। स्कूलों व सहकारी समिति की बसों को चलाया जाएगा। रोडवेज अपनी तरफ से बसों को चलाएगा।