संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। जिले में कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) के संचालन में लापरवाही बरतने वालों के खिलाफ प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। निर्धारित मानकों और दिशा-निर्देशों का पालन न करने वाले सीएससी केंद्रों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। अब तक जिले में 146 सीएससी आईडी को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है।
सीएससी जिला प्रबंधक नितिन शर्मा ने बताया कि भौतिक सत्यापन और दस्तावेजी जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आई हैं। जांच में पाया गया कि कई सीएससी केंद्र निर्धारित स्थायी स्थान पर संचालित नहीं हो रहे थे। इसके अलावा कई केंद्रों पर कॉमन सीएससी ब्रांडिंग, रेट चार्ट, पुलिस वेरिफिकेशन, अधिकृत बैनर और आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे, जो सीएससी के नियमों का स्पष्ट उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि सीएससी का संचालन केवल तय स्थान, अधिकृत ब्रांडिंग और निर्धारित मानकों के अनुसार ही किया जाना अनिवार्य है। नियमों के उल्लंघन की स्थिति में बिना किसी पूर्व सूचना के संबंधित सीएससी आईडी को बंद किया जा सकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी सीएससी केंद्रों का भौतिक सत्यापन और दस्तावेजों की जांच लगातार जारी है। जिला प्रबंधक ने कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को पारदर्शी, सुरक्षित और विश्वसनीय सेवाएं उपलब्ध कराना है। इसके लिए सभी सीएससी संचालकों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने केंद्र का स्थायी संचालन स्थल सुनिश्चित करें, कॉमन सीएससी ब्रांडिंग और राज्य व सीएससी से संबंधित लोगो सही ढंग से प्रदर्शित करें।
साथ ही रेट चार्ट स्पष्ट रूप से लगाएं, पुलिस वेरिफिकेशन, बायोमेट्रिक अटेंडेंस और सभी आवश्यक अनुमतियां पूर्ण रखें। उन्होंने बताया कि जिन सीएससी आईडी को बंद किया गया है, वे संचालक सभी नियमों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने के बाद जिला प्रबंधक से संपर्क कर सकते हैं। जांच और संतुष्टि के पश्चात ही संबंधित सीएससी आईडी को पुनः सक्रिय करने पर विचार किया जाएगा।
सीएससी में मिलती हैं ये सुविधाएं
कॉमन सर्विस सेंटर केंद्र सरकार के डिजिटल इंडिया अभियान के तहत संचालित किए जाते हैं। इन्हें स्थानीय स्तर पर वीएलई संचालित करता है। सीएससी के माध्यम से सरकारी और निजी क्षेत्र की कई सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई जाती हैं। इसमें सीएससी का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को एक ही छत के नीचे विभिन्न सेवाएं उपलब्ध कराना है। इनमें प्रमुख रूप से जैसे सरकारी योजनाओं से जुड़ी सेवाएं, प्रमाण पत्र व दस्तावेजों के लिए आवेदन, डिजिटल भुगतान व ऑनलाइन आवेदन, बैंकिंग और बीमा सेवाएं, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से जुड़ी सुविधाएं शामिल हैं।