संवाद न्यूज एजेंसी
यमुनानगर। ताजकपुर गांव में यूरिया के सील अवैध गोदाम रखवाली कर रहे होमगार्ड व फैक्टरी के चौकीदार को 15 बदमाशों ने बंधक बना लिया। बदमाशों ने होमगार्ड के साथ मारपीट की और उनके मोबाइल छीन लिए। इसके बाद आरोपी गोदाम से यूरिया के 120 बैग ट्रैक्टर-ट्राली में लूट कर भाग गए। घटना के बाद घायल होमगार्ड को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पुलिस ले बदमाशों पर केस दर्ज कर लिया।
कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. आदित्य डबास व उनकी टीम ने आठ मई को ताजकपुर में कृषि योग्य यूरिया के अवैध गोदाम को पकड़ा था। गोदाम में यूरिया के 2461 बैग थे। थाना सदर यमुनानगर ने इस संबंध में केस भी दर्ज किया था। तभी से गोदाम की सुरक्षा में दो-दो होमगार्ड को शिफ्टों में लगाया गया था। सोमवार रात गोदाम पर तैनात होमगार्ड अंकित ने बताया कि वह रात को गोदाम पर ड्यूटी पर था।
उसके साथ ड्यूटी करने वाला होमगार्ड कुलदीप तबीयत खराब होने की वजह से नहीं आया था। रात को साथ ही स्थित फैक्टरी का चौकीदार जगतार सिंह उसके पास आ गया था। रात लगभग एक बजे अचानक 15 नकाबपोश बदमाश उनके पास आकर रूके। आते ही बदमाशों ने मोबाइल छीन लिए। विरोध करने पर एकदम से हमला किया। बदमाशों के हाथ में राड व डंडे थे। उन्होंने डंडों व राॅड से पीटा और बंधक बना लिया।
इसके बाद बदमाशों ने ट्रैक्टर-ट्राली में खाद के बैग लोड किए और भाग निकले। होमगार्ड अंकित का मेडिकल कराया गया, क्योंकि सबसे अधिक चोट उसे ही लगी है। सदर यमुनानगर थाना प्रभारी कृष्ण कटारिया ने बताया कि मामले में केस दर्ज किया गया है। टीमें तफ्तीश कर रही है। जांच में सामने आया कि 120 बैग बदमाश लूट कर ले गए हैं।
वर्ष 2022 में पंजेटो से चोरी हुई थी यूरिया
इसी तरह से यूरिया के चोरी होने की वारदात जनवरी 2022 में जगाधरी के पंजेटो गांव में हुई थी। तब 27 दिसंबर 2021 को कृषि विभाग की टीम ने अवैध रूप से यूरिया से भरी गाड़ी को छछरौली में पकड़ा था। इस पर कृषि विभाग के क्वालिटी कंट्रोल इंस्पेक्टर की शिकायत पर छछरौली थाना में केस दर्ज किया गया था। आरोपी से पूछताछ के बाद पंजेटो में होटल के गोदाम पर छापा मारा गया था. जहां से 1520 यूरिया बैग मिले थे। पुलिस ने गोदाम को सील कर दिया था। इस सील गोदाम से ही यूरिया के 1167 बैग चोरी हो गए थे।
बड़ा प्रश्न... 2461 में से 120 बैग ही क्यों लूटे
ताजकपुर में जिस गोदाम पर यह वारदात हुई उसमें कृषि योग्य यूरिया के 2461 बैग रखे हैं। इनमें से केवल 120 बैग यूरिया की ही लूट की गई है। यही सवाल हर किसी की समझ से परे है कि हजारों बैग में से नाममात्र यूरिया को ही क्यों लूटा गया।
जनवरी 2024 में खत्म हो चुका था लाइसेंस
ताजकपुर में गोदाम दहिया खाद भंडार नजदीक रतनपुरा के नाम से है। इस नाम के अनुसार गोदाम रतनपुरा गांव में गोदाम होना चाहिए था। लेकिन, यह गोदाम ताजकपुर के रकबा में बनाया गया था। दहिया खाद भंडारा का लाइसेंस सतीश के नाम पर था, जो जनवरी 2024 में खत्म हो गया था।