संवाद न्यूज एजेंसी
छछरौली। क्षेत्र के मोहिद्दीनपुर गांव में शनिवार को लगी आग की चपेट में आकर करीब 12 छान (झोपड़ियां) जलकर राख हो गई और एक पक्का घर भी आग की चपेट में आ गया। इस अग्निकांड में ग्रामीणों के अनुसार लगभग 50 लाख रुपये का नुकसान हुआ है। वहीं आग लगने की घटना के बाद पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल बन गया।
ग्रामीण जन्नत, जगीरा और फतेहदीन ने बताया कि गांव के पीछे स्थित जंगल में कुछ दिनों पहले आग लगी थी। आग शांत होने के बाद भी सुलग रही थी। तेज हवा के चलते सुलग रही आग से उड़ी चिंगारियां छानों पर आ गिरी, जिससे आग लग गई देखते ही देखते कई छाने आग की लपटों में घिर गए।
छानों में रखा पशुओं का चारा, मशीनें, पंखे व अन्य कीमती सामान जलकर राख हो गया। आग लगने के बाद ग्रामीणों ने खुद ही आग बुझाने का प्रयास शुरू किया और करीब चार घंटे तक लगातार मशक्कत करते रहे। सूचना मिलने पर एसडीआरएफ और छछरौली पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि दमकल विभाग के कर्मचारी आधी आग बुझा कर ही लौट गए, जिससे आग पूरी तरह काबू में नहीं आ सकी।
घटना के चार घंटे बाद भी आग पर पूरी तरह नियंत्रण नहीं पाया जा सका। ग्रामीणों ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि समय पर और पूरी तैयारी के साथ राहत कार्य होता तो नुकसान कम हो सकता था। पीड़ित परिवारों ने प्रशासन से उचित मुआवजे की मांग की है, जिससे वह अपना परिवार चला सकें।
मोहिद्दीनपुर गांव की छानों में में लगी आग से उठती लपटे। संवाद
मोहिद्दीनपुर गांव की छानों में में लगी आग से उठती लपटे। संवाद