संवाद न्यूज एजेंसी
साढौरा (यमुनानगर)। सामक (स्वांक) के चावलों के आटे से बने पकवान खाकर बीमार होने का सिलसिला थम नहीं रहा है। साढाैरा के अलावा अब कनीपला, सादिकपुर व टूंडे की टपरियां में लोग स्वांक खाकर उल्टी, दस्त व पेट दर्द की तकलीफ से जूझ रहे हैं। इन जगहों से 11 नए मरीजों को उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र साढौरा में भर्ती कराया गया। इसी के साथ ही बीमार होने वाले लोगों का आंकड़ा अब 104 तक पहुंच गया है। वहीं बीमार लोगों की हालत में तेजी से सुधार हुआ है।
जिन 11 लोगों मेघा, हिमांशी, दीपक, वीरेंद्र सिंह, राजमती, सीमा, धर्मवीर, प्रीतो देवी, प्रदीप, तन्नु, तमसा को अस्पताल में भर्ती कराया गया वह साढौरा की वाल्मीकि बस्ती, सरांवा, कनीपला, सादिकपुर व टूंडे की टपरियां के रहने वाले हैं। सीएचसी की चिकित्सक डॉ. सुमिता नागर ने बताया कि इन सभी मरीजों की हालत में सुधार होने के कारण इन्हें अब चिकित्सक निगरानी में रखा गया है।
मरीजों का सीएचसी पहुंचने का सिलसिला जारी रहने से लगता है कि अभी खतरा टला नहीं है। ऐसे लोग भी होंगे जो इस स्वांक को खरीद कर तो ले गए होंगे, लेकिन अभी तक उन्होंने इससे कोई पकवान नहीं बनाया हो। लोगों में अब इतना डर है कि वह सामक व सिंघाड़े का आटा खरीदने से भी डर रहे हैं। लोग इनकी जगह फलाहार ले रहे हैं। वहीं एक साथ इतने लोगों के बीमार होने के बाद ज्यादातर दुकानदारों ने इस सामक को नष्ट करना शुरू कर दिया है। कोई बेच रहा है तो गुपचुप तरीके से।
नवरात्र से पहले नहीं लिए सैंपल : एक साथ इतने लोगों के बीमार होने के पीछे कहीं न कहीं स्वास्थ्य विभाग भी कम जिम्मेदार नहीं है। अधिकारियों को पता है कि हर साल ऐसे खाद्य पदार्थ खाने से कहीं न कहीं लोगों के बीमार होने के मामले सामने आते हैं। इसके बावजूद कभी नवरात्र से पहले दुकानों से ऐसे पदार्थों के सैंपल नहीं लिए जाते। जिसका खामियाजा लोगों को भुगतना पड़ रहा है। जांच में यह भी सामने आया है कि पुराना स्टॉक मिलाकर बेचा गया था। इससे मिलावट किए जाने पर भी मुहर लग गई है।
एसडीएम ने दिए स्टॉक को नष्ट करने के निर्देश
उपमंडल व्यासपुर के एसडीएम जसपाल सिंह गिल ने व्रतधारियों को इस तरह के पदार्थों का सेवन न करने की सलाह दी। साथ ही उन्होंने दुकानदारों को भी निर्देश दिए हैं कि अगर उनके पास ऐसा कोई स्टॉक है तो उसे बेचने के बजाय नष्ट कर दें। पुनरावृति होने पर प्रशासन कड़ी कार्रवाई करेगा।