संवाद न्यूज एजेंसी
जगाधरी। शहर के प्राचीन सिद्ध पीठ श्री मूर्ति देवी मंदिर में मां भवानी के दर्शन के लिए पूरा वर्ष श्रद्धालुओं का जमावड़ा लगा रहता है, परंतु नवरात्र में इसकी महत्ता कहीं अधिक बढ़ जाती है। इसका कारण मंदिर में 61 वर्षों से जल रही माता की अखंड ज्योत है। जिसके दर्शन करने के लिए जिले से ही नहीं बल्कि दूसरे जिलों व प्रदेशों से भी सैकड़ों श्रद्धालु आते हैं।
मान्यता है कि नवरात्र में यहां पूजा करने आने वाले श्रद्धालुओं में किसी न किसी श्रद्धालु को दर्शन देने के लिए यहां आती हैं। यमुनानगर-जगाधरी रेलवे स्टेशन के नजदीक स्थित प्राचीन सिद्ध पीठ श्रीमूर्ति देवी मंदिर में प्रतिदिन सैकड़ों श्रद्धालु यहां पहुंच कर 61 वर्ष से जल रही मां की 11 अखंड ज्योति के दर्शन कर रहे हैं। नवरात्र में इस मंदिर पहुंचकर माता रानी के दर्शन करने के लिए श्रद्धालुओं में काफी उत्साह देखने को मिल रहा है। नवरात्र उत्सव के लिए मंदिर रंग-बिरंगी लाइटों व फूलों से सजया गया है।
श्रीमूर्ति देवी मंदिर का निर्माण करीब 135 वर्ष पहले जगाधरी के लाला श्याम लाल ने करवाया था। उस समय मंदिर स्थल व आसपास जंगल था और यमुनानगर को अब्दुल्लापुर के नाम से जाना जाता था। बताते हैं कि एक दिन मां ने लाला श्याम लाल के स्वप्न में दर्शन देकर माता रानी ने मंदिर निर्माण के लिए आशीर्वाद दिया था। इसके बाद लाला श्याम लाल ने अब्दुल्लापुर में माता बाला सुंदरी के मंदिर का निर्माण करवाया।