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Yamuna Nagar News: शहर की 100 अवैध कॉलोनियां होंगी वैध, विकास को मिलेगी रफ्तार

Tue, 15 Oct 2024 05:00 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, यमुना नगर
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राहुल शर्मा
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यमुनानगर। शहर की करीब 100 कॉलोनियां जल्द वैध होने की उम्मीद है। इसका प्रस्ताव सरकार को भेजा जा रहा है। हालांकि यह प्रस्ताव जुलाई में ही तैयार हो चुका था, पर विधानसभा चुनाव की घोषणा के चलते आचार संहिता लगने से यह प्रक्रिया लटक गई थी। अब चुनाव संपन्न होने पर उक्त कॉलोनियों को वैध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है।
नगर निगम यमुनानगर-जगाधरी के अंतर्गत वर्ष-2018 में 69 कॉलोनियां वैध की गईं। इसके बाद वर्ष 2023 में पहले अप्रैल को 35 फिर अगस्त में 36 कॉलोनियां वैध की गईं। अन्य अवैध कॉलोनियां व क्षेत्र को वैध कराने के लिए निगमायुक्त आयुष सिन्हा ने ड्रोन सर्वे सहित मार्किंग का निर्णय लिया था।
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वैध होने की शर्तें पूरी करने वाली कॉलोनियों व क्षेत्र को वैध करने का प्रस्ताव सरकार को भेजा जाए। अक्टूबर-2023 में अनुमानित 48.35 लाख के खर्च पर सर्वे कराने को नगर निगम ने ई टेंडर लगाया और एजेंसी से ड्रोन सर्वे सहित मार्किंग व जीआईएस (जियोग्राफिक इंफॉर्मेशन सिस्टम) का काम कराया। इसके जरिए करीब सौ कॉलोनियां अवैध चिह्नित की गईं।
अभी तक अवैध होने के कारण उक्त कॉलोनियों में मूलभूत जरूरतें पूरी नहीं हैं। साथ ही अन्य विकास कार्य भी नहीं हो पाए हैं। इससे करीब एक लाख की आबादी प्रभावित है। इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग गलियों, नालियों व सीवरेज की समस्याएं लेकर नगर निगम व जनस्वास्थ्य एवं जलापूर्ति अभियांत्रिकी विभाग के पास जाते हैं।
कॉलोनियां अवैध होने के कारण अफसर चाहकर भी समाधान नहीं कर पाते हैं। कॉलोनियां वैध होने से यह परेशानी नहीं होगी और यहां मूल जरूरतें व विकास कार्य कराए जा सकेंगे।बैंक कॉलोनी के साथ लगती कॉलोनियों के लोगों में राजेंद्र, मेघराज, राजीव ने बताया कि करीब दो दशक से कॉलोनियों बसी हैं, बावजूद इसके इन्हें अभी तक वैध नहीं किया गया।
इन कॉलोनियों में पक्की गलियां, नालियां, स्ट्रीट लाइट व अन्य सुविधाएं नहीं हैं। जबकि निवासियों से टैक्स लिए जा रहे हैं। जब भी संबंधित विभागों के अफसरों के पास कच्ची गलियों-नालियों व अन्य समस्याएं लेकर जाते है तो वह कॉलोनी अवैध बताकर पल्ला झाड़ देते हैं। बारिश के दिनों में कच्ची गलियों में जल निकासी न होने से कई दिन तक कीचड़ के हालात हो जाते हैं। इससे बीमारी का खतरा है। संवाद
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कॉलोनियों को वैध करने का प्रस्ताव तैयार है, जिस पर मंजूरी पर यह वैध होंगी। इसके बाद कॉलोनियों में जरूरी विकास कार्य कराए जा सकेंगे। - आयुष सिन्हा, आयुक्त, नगर निगम।
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