जिला नागरिक अस्पताल के ट्रामा सेंटर में मंगलवार को मरीज रंजीत की मौत के बाद परिजनों ने डॉक्टरों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। मृतक मूल रूप से बिहार के बेगूसराय का निवासी बताया जा रहा है। परिजनों का आरोप है कि गंभीर हालत में रंजीत को ट्रामा सेंटर लाया गया था, लेकिन डॉक्टरों ने उनका ठीक से उपचार नहीं किया और सीधे मृत घोषित कर दिया।
मृतक की पत्नी ने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उसके पति को ठीक से देखा तक नहीं। उन्होंने बताया कि ट्रामा सेंटर में रंजीत को बेड पर उल्टी भी हुई, लेकिन इसके बावजूद चिकित्सक ने उपचार शुरू करने के बजाय उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्नी का कहना है कि डॉक्टरों ने न तो कोई इंजेक्शन दिया और न ही कोई दवा दी।
मृतक के परिजनों का आरोप है कि ट्रामा सेंटर में मरीज को उपचार देने के बजाय उन्हें बाहर जाने के लिए कह दिया गया। परिजनों ने कहा कि वे अपने मरीज को बचाने की उम्मीद लेकर अस्पताल पहुंचे थे, लेकिन डॉक्टरों के रवैये से उन्हें काफी निराशा हुई। मृतक की पत्नी ने पूरे घटनाक्रम को चिकित्सकीय लापरवाही बताते हुए जांच की मांग की।
घटना के बाद परिजनों ने ट्रामा सेंटर के बाहर काफी देर तक हंगामा किया। उनका आरोप है कि इस दौरान अस्पताल प्रबंधन की ओर से कोई डॉक्टर या अधिकारी मौके पर सामने नहीं आया। इससे परिजनों में रोष और बढ़ गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
हालांकि, मामले में अभी तक अस्पताल प्रबंधन या संबंधित चिकित्सक की ओर से आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। मरीज की मृत्यु का वास्तविक कारण और लापरवाही के आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।