हरियाणा के जिला सिरसा पुलिस की ओर से दुराचार के आरोपी को क्लीन चिट दिए जाने से आक्रोशित ग्रामीणों ने पंचायत में मामला उठाया है।
पंचायत ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए पुलिस को सात दिन का अल्टीमेटम दिया है। इसके साथ ही चेतावनी दी है कि अगर कार्रवाई न की गई तो थाने का घेराव किया जाएगा।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने मिलीभगत कर मामले को रफा-दफा किया। गांव की युवती 27 जून को अपनी सहेली के साथ विवाह समारोह में हिस्सा लेने गई थी।
इसी समारोह में हिस्सा लेने आया गांव आनंदगढ़ निवासी रणदीप बैनीवाल युवती को जबरन उठाकर पास के खेत में ले गया और उससे दुराचार किया।
इसके बाद युवती ने थाना बड़ागुढ़ा में अपनी शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपी के खिलाफ दुराचार का केस दर्ज कर लिया।
पुलिस ने केस तो दर्ज कर लिया, लेकिन आरोपी को गिरफ्तार करने का प्रयास तक नहीं किया। पीड़ित परिवार एएसपी और बड़ागुढा थाना प्रभारी से गुहार लगाता रहा, लेकिन पुलिस अधिकारियों ने पीड़िता की एक नहीं सुनीं।
पीड़िता के पिता का कहना है कि पुलिस अधिकारियोें ने आरोपियों से मिलीभगत कर मामले को रफा-दफा कर दिया। इसके बाद पुलिस के रवैये से नाराज ग्रामीणों ने एकजुट होकर बुधवार को महापंचायत आयोजित की।
महापंचायत में फैसला लिया गया कि अगर सात दिनों के अंदर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो पुलिस अधिकारियों और थाने का घेराव किया जाएगा।
सरपंच जगतार सिंह ने कहा कि दुराचार के आरोपी गांव आनंदगढ़ निवासी रणदीप बैनीवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस अधिकारियों को सात दिन का अल्टीमेटम दे दिया गया है।
अगर इस दौरान आरोपी के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो पंचायत अगला कदम उठाएगी।
उधर, एएसपी राजेंद्र कुमार मीणा का कहना है कि पुलिस जांच में आरोपी बेकसूर पाया गया है। इसी आधार पर पुलिस ने केस रद्द कर दिया है।