गत पांच जुलाई से चल रही लिपिक एसोसिएशन की हड़ताल को लेकर मंगलवार को तीसरी बार सरकार व एसोसिएशन की दोपहर को सचिवालय में बैठक होगी। क्लर्क एसोसिएशन सरकार के सकारात्मक रुख के बावजूद अपने 35,400 के मानदेय पर अड़ी है। एसोसिएशन का कहना है कि इससे कम लिपिकों को कुछ भी स्वीकार नहीं हैं। उधर, आज की बैठक में ही सरकार के आधिकारिक रुख का पता चल सकेगा। हड़ताल के कारण लगभग 55,000 रजिस्ट्री लंबित हैं, जिनके लिए लगभग 4500 करोड़ रुपये का लेन-देन प्रभावित है।
लोगों को रजिस्ट्री न होने के कारण काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। विभागीय जानकारी के अनुसार पूरे प्रदेश में लगभग एक लाख 20 हजार लाइसेंस जैसे कागजात बनाए जाने लंबित हैं। इसी प्रकार से कई अन्य विभागों में हड़ताल के कारण परेशानी आ रही है। लिपिक एसोसिएशन के प्रधान विक्रांत ने कहा कि लिपिक केवल अपनी 35,400 की मांग पूरी करवाना चाहते हैं। इसके लिए उनके पास पूरे तथ्य हैं। बुधवार को होने वाली बैठक में ये तथ्य रखे जाएंगे। सचिवालय में दोपहर को यह बैठक होगी।
दो बैठकें रहीं हैं बेनतीजा
अब तक सरकार के साथ दो बैठकें हड़ताली कर्मचारियों की हो चुकी हैं। 13 जुलाई को पहली बैठक सीएम के ओएसडी जवाहर यादव के आवास पर व पिछली बैठक 21 जुलाई को हुई थी। जिसमें सीएम के ओएसडी जवाहर यादव के साथ लघु सचिवालय में लंबी चर्चा हुई थी। इसमें भी कोई समाधान नहीं निकल पाया।