ग्रामीणों व जिला प्रशासन ने तुरंत मौके पर पहुंचकर कटाव को रोकने की पहल की। सूचना मिलने के बाद सिंचाई विभाग के एसई आरके बोडवाल व एक्सईएन गुलशन टीम के साथ मौके पर पहुंचे। एसई आरके बोडवाल ने बताया कि टीम लगातार यमुना क्षेत्र से लगते गांव के लिए बनाए गए बांध पर निरीक्षण कर रही है। कटाव की सूचना पर उसे तुरंत भर दिया गया।
पानी में फंसे ग्रामीणों को बचाकर बाहर निकाला
वहीं बाद में गांव भैरा बांकीपुर के पास यमुना में कटाव हो गया। जिससे गांव के खेतों की दो हजार एकड़ से अधिक फसल जलमग्न हो गई। वहीं पानी गांव की तरफ बढऩे लगा। इसी बीच खेतों में काम कर रहे 11 लोग व महिलाएं पानी में फंसने की सूचना मिली। जिस पर गांव से सरपंच के पति जयराम शर्मा व अन्य ग्रामीण मौके पर पहुंचे। जेसीबी की मदद से कटाव रोका गया। प्रशासनिक अमले की मदद से पानी में फंसे ग्रामीणों को बचाकर बाहर निकाला गया।
यमुना क्षेत्र के गांव दहिसरा, भैरा बांकीपुर, खुर्मपुर, मनौली, टोंकी, पबसरा, टांडा, झुंडपुर, जाजल, गढ़ मिरकपुर, नांदनौर, टिकौला आदि के ग्रामीणों को प्रशासन ने अलर्ट कर दिया है। इन गांवों के खेतों में पांच हजार एकड़ से अधिक भूमि में पानी भर गया है। जिससे किसानों को भारी नुकसान की आशंका है। खेतों में लगे ट्यूबवेल के कमरों में पानी भरा हुआ है।
गांव जाजल के पास यमुना किनारे रेनीवेल स्थापित कर वहां से सोनीपत में आधे शहर में पेयजल की सप्लाई जाती है। यमुना में आए पानी के कारण गांव जाजल के पास बिजली में फाल्ट आ गया। बाद में पानी भरने से 14 खंभे टूट गई और कई पेड़ भी टूट गए। जिससे अब पानी उतरने के बाद ही फाल्ट को दूर किया जा सकेगा। जिसके चलते आधे शहर में पानी का संकट खड़ा हो सकता है।
कई दिन पेयजल की परेशानी
नगर निगम मेयर ने यमुना के जाजल घाट पर निरीक्षण करने के बाद जानकारी दी कि शहर में अभी कई दिन पेयजल की परेशानी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील करते हुए कहा कि पानी का कम से कम प्रयोग करें। उन्होंने बताया कि फिलहाल मुरथल में लगाए गए ट्यूबवेल से पेयजल की सप्लाई की जाएगी। साथ ही जिन कॉलोनियों में ट्यूबवेल का पानी नहीं जाएगा वहां टेंकर भेजकर पानी की सप्लाई कराई जाएगी।