फोटो 43: सोनीपत के ऋषि नगर स्थित आर्य समाज में लोहड़ी पर्व पर हवन करते आर्य समाजी। स्रोत: पाठक
- फोटो : सुरीर से पहुंचे परिजन डीएम कार्यालय के आगे विलाप करते हुए।
सोनीपत। ऋषि नगर स्थित आर्य समाज में सोमवार को लोहड़ी पर्व मनाया गया। पानीपत से पहुंचे मुख्य वक्ता सानंद आर्य ने बताया जीवन निर्माण के लिए पांच प्रकार ब्रह्म यज्ञ, देव यज्ञ, पितृ यज्ञ, अतिथि यज्ञ और बलि वैश्य यज्ञ करना अनिवार्य है। यज्ञ से प्रदूषण की समाप्ति, रोगों का निवारण और शुभ मनोकामनाओं की पूर्ति होती है जिससे स्वर्गमय संसार बनता है। यज्ञ के ब्रह्मा सतप्रकाश आर्य ने बताया कि प्रत्येक व्यक्ति सुख चाहता है। सुख या दुख तीन कारणों से मिलता है, जिसमें विचार, व्यवहार और कर्म मुख्य हैं। यदि मनुष्य के तीनों कर्म श्रेष्ठ होंगे तो सुख और विपरीत होंगे तो दुखों की प्राप्ति होगी। हम सब सुकर्मों से ही अपना जीवन निर्माण कर सकते हैं। मंच संचालन वैदिक प्रवक्ता हरिचंद स्नेही ने किया। इस दौरान महेंद्र शास्त्री, महात्मा वेदमुनि, प्राची, दीक्षा आर्य, रामस्वरूप, राजेंद्र तनेजा, अर्जुन देव दुरेजा, जवाहरलाल बत्रा, हरबंस अरोड़ा भी मौजूद रहे।