सोनीपत। साल 2018 में तीन जिलों के 36 निजी स्कूलों को दी गई मान्यता को शिक्षा निदेशालय ने गलत बताया है। निदेशालय ने उन्हें नए सिरे से स्थायी मान्यता के लिए ऑनलाइन आवेदन करने के लिए निर्देश दिए हैं। इन स्कूलों में सोनीपत जिले के 12 स्कूल शामिल हैं।
शिक्षा निदेशालय ने तीनों जिलों के जिला शिक्षा अधिकारी को पत्र जारी कर इस संबंध में निर्देश देने के साथ निर्धारित समय में यदि निर्देशों का पालन नहीं किया गया तो स्कूलों की मान्यता रद्द कर दी जाएगी। इससे संबंधित स्कूलों की मुश्किल बढ़ गई हैं।
शिक्षा अधिकारियों का कहना है कि सरकार ने साल 2018 में स्कूलों के मान्यता संबंधी कार्य को पूरा करने की जिलास्तर पर कमेटियां बनाई गई थी। इन कमेटियों का अध्यक्ष उपायुक्त को बनाया गया था। कमेटी में जिला शिक्षा अधिकारी सहित अन्य अधिकारियों को शामिल किया गया था।
बताया जा रहा है कि कुछ समय बाद सरकार ने इन नियम को खत्म करते हुए डीसी व डीईओ से मान्यता देने संबंधी शक्तियां वापस ले ली थी। बताया जा रहा है कि जिला शिक्षा अधिकारी ने शक्तियां नहीं होने के बावजूद स्कूलों को मान्यता दे दी। जिसे करीब पांच साल बाद अब शिक्षा निदेशालय ने गलत बताया है।
आवेदन के लिए तीन माह का समय दिया
जिला शिक्षा अधिकारी को भेजे गए पत्र के साथ स्कूलों की सूची भी जारी की गई है। जिसमें स्कूल का नाम व मान्यता दिए जाने की तिथि दर्ज है। इन स्कूलों को जून 2018 से अक्तूबर 2018 के बीच मान्यता दी गई है। शिक्षा निदेशालय ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि इन स्कूलों को स्थायी मान्यता के लिए नए सिरे से ऑनलाइन आवेदन करवाएं। इसके लिए स्कूलों को तीन माह का समय दिया गया है।
जिले के शामिल 12 स्कूलों में हो चुके हैं दाखिले
नए शैक्षणिक सत्र में सभी स्कूलों में दाखिला प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है। ऐसे में स्कूलों की मान्यता को लेकर उठे विवाद ने स्कूलों के साथ ही अभिभावकों की भी मुश्किल बढ़ा दी है। इन स्कूलों में सोनीपत खंड के 5, गन्नौर और मुरथल क्षेत्र के दो-दो और गन्नौर, खरखौदा व राई के एक-एक स्कूल शामिल हैं। वहीं स्कूल संचालकों ने इस कदम को गलत बताया है। स्कूल संचालकों का कहना है कि अगर शिक्षा अधिकारियों को किसी स्कूल में गड़बड़ी मिलती है तो वह जांच कर सकती है।
नियमों के अनुसार ही की गई थी प्रक्रिया
तत्कालीन जिला शिक्षा अधिकारी जिले सिंह का कहना है कि साल 2018 में कुछ समय के लिए उपायुक्त की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया था, जिसके वह स्वयं भी सदस्य थे। स्कूलों को मान्यता देने के लिए कमेटी को शक्तियां दी गई थीं। उस समय शिक्षा निदेशालय की तरफ से मिले निर्देशों के अनुसार ही मान्यता दी गई थी। सभी कार्य नियमों के अनुसार किए गए हैं।
शिक्षा निदेशालय ने जिले के कुछ स्कूलों को मान्यता संबंधित आवेदन नए सिरे से ऑनलाइन करने के निर्देश दिए हैं। संबंधित स्कूलों को इस बारे में अवगत करा दिया है। -नवीन गुलिया, जिला शिक्षा अधिकारी, सोनीपत