सांसद बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग के लिए पहलवान दिल्ली में जंतर-मंतर पर धरना दे रहे हैं। उनका धरना प्रदर्शन 23 अप्रैल से जारी है। यह 23 मई को एक माह हो जाएगा। ऐसे में पहलवानों ने एक माह पूरा होने पर दिल्ली में इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया है। इसके लिए उन्होंने देशवासियों से साथ व सहयोग मांगा है। इसके लिए उन्होंने सोशल मीडिया पर अपील पोस्ट की है।
पहलवानों ने जनवरी में कड़़ाके की ठंड के बीच दिल्ली के जंतर-मंतर पर आकर माहौल को गर्म कर दिया था। पहलवानों ने धरना देते हुए भारतीय कुश्ती संघ के तत्कालीन अध्यक्ष बृजभूषण शरण सिंह पर गंभीर आरोप लगाए थे। यहां तक की यौन शोषण तक के आरोप लगाने के बाद केंद्रीय खेल मंत्री से मिले जांच के आश्वसन पर पहलवानों ने धरना समाप्त कर दिया था।
उसके बाद कोई कार्रवाई नहीं होने पर एक बार फिर से 23 अप्रैल को पहलवान दिल्ली के जंतर-मंतर पर आ डटे थे। जिसके बाद धरने पर बैठे पहलवानों को हर किसान, खाप व राजनेताओं का भी समर्थन मिला है। मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा।
कोर्ट के आदेश पर मामले में बृजभूषण शरण सिंह पर यौन शोषण समेत दो मुकदमे दर्ज हुए। उसके बाद से पहलवान उनकी गिरफ्तारी की मांग कर रहे है। हालांकि गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। अब 23 माह को उनके धरने का एक माह होने वाला है।
उसके बाद भी उनकी बृजभूषण शरण सिंह की गिरफ्तारी की मांग नहीं माने जाने से पहलवानों ने अब इंडिया गेट पर कैंटर मार्च निकालने का आह्वान किया है। इसके लिए देशभर के लोगों से सहयोग मांगा गया है।
सोशल मीडिया पर साझा की गई पोस्ट में ओलंपिक पदक विजेता साक्षी मलिक ने कहा कि उनका धरना-प्रदर्शन एक माह से जारी है। अभी तक सुनवाई नहीं हुई है। ऐसे में 23 मई को दिल्ली के इंडिया गेट पर कैंडल मार्च निकालने का निर्णय लिया है। सभी को इस मार्च में शामिल होकर बेटियों को इंसाफ मिलना चाहिए। साक्षी मलिक ने महम चौबीसी के मंच से भी सभी लोगों से कैंडल मार्च के लिए सहयोग मांगा।
बजरंग पूनिया ने अपील की कि बेटियों का हौसला बढ़ाएं। एक माह से अभी तक कोई हल नहीं निकल सका है। ऐसे में सभी को बेटियों का साथ देना चाहिए। जिससे इन्हें न्याय मिल जाए।
विनेश फोगाट ने कहा कि बेटियों को सभी के सहयोग व समर्थन की आशा है। 23 मई के कैंडल मार्च में सभी अपना साथ दें। जिससे हम सभी बेटियों को न्याय पाने में मदद मिल सके।
संगीता फोगाट ने कहा कि इस न्याय की लड़ाई में जितना अधिक से अधिक सहयोग दे सकते हैं जरूर दें। ज्यादा से ज्यादा संख्या में जंतर-मंतर पर आकर बेटियों की न्याय की लड़ाई से जुड़ें।