सोनीपत। अपने दांव से विरोधी पहलवानों को मैट पर पटखनी देने वाले मोंटी करीब 12 साल से गांव जुआं स्थित चौधरी खजान सिंह व्यायामशाला में कड़ा अभ्यास कर रहे हैं। गांव जुआं निवासी मोंटी अपनी प्रतिभा को निखारने के लिए प्रतिदिन पांच से छह घंटे अखाड़े में पसीना बहाते हैं।
पहलवान माेंटी ने बताया कि उनके किसान पिता कुलदीप का सपना है कि बेटा देश के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीते। पिता के सपने को पूरा करने के लिए वह जी-जान से जुटे हैं। उन्होंने बताया कि वह महज आठ साल की आयु से ही अखाड़े में कुश्ती के दांव पेच सीखने लगे थे। अब वह देश के लिए ओलंपिक में पदक जीतने का लक्ष्य लेकर अखाड़े में कड़ा अभ्यास करते हैं। उन्होंने बताया कि करीब डेढ़ साल पहले वह चोटिल हो गए थे। इससे उनका मनोबल थोड़ा कम हुआ था, लेकिन अपने सीनियर पहलवानों से प्रेरणा लेकर उन्होंने अब दोबारा अभ्यास करना शुरू किया है। ओलंपिक रजत व कांस्य पदक विजेता सुशील कुमार मोंटी के पसंदीदा पहलवान हैं।
यह हैं उपलब्धियां
पहलवान मोंटी ने राज्यस्तरीय कुश्ती प्रतियोगिता में 2017 में स्वर्ण, 2018 में रजत पदक, 2019 में स्वर्ण, 2022 में रजत व 2023 में कांस्य पदक जीता था। मोंटी ने 2019 में राष्ट्रीय कुश्ती प्रतियोगिता में प्रतिभागिता की थी। अब राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अपनी छाप छोड़ने को तैयार हैं।