सोनीपत। हरियाणा महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने आर्य समाज मंदिर में एक विवाहिता से शादी कर दूसरा विवाह करने का प्रयास करने वाले युवक के खिलाफ पुलिस को धोखाधड़ी का मामला दर्ज करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि महिलाओं के साथ इस प्रकार की धोखाधड़ी निंदनीय है। रेनू भाटिया सोमवार को लघु सचिवालय में आयोग को प्राप्त पीड़ित महिलाओं की शिकायतों की सुनवाई कर रही थीं। उन्होंने 10 शिकायतों में से 5 का समाधान किया। तीन की दोबारा जांच के आदेश दिए। 2 शिकायतों में कागजात पूरे न होने के कारण पुलिस अधिकारियों को मामले में गहनता से जांच करने की बात कही। उन्होंने कहा कि महिला आयोग कभी गलत का साथ नहीं देगा। निर्दोष को भी सजा नहीं होने देगा।
आयोग के समक्ष एक महिला ने शिकायत दी कि उसका पति दूसरी महिला के साथ रहने लगा था। जिसके बाद वह अपने रिश्ते में देवर के साथ रहने लगी और आर्य समाज मंदिर में शादी कर ली। जब देवर के घरवालों को पता लगा तो उन्होंने उसका विवाह दूसरी लड़की के साथ तय कर दिया, जिसे उसने तुड़वा दिया। अब देवर उनके साथ हुए विवाह को नहीं मान रहा है। इस मामले में रेनू भाटिया ने महिला के दूसरे पति को फटकार लगाते हुए पुलिस को निर्देश दिए कि उसके खिलाफ धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया जाए।
एक दूसरे मामले में मुरथल थाना क्षेत्र के ग्रामीण ने शिकायत दी कि पुलिस उनकी लापता 16 वर्षीय पुत्री की तलाश सही तरीके से नहीं कर रही। उसने एक व्यक्ति पर उसकी बेटी को बहकाकर ले जाने का आरोप लगाया। अध्यक्ष भाटिया ने इस मामले की दोबारा जांच के निर्देश दिए। साथ ही मामले के पूर्व जांच अधिकारी से भी पूछताछ करने के निर्देश दिए।
एनआरआई विवाहिता की दहेज व घरेलू हिंसा की शिकायत की सुनवाई करते हुए रेनू भाटिया ने पुलिस को निर्देश दिए कि विवाह के समय दूल्हे को दी गई कार तुरंत वापस दिलवाएं। उन्होंने दोनों पक्षों को विवाह में दिए गए तोहफों, सामान व आभूषण की भी सूची तैयार करने के निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से कनाडा में रह रही विवाहिता की सुनवाई के निर्देश दिए।
विवाहिता को सुरक्षा मुहैया करवाने के निर्देश
सोनीपत निवासी विवाहिता ने अपनी सुरक्षा को खतरे के साथ सुसराल पक्ष पर परेशान करने का आरोप लगाया। जिसकी सुनवाई करते हुए उन्होंने प्रोटेक्शन अधिकारी को निर्देश दिए कि वे विवाहिता को सुरक्षा उपलब्ध करवाते हुए ससुराल पक्ष को समझाएं। पुलिस को निर्देश दिए कि विवाहिता को घर में सीसीटीवी कैमरे लगवाने व ताले बदलवाने के लिए पुलिस की सहायता उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने विवाहिता के भाई के खिलाफ दर्ज मुकदमे में भी दोबारा जांच के निर्देश दिए।
बिल्डर के खिलाफ दर्ज किया जाए मुकदमा
रेनू भाटिया ने गुरुग्राम के भी एक मामले की सुनवाई की, जिसमें आरोपी पक्ष की ओर से एक अधिवक्ता प्रस्तुत हुए। इस पर अध्यक्ष ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए संगीता अरोड़ा की शिकायत पर आरोपी बिल्डर्स के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए, जिसके लिए उन्होंने स्वयं गुरुग्राम के संबंधित आला पुलिस अधिकारी से फोन पर बात की।
बाल विवाह के खिलाफ एकजुट होकर प्रयास करने की जरूरत
राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटिया ने लघु सचिवालय पहुंच उपायुक्त ललित सिवाच व पुलिस आयुक्त बी सतीश बालन से मुलाकात की और बाल विवाह व बढ़ते साइबर अपराध पर चर्चा की। उन्होंने कहा कि आधुनिकता के इस दौर में भी बाल विवाह की समस्या पूरी तरह समाप्त नहीं हुई है। आयोग बाल विवाह पर पूर्ण लगाम लगाने के लिए प्रयासरत है। इस सामाजिक बुराई को जड़ से खत्म करने के लिए एकजुट प्रयासों की जरूरत है। उन्होंने साइबर अपराधों पर भी चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि नवीनतम तकनीकों के दुरुपयोग ने साइबर अपराध को बढ़ावा दिया है, जिसे रोकना होगा। बाल विवाह व साइबर अपराधों को रोकने के लिए स्कूली स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें विषय विशेषज्ञों को आमंत्रित किया जाएगा। बच्चों को जागरूक करना जरूरी है, ताकि वह साइबर अपराध का शिकार होने से बच सकें और बाल विवाह को भी सामाजिक बुराई के रूप में समझ सकें।
फोटो 46- लघु सचिवालय में पीड़ित महिलाओंं की शिकायतें सुनती राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष रेनू भाटि